राजस्थान बजट 2026: मेडिकल हब बनेगा उदयपुर, खिलाड़ियों के लिए भी खुला खुशियों का पिटारा; जानें आपके लिए क्या है खास?

राजस्थान बजट 2026: मेडिकल हब बनेगा उदयपुर, खिलाड़ियों के लिए भी खुला खुशियों का पिटारा; जानें आपके लिए क्या है खास?

Rajasthan Budget 2026: राजस्थान सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत बजट ने मेवाड़ के चिकित्सा क्षेत्र की तस्वीर बदलने का खाका तैयार कर दिया है। संभाग के सबसे बड़े केंद्र, उदयपुर को स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए विशेष तरजीह दी गई है।

बजट में न केवल बुनियादी ढांचे के विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया गया है। बल्कि कैंसर उपचार और आपातकालीन सेवाओं के लिए आधुनिक तकनीक और सुरक्षा के मापदंडों को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

महाराणा भूपाल चिकित्सालय को मिली सौगात

महाराणा भूपाल चिकित्सालय को संभाग का सबसे उन्नत स्वास्थ्य केंद्र बनाने की दिशा में बड़ी घोषणाएं की गई। कैंसर उपचार में पीपीपी मॉडल- क्षेत्रीय कैंसर केंद्र को पीपीपी मोड पर उन्नत उपकरणों से लैस किया जाएगा। इससे दक्षिण राजस्थान के हजारों कैंसर रोगियों को अब उच्च स्तरीय रेडियोथेरेपी और डायग्नोस्टिक्स के लिए गुजरात या अन्य राज्यों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।

सर्जरी में वेटिंग का अंत- अस्पताल में 12 नए मॉडुलर ऑपरेशन थिएटर स्थापित किए जाएंगे। ये अत्याधुनिक ओटी न केवल सर्जरी की सफलता दर बढ़ाएंगे, बल्कि ऑपरेशन के लिए लगने वाली लंबी प्रतीक्षा सूची को भी कम करेंगे।

मरीजों और परिजनों के लिए ‘अटल’ सहारा

अस्पताल आने वाले मरीजों के परिजनों की पीड़ा को समझते हुए बजट में मानवीय सुविधाओं का विस्तार किया गया है। मेडिकल कॉलेज परिसर में एक अत्याधुनिक विश्राम गृह का निर्माण प्रस्तावित है, जो होटल जैसी आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा। साथ ही, ‘अटल आरोग्य फूड कोर्ट’ की स्थापना की जाएगी, जहां अस्पताल स्टाफ और तीमारदारों को रियायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण और स्वच्छ भोजन सुनिश्चित होगा।

इमरजेंसी रिस्पॉन्स और सुरक्षा का नया घेरा

सड़क दुर्घटनाओं और गंभीर मरीजों के लिए ‘गोल्डन ऑवर’ को प्रभावी बनाने हेतु उदयपुर में बेसिक लाइफ सपोर्ट ट्रेनिंग सेंटर खोला जाएगा। यह केंद्र न केवल स्वास्थ्य कर्मियों बल्कि आम नागरिकों को भी जीवन रक्षक कौशल में प्रशिक्षित करेगा।

अस्पतालों में हालिया वर्षों में बढ़ती भीड़ और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए सरकार ने उदयपुर के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों को सीधे अभय कमांड सेंटर से जोड़ने का निर्णय लिया है। इसके तहत पूरे परिसर की निगरानी सीसीटीवी और पुलिस कंट्रोल रूम के माध्यम से होगी, जिससे विशेषकर महिला स्टाफ और मरीजों की सुरक्षा पुख्ता होगी। इसके अतिरिक्त, अग्नि सुरक्षा के लिए 300 करोड़ के राज्यव्यापी कोष से उदयपुर में आधुनिक फायर डिटेक्शन सिस्टम लगाए जाएंगे।

सलूंबर और आयुर्वेद का विस्तार

उदयपुर संभाग के नवगठित जिले सलूंबर के आयुर्वेद चिकित्सालय को जिला आयुर्वेद चिकित्सालय में क्रमोन्नत किया गया है। यह कदम क्षेत्र में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और आयुष सेवाओं को घर-घर तक पहुंचाने में सहायक होगा।

बदलाव और फायदे

  • कैंसर रोगियों को राहत: अब रेडियोथेरेपी और डायग्नोस्टिक्स के लिए गुजरात या जयपुर जाने की जरूरत नहीं, सालाना हजारों मरीज सीधे एमबी हॉस्पिटल में इलाज करवा सकेंगे।
  • सर्जिकल सुविधा में सुधार: लंबी प्रतीक्षा सूची समाप्त होने से समय पर आपरेशन संभव होगा
  • मानवीय सुविधाएं: विश्राम गृह और फूड कोर्ट मरीजों और तीमारदारों के जीवन को आसान बनाएंगे।
  • आपातकालीन सेवाओं में तेजी: गोल्डन ऑवर ट्रेनिंग सेंटर और बेसिक लाइफ सपोर्ट प्रशिक्षण से सड़क दुर्घटनाओं में जीवनरक्षक मदद मिल सकेगी।
  • सुरक्षा में उन्नति: सीसीटीवी, अभय कमांड सेंटर और फायर डिटेक्शन सिस्टम से अस्पताल परिसर पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।
  • पारंपरिक चिकित्सा का विस्तार: सलूंबर जिला आयुर्वेद चिकित्सालय से आयुष सेवाओं का व्यापक प्रसार होगा।

2047 तक समृद्ध राजस्थान -स्वस्थ राजस्थान अवधारणा के अनुरूप राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत स्वास्थ्य बजट 2026 दूरदर्शिता और जनकल्याण की भावना से परिपूर्ण है। स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ करने, प्राथमिक से लेकर तृतीयक चिकित्सा सेवाओं के विस्तार, मानव संसाधन एवं आधुनिक तकनीक को प्रोत्साहन देने के प्रावधान अत्यंत सराहनीय हैं। यह बजट आमजन को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक सशक्त कदम है। राज्य सरकार का यह प्रयास प्रशंसा के योग्य है।
विपिन माथुर, प्रिंसिपल एव नियंत्रक आरएनटी मेडिकल कॉलेज, उदयपुर

दो खेलों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं

  • झीलों की नगरी में खेल और खिलाड़ियों का भविष्य सुविधाएं उज्ज्वल होगा, इस बात से इनकार नहीं किया जा सका। रीको और आरएसएमएम को दो खेलों के लिए विश्वस्तरीय विकसित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
  • ऐसे में आने वाले समय में दो खेलों की कई खेल प्रतिभाएं आगे बढ़ेगी और उदयपुर का नाम रोशन करेगी। बजट में उदयपुर जिले के लिए और भी कई घोषणाएं की गई हैं। मरीजों और उनके परिजनों के लिए ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उदयपुर में अत्याधुनिक विश्राम गृह स्थापित किया जाएगा।
  • उदयपुर में राजस्थान राज्य अभिलेखागार के नए भवन का निर्माण किया जाएगा। फहसागर रानी रोड की रेट्रोफिटिंग कार्य की डीपीआर के लिए 25 लाख का प्रावधान है। आईटीआई उदयपुर में मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल के ट्रेड्स शुरू करना प्रस्तावित है।
  • फॉरेंसिक साइंस लैब के सुदृढ़ीकरण करने से उदयपुर की रीजनल फॉरेंसिक साइंस लैब में साइबर फॉरेसिंक डिवीजन की स्थापना होगी। जैविक कृषि उत्पाद के लिए ऑर्गेनिक फूड मार्केट स्थापित होगा। हवना कुई (सरुपाल) में एनिकट, आमदरी (काया) में तालाब, हाइवे हाकडी नाल (काया) से आमदरी (चणबोरा) में सड़क निर्माण 2 करोड़ 95 लाख में होगा। सायरा में बिजली एईएन ऑफिस खुलेगा।

युवाओं को रोजगार, वनोपज की प्रोसेसिंग यूनिट

उदयपुर में चाइल्ड होम के लिए भवन उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदेश के जनजातीय युवकों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए आंवला, शहद, इमली, महुआ आदि के उत्पादों की प्रोसेसिंग के लिए उदयपुर जिला मुख्यालय पर माइनर फॉरेस्ट प्रोसेसिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा।

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