जयपुर। सीकर और भरतपुर जिलों में गत वर्ष कफ सिरप की खेप से मौत के आरोपों को राज्य सरकार ने अब पूरी तरह खारिज कर दिया है। राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (आरएमएससी) ने केयोंस फार्म की प्रतिबंधित 29 दवाओं की आपूर्ति पुनः प्रारंभ करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि प्रयोगशाला परीक्षण और गुणवत्ता विश्लेषण में दवाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई गई हैं, इसलिए लगाया गया अस्थायी प्रतिबंध हटाया जाता है।
रोकी गई दवाओं का वितरण शुरू करने के निर्देश
निगम की ओर से जारी दो अलग-अलग आदेशों में सभी जिला औषधि भंडारों, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों और चिकित्सा संस्थानों को रोकी गई दवाओं का वितरण पुनः शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया- क्यों लगाई थी रोक?
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक चरण में एहतियातन रोक लगाई गई थी। तर्क यह भी दिया गया है कि कई सरकारी अस्पतालों में दवा की कमी के कारण मरीजों को निजी दवा दुकानों से खरीदारी करनी पड़ी थी।
कफ सिरप से मौतों के मामले में विधानसभा में हुआ था हंगामा
गौरतलब है कि कफ सिरप से मौतों के मामले में राजस्थान विधानसभा के मौजूदा बजट सत्र के दौरान विपक्षी सदस्यों ने 3 फरवरी को सदन में हंगामा किया था।


