ठाकुरगंज को जल्द मिलेगी जाम से मुक्ति:39 रुपए करोड़ की बाईपास सड़क का निर्माण, मुख्यमंत्री यात्रा से पहले कार्य में तेजी

ठाकुरगंज को जल्द मिलेगी जाम से मुक्ति:39 रुपए करोड़ की बाईपास सड़क का निर्माण, मुख्यमंत्री यात्रा से पहले कार्य में तेजी

किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड में लंबे समय से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या से लोगों को जल्द राहत मिलने वाली है। करीब 39 करोड़ रुपये की लागत से बन रही ठाकुरगंज बाईपास सड़क का निर्माण कार्य अब युद्ध स्तर पर जारी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मार्च माह में संभावित यात्रा से पहले इस बाईपास के एक महत्वपूर्ण हिस्से को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर तेजी आई है। 4.5 किलोमीटर सड़क की लंबाई निर्माण कंपनी एचएफ मेहता इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के अभियंता सुरजीत कंनर ने बताया कि प्रस्तावित बाईपास सड़क की कुल लंबाई 4.5 किलोमीटर है। यह सड़क पटेशरी पंचायत के कटहलडांगी से शुरू होकर मुंशीभिट्टा कब्रिस्तान के रास्ते राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-327 ई (धर्मकांटा/चांदनी होटल) तक जाएगी। परियोजना की सभी तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। पथ निर्माण विभाग द्वारा तैयार विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के अनुसार, सड़क के दोनों ओर प्रभावी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। मार्ग पर 10 छोटे-बड़े कल्वर्ट भी बनाए जाएंगे, ताकि बरसात में जलजमाव की समस्या न हो। राजस्व ग्रामों से 15 एकड़ भूमि का अधिग्रहण इस परियोजना के लिए गोथरा, कनकपुर और अदरागुड़ी राजस्व ग्रामों से कुल 15 एकड़ 06 डिसमिल 600 वर्ग कड़ी भूमि का अधिग्रहण किया गया है। निर्माण का जिम्मा पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल किशनगंज द्वारा किया जा रहा है। ठाकुरगंज विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल ने बताया कि इस बाईपास का शिलान्यास मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी प्रगति यात्रा के दौरान किया था। उन्होंने कहा कि बाईपास बनने से न केवल ठाकुरगंज नगर को भीषण जाम से मुक्ति मिलेगी, बल्कि पूरे किशनगंज जिले की यातायात व्यवस्था मजबूत होगी। इससे व्यापार, परिवहन और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। जाम से मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी वर्तमान में नगर के मुख्य बाजारों और सड़कों पर लगने वाला जाम आम नागरिकों, व्यापारियों, छात्रों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशान करता है। इस बाईपास के बनने से इन सभी वर्गों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। प्रशासन ने मुख्यमंत्री की संभावित यात्रा को देखते हुए मुंशीभिट्टा कब्रिस्तान से एनएच-327ई तक के हिस्से पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए स्थानीय स्तर पर लगातार निरीक्षण भी हो रहे हैं। यह परियोजना ठाकुरगंज के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी, जो लंबे समय से जाम की समस्या से जूझ रहे इस इलाके को नई सड़क सुविधा प्रदान करेगी। किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड में लंबे समय से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या से लोगों को जल्द राहत मिलने वाली है। करीब 39 करोड़ रुपये की लागत से बन रही ठाकुरगंज बाईपास सड़क का निर्माण कार्य अब युद्ध स्तर पर जारी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मार्च माह में संभावित यात्रा से पहले इस बाईपास के एक महत्वपूर्ण हिस्से को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर तेजी आई है। 4.5 किलोमीटर सड़क की लंबाई निर्माण कंपनी एचएफ मेहता इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के अभियंता सुरजीत कंनर ने बताया कि प्रस्तावित बाईपास सड़क की कुल लंबाई 4.5 किलोमीटर है। यह सड़क पटेशरी पंचायत के कटहलडांगी से शुरू होकर मुंशीभिट्टा कब्रिस्तान के रास्ते राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-327 ई (धर्मकांटा/चांदनी होटल) तक जाएगी। परियोजना की सभी तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। पथ निर्माण विभाग द्वारा तैयार विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के अनुसार, सड़क के दोनों ओर प्रभावी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। मार्ग पर 10 छोटे-बड़े कल्वर्ट भी बनाए जाएंगे, ताकि बरसात में जलजमाव की समस्या न हो। राजस्व ग्रामों से 15 एकड़ भूमि का अधिग्रहण इस परियोजना के लिए गोथरा, कनकपुर और अदरागुड़ी राजस्व ग्रामों से कुल 15 एकड़ 06 डिसमिल 600 वर्ग कड़ी भूमि का अधिग्रहण किया गया है। निर्माण का जिम्मा पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल किशनगंज द्वारा किया जा रहा है। ठाकुरगंज विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल ने बताया कि इस बाईपास का शिलान्यास मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी प्रगति यात्रा के दौरान किया था। उन्होंने कहा कि बाईपास बनने से न केवल ठाकुरगंज नगर को भीषण जाम से मुक्ति मिलेगी, बल्कि पूरे किशनगंज जिले की यातायात व्यवस्था मजबूत होगी। इससे व्यापार, परिवहन और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। जाम से मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी वर्तमान में नगर के मुख्य बाजारों और सड़कों पर लगने वाला जाम आम नागरिकों, व्यापारियों, छात्रों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशान करता है। इस बाईपास के बनने से इन सभी वर्गों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। प्रशासन ने मुख्यमंत्री की संभावित यात्रा को देखते हुए मुंशीभिट्टा कब्रिस्तान से एनएच-327ई तक के हिस्से पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए स्थानीय स्तर पर लगातार निरीक्षण भी हो रहे हैं। यह परियोजना ठाकुरगंज के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी, जो लंबे समय से जाम की समस्या से जूझ रहे इस इलाके को नई सड़क सुविधा प्रदान करेगी।  

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