नालंदा में 17 फरवरी से शुरू होगी CBSE बोर्ड परीक्षा:जिले में कुल 13 सेंटर्स बनाए गए, 6200 परीक्षार्थी शामिल होंगे; स्कूल ड्रेस में आना अनिवार्य

नालंदा में 17 फरवरी से शुरू होगी CBSE बोर्ड परीक्षा:जिले में कुल 13 सेंटर्स बनाए गए, 6200 परीक्षार्थी शामिल होंगे; स्कूल ड्रेस में आना अनिवार्य

नालंदा जिले में सीबीएसई(CBSE) बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की परीक्षा 17 फरवरी से शुरू हो रही है। जो 10 अप्रैल तक चलेगी। इसमें करीब 6200 परीक्षार्थी शामिल होंगे। कुल 13 सेंटर्स बनाए गए हैं। एग्जाम को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। परीक्षा का समय और प्रवेश व्यवस्था परीक्षा एक पाली में आयोजित होगी, जो सुबह 10:15 से शुरू होकर दोपहर 1:30 बजे तक चलेगी। हालांकि, परीक्षार्थियों को सुबह 9:00 बजे से ही केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि छात्र शांति से अपनी तैयारी कर सकें और किसी भी भीड़भाड़ या जाम की स्थिति से बच सकें। छात्रों को प्रश्न पत्र पढ़ने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा, जिससे वे प्रश्नों को ठीक से समझ सकें और अपनी रणनीति बना सकें। स्कूल ड्रेस में ही परीक्षार्थी को आना होगा परीक्षा केंद्र में छात्रों को कुछ निर्धारित वस्तुएं ही ले जाने की अनुमति होगी। एडमिट कार्ड, पहचान पत्र और स्कूल आईडी अनिवार्य है। इसके अलावा नीले या काले रंग का पेन और पारदर्शी बोतल में पानी ले जाया जा सकता है। अन्य किसी भी सामान को परीक्षा कक्ष में ले जाने की अनुमति नहीं होगी। एक महत्वपूर्ण शर्त यह है कि सभी परीक्षार्थियों को स्कूल की वर्दी में ही आना अनिवार्य है। स्कूल ड्रेस में न रहने पर परीक्षार्थी को परीक्षा से वंचित किया जा सकता है। यह नियम परीक्षा की गंभीरता और अनुशासन बनाए रखने के लिए लागू किया गया है। विशेष छूट, मधुमेह रोगियों के लिए मधुमेह से पीड़ित परीक्षार्थियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। वे डॉक्टर की पर्ची के साथ अपनी दवा और हल्का भोजन परीक्षा केंद्र में ले जा सकते हैं। यह मानवीय पहल छात्रों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए की गई है। परीक्षा को उत्सव की तरह मनाएं नालंदा सहोदया क्लस्टर के अध्यक्ष अरविंद कुमार सिन्हा ने परीक्षार्थियों को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने छात्रों से अपील करते हुए कहा कि वे तनावमुक्त रहकर परीक्षा दें और इसे उत्सव की तरह मनाएं। अंकों के मकड़जाल में बच्चे न फंसें। अंकों का गणित सिर्फ स्वविवेचना के लिए है, ताकि हम अपनी कमजोरियों की पहचान कर उसे दुरुस्त कर सकें। समय प्रबंधन और तनावमुक्त रहने को सफलता की कुंजी बताया। भीड़भाड़ से बचने की सलाह परीक्षा नियंत्रकों ने परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे यातायात की भीड़भाड़ और जाम से बचने के लिए हर हाल में सुबह नौ बजे तक परीक्षा केंद्र पर पहुंच जाएं। समय पर पहुंचने से न केवल अनावश्यक तनाव से बचा जा सकता है, बल्कि परीक्षा से पहले मानसिक रूप से तैयार होने का समय भी मिलता है। केंद्रों पर अंतिम तैयारियां सभी 13 परीक्षा केंद्रों पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। व्यवस्थाओं की जांच की जा रही है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि परीक्षा सुचारू रूप से संपन्न हो। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सभी आवश्यक सुविधाएं परीक्षा केंद्रों पर उपलब्ध होंगी। नालंदा जिले में सीबीएसई(CBSE) बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की परीक्षा 17 फरवरी से शुरू हो रही है। जो 10 अप्रैल तक चलेगी। इसमें करीब 6200 परीक्षार्थी शामिल होंगे। कुल 13 सेंटर्स बनाए गए हैं। एग्जाम को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। परीक्षा का समय और प्रवेश व्यवस्था परीक्षा एक पाली में आयोजित होगी, जो सुबह 10:15 से शुरू होकर दोपहर 1:30 बजे तक चलेगी। हालांकि, परीक्षार्थियों को सुबह 9:00 बजे से ही केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि छात्र शांति से अपनी तैयारी कर सकें और किसी भी भीड़भाड़ या जाम की स्थिति से बच सकें। छात्रों को प्रश्न पत्र पढ़ने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा, जिससे वे प्रश्नों को ठीक से समझ सकें और अपनी रणनीति बना सकें। स्कूल ड्रेस में ही परीक्षार्थी को आना होगा परीक्षा केंद्र में छात्रों को कुछ निर्धारित वस्तुएं ही ले जाने की अनुमति होगी। एडमिट कार्ड, पहचान पत्र और स्कूल आईडी अनिवार्य है। इसके अलावा नीले या काले रंग का पेन और पारदर्शी बोतल में पानी ले जाया जा सकता है। अन्य किसी भी सामान को परीक्षा कक्ष में ले जाने की अनुमति नहीं होगी। एक महत्वपूर्ण शर्त यह है कि सभी परीक्षार्थियों को स्कूल की वर्दी में ही आना अनिवार्य है। स्कूल ड्रेस में न रहने पर परीक्षार्थी को परीक्षा से वंचित किया जा सकता है। यह नियम परीक्षा की गंभीरता और अनुशासन बनाए रखने के लिए लागू किया गया है। विशेष छूट, मधुमेह रोगियों के लिए मधुमेह से पीड़ित परीक्षार्थियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। वे डॉक्टर की पर्ची के साथ अपनी दवा और हल्का भोजन परीक्षा केंद्र में ले जा सकते हैं। यह मानवीय पहल छात्रों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए की गई है। परीक्षा को उत्सव की तरह मनाएं नालंदा सहोदया क्लस्टर के अध्यक्ष अरविंद कुमार सिन्हा ने परीक्षार्थियों को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने छात्रों से अपील करते हुए कहा कि वे तनावमुक्त रहकर परीक्षा दें और इसे उत्सव की तरह मनाएं। अंकों के मकड़जाल में बच्चे न फंसें। अंकों का गणित सिर्फ स्वविवेचना के लिए है, ताकि हम अपनी कमजोरियों की पहचान कर उसे दुरुस्त कर सकें। समय प्रबंधन और तनावमुक्त रहने को सफलता की कुंजी बताया। भीड़भाड़ से बचने की सलाह परीक्षा नियंत्रकों ने परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे यातायात की भीड़भाड़ और जाम से बचने के लिए हर हाल में सुबह नौ बजे तक परीक्षा केंद्र पर पहुंच जाएं। समय पर पहुंचने से न केवल अनावश्यक तनाव से बचा जा सकता है, बल्कि परीक्षा से पहले मानसिक रूप से तैयार होने का समय भी मिलता है। केंद्रों पर अंतिम तैयारियां सभी 13 परीक्षा केंद्रों पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। व्यवस्थाओं की जांच की जा रही है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि परीक्षा सुचारू रूप से संपन्न हो। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सभी आवश्यक सुविधाएं परीक्षा केंद्रों पर उपलब्ध होंगी।  

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