महाराष्ट्र: छठी कक्षा के 4 छात्रों ने क्लासमेट का किया यौन उत्पीड़न, सरकार ने दिए जांच के आदेश

महाराष्ट्र: छठी कक्षा के 4 छात्रों ने क्लासमेट का किया यौन उत्पीड़न, सरकार ने दिए जांच के आदेश

महाराष्ट्र के छत्रपती संभाजीनगर से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। यहां के सावंगी इलाके की एक नामी अंग्रेजी मीडियम स्कूल में कक्षा 6 के छात्र के साथ उसके ही चार सहपाठियों ने कथित तौर पर यौन शोषण और अमानवीय व्यवहार किया है। इस मामले में फुलंबरी पुलिस स्टेशन में 4 बच्चों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

स्कूल परिसर में शर्मनाक वारदात

निजी स्कूल में हुई इस घटना ने शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्र के साथ यह घटना पिछले साल सितंबर में हुई थी। आरोपी छात्र पीड़ित को डराते-धमकाते भी थे। कथित तौर पर स्कूल के मैदान में ही इन नाबालिगों ने इस गंभीर वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित इतना डर गया था कि उसने महीनों तक यह बात किसी को नहीं बताई।

प्रशासन और स्कूल की कार्यप्रणाली पर सवाल

इस मामले में पुलिस ने चारों आरोपी छात्रों के खिलाफ पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि, सबसे चौंकाने वाली बात स्कूल प्रबंधन का रवैया रही। पीड़ित के परिवार का आरोप है कि शिकायत के बावजूद स्कूल ने आरोपियों के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया, बल्कि उलटा पीड़ित परिवार पर ही मामले को दबाने का दबाव बनाया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला परिषद के शिक्षा विभाग ने एक तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है जो इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कर रही है।

शिक्षा मंत्री का कड़ा रुख

महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे व्यक्तिगत रूप से इस मामले की निगरानी करेंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा है कि जांच के आदेश दे दिए गए हैं। बच्चों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जो भी कर्मचारी या स्कूल प्रशासन इस मामले को छिपाने या लापरवाही बरतने का दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि कम उम्र के बच्चों में ऐसी विकृत मानसिकता के पीछे कई कारण हो सकते हैं। मोबाइल का अनियंत्रित उपयोग, इंटरनेट पर आसानी से उपलब्ध अश्लील कंटेंट और गलत संगत इसकी मुख्य वजहें हैं। इसलिए माता-पिता को अपने बच्चों के साथ नियमित संवाद करना चाहिए और उनके व्यवहार में आने वाले छोटे-छोटे बदलावों पर भी ध्यान देना चाहिए।

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