पाकिस्तान के कराची में बुधवार रात अलग-अलग फायरिंग की घटनाओं में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हुए हैं। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, कराची के मेमन गोठ इलाके में दो पुरुषों की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि एक महिला घायल हुई। पुलिस के अनुसार, दोनों मृतकों के सिर में गोलियां लगी थीं। वहीं, सुपर हाईवे के पास एक निजी हाउसिंग सोसाइटी के नजदीक झाड़ियों में महिला घायल अवस्था में मिली। घायल महिला ने अपने बयान में पुलिस को बताया कि दो अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग की और फरार हो गए। पुलिस ने मौके से 9 मिमी पिस्टल के कई खोखे और शराब की खाली बोतलें बरामद की हैं। पुलिस का कहना है कि हमले का मकसद अभी स्पष्ट नहीं है।
शिरीन जिन्ना कॉलोनी चाचा ने दो भतीजों को गोली मारी
एक अन्य मामले में शहर के शिरीन जिन्ना कॉलोनी में एक और सनसनीखेज वारदात सामने आई। लंबे समय से चल रहे पैसों के विवाद को लेकर एक चाचा ने कथित तौर पर अपने दो भतीजों की गोली मारकर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि मामले को सुलझाने के लिए जिरगा (स्थानीय पंचायती बैठक) बुलाई गई थी, लेकिन समझौता नहीं हो सका। इसके बाद विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और हाथापाई के दौरान गोलीबारी शुरू हो गई। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मृतकों की पहचान कमरान और सरताज के रूप में हुई है। मामले की जांच जारी है।
लूटपाट का विरोध करने पर गोली मारकर युवक को किया घायल
कराची में एक अन्य वारदात में हुजैफा नामक युवक को लूटपाट का विरोध करने पर पेट में गोली मार दी गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने भाग रहे लुटेरों को पकड़ लिया, उनकी पिटाई की और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया। दिल्ली कॉलोनी इलाके में भी फायरिंग की एक घटना में तीन लोग घायल हुए। सभी घटनाओं की जांच जारी है।
लाहौर हाईकोर्ट ने रिपोर्ट की है तलब
बता दें कि इससे पहले 11 फरवरी को स्वात में बच्चों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 7 अन्य घायल हो गए थे। मृतक की पहचान शाना करपा हाजी आबाद क्षेत्र के अधिवक्ता अत्ताउल्लाह जान के रूप में हुई है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और झड़प का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।
वहीं, बसंत उत्सव के दौरान हुई मौतों और हादसों को लेकर लाहौर हाईकोर्ट ने पंजाब के गृह सचिव और सीसीपीओ से रिपोर्ट तलब की है। याचिका में दावा किया गया है कि बसंत के दौरान छह लोगों की मौत हुई और 100 से अधिक लोग घायल हुए, जबकि सरकार ने आयोजन को सुरक्षित बताया था।


