रांची नगर निगम चुनाव में महज 11 दिन बचे हैं। प्रत्याशियों द्वारा जोरदार तरीके से चुनाव प्रचार किया जा रहा है। गली- मुहल्लों में जनसंपर्क अभियान चल रहा है। नेताजी घर की चौखट पर पहुंच कर जनता से बेहतर रांची बनाने का वादा कर रहे हैं। लेकिन प्रचार के शोर के बीच नेताजी की रातों की नींद हराम हो गई है। क्योंकि, रांची में गरीब-गुरबों पर पुलिस-प्रशासन और नगर निगम कहर ढा रहा है। मधुकम खादगढ़ा में आदिवासी जमीन पर बने चार दशक पुराने घरों को तोड़ने, फुटपाथ दुकानदारों को उजाड़ने, बिना नक्शा के बने घरों पर अवैध निर्माण का केस दर्ज करने, ट्रेड लाइसेंस, होल्डिंग टैक्स वसूलने में मनमानी सहित कार्रवाई से लोगों में काफी नाराजगी है। लोगों की नाराजगी से मेयर-पार्षद प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ गई है, उन्हें लग रहा है कि जनता के बीच जाकर बोलें तो क्या बोलें। क्योंकि, कार्रवाई की वजह से वोट बैंक बिगड़ने का खतरा मंडरा रहा है। इसलिए मेयर से लेकर पार्षद पद के प्रत्याशी तक इस मामले में चुप हैं और वोट बैंक को समेटने में जुटे हैं। इसका उदाहरण मंगलवार को मधुकम खादगढ़ा में उस समय दिखा, जब आदिवासी जमीन पर बने 13 घरों पर प्रशासन का बुल्डोजर चल रहा था। इस कार्रवाई के खिलाफ मौके पर रांची के विधायक सीपी सिंह पहुंचे थे। लेकिन इससे पहले मौके पर वार्ड नंंबर 28 की पार्षद उम्मीदवार रश्मि चौधरी के रिश्तेदार राहुल चौधरी आैर आशा देवी के पति अनिल गुप्ता पहुंचे। उन्होंने अपने स्तर से कार्रवाई पर रोक लगवाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। ऐसे ही छह मुद्दे इस चुनाव में नेताओं की टेंशन बढ़ा रहे हैं। हालांकि, मेयर पद के प्रत्याशी स्वच्छ रांची बनाने, फुटपाथियों को बसाने आैर हर घर को रेगुलराइज कराने का वादा कर रहे हैं। मेयर प्रत्याशियों ने इन मुद्दों पर पुराने वादे दोहराए इन 6 मुद्दों में उलझे प्रत्याशी, जनता मांग रही जवाब . जल-जमाव: मानसून का मौसम राजधानीवासियों के लिए अभिशाप बन जाता है। क्योंकि, शहर का कोई गली-मुहल्ला ऐसा नहीं है, जहां जल जमाव न हो। अरगोड़ा, बूटी मोड़, पंडरा पंचशील नगर, गंगानगर, कोकर सहित अन्य मुहल्लों में भारी जल जमाव होता है। हर साल बारिश में बच्चे, बुजुर्ग नाले में बह जाते हैं। अब लोग पूछ रहे हैं कि इससे कब तक मुक्ति मिलेगी। . घरों में शुद्ध जलापूर्ति: नगर निगम के पूर्व पार्षदों द्वारा वर्ष 2022 तक सभी घरों में 24 घंटे पाइपलाइन से पानी पहुंचाने का वादा किया गया था। तीन जलापूर्ति योजना पर करीब एक हजार करोड़ से काम भी शुरू की गई, लेकिन आज तक सभी घरों में पानी नहीं पहुंचा। जुडको ने हजारों घरों में पानी का कनेक्शन दे दिया, लेकिन पानी नहीं आ रहा है। इससे भी लोगों में नाराजगी है। . अवैध घरों पर केस व भयादोहन: रांची नगर निगम के अधिकारी शहर में बिना नक्शा के बने घरों पर अवैध निर्माण का केस दर्ज कर रहे हैं। दर्जनों मामलों में सुनवाई के बाद भवन को सील करने का निर्देश दिया गया है। तीन बड़े भवनों को सील किया गया, लेकिन टेबल के नीचे डील कर सील खोल दिया गया। रूफ टॉप बार-रेस्टोरेंट, गिफ्ट डीड की जमीन सहित अन्य मामलों में भवन मालिकों का भयादोहन किया जा रहा है। . वाहनों की पार्किंग: शहर में वाहनों की पार्किंग को समुचित व्यवस्था नहीं है। नगर निगम सड़क पर ही वाहन पड़ाव बना कर हरेक साल करोड़ों रुपए की कमाई कर रहा है। जबकि, पार्किंग ठेकेदार आम लोगों से पार्किंग के नाम पर मनमाना वसूली कर रहे हैं। इससे लोगों में नाराजगी है। चुनाव में पार्किंग भी बड़ा मुद्दा बन गया है। वोटर अब इस समस्या का स्थाई समाधान मांग रहे हैं। . सफाई नदारद, यूजर चार्ज की जबरन वसूली: शहर की सफाई नदारद है। रोजाना घरों से कूड़े का उठाव नहीं हो रहा है। इसके बावजूद निगम छोटे घरों से प्रति घर 80 रुपए प्रति माह की दर से यूजर चार्ज वसूल रहा है। इसके बाद निगम ने यूजर चार्ज नहीं देने वालों को लाख-लाख रुपए का बिल भेज दिया। इससे भी लोगों में नाराजगी है। . अतिक्रमण हटाओ अभियान: नगर निगम ने पूरे शहर में अतिक्रमण हटाआे अभियान के नाम पर गरीब- गुरबों को बेरोजगार बना दिया है। प्रमुख सड़कों में सड़क किनारे दुकान लगाने वालों को उजाड़ दिया गया है। ठेला-खोमचा नहीं लगाने दिया जा रहा है। ऐसे में शहर में करीब दस हजार से अधिक लोग बेरोजगार हो गए हैं। निगम वेंडिंग जोन भी नहीं बना रहा है। ऐसे में अब फुटपाथी प्रचार करने आ रहे नेताओं से इस पर जवाब मांग रहे हैं। किरण कुमारी – बिजली,पानी की समस्या दूर करेंगे। सिटी बसों का परिचालन 11 बजे रात तक कराएंगे। होल्डिंग टैक्स में पारदर्शिता लाएंगे, खुले नाले को ढंकेंगे। सुमनकांत तिग्गा बोले- पेयजल की समस्या दूर करेंगे। वेंडरों को स्थाई रूप से बसाएंगे। रमा खलखो – हरेक सड़क के किनारे जगह चिन्हित करके वेंडरों को बसाएंगे। पानी के लिए एचवाईडीटी लगाएंगे आैर पाइपलाइन से भी जलापूर्ति शुरू कराएंगे। सीवरेज-ड्रेनेज पर काम करेंगे ताकि लोगों को जलजमाव से मुक्ति मिले। देवी दयाल मुंडा: राष्ट्रीय पार्टी झूठे वादे कर रही है। मैं शहर में बदलाव लाउंगा। अतिक्रमण पर रोक लगाएंगे, होल्डिंग टैक्स आैर वाटर व सफाई यूजर चार्ज में मनमानी पर लगाम लगाएंगे।
रोशनी खलखो – सरकारी जमीन चिन्हित करके वेंडिंग जोन बनाएंगे। बिल्डिंग रेगुलराइजेशन पॉलिसी का प्रस्ताव पास करके सरकार को भेजेंगे,ताकि भवनों को सरल तरीके से नियमित किया जाए। पानी पहुंचाने की विस्तृत योजना है,लोग प्यासे नहीं रहेंगे। रांची नगर निगम चुनाव में महज 11 दिन बचे हैं। प्रत्याशियों द्वारा जोरदार तरीके से चुनाव प्रचार किया जा रहा है। गली- मुहल्लों में जनसंपर्क अभियान चल रहा है। नेताजी घर की चौखट पर पहुंच कर जनता से बेहतर रांची बनाने का वादा कर रहे हैं। लेकिन प्रचार के शोर के बीच नेताजी की रातों की नींद हराम हो गई है। क्योंकि, रांची में गरीब-गुरबों पर पुलिस-प्रशासन और नगर निगम कहर ढा रहा है। मधुकम खादगढ़ा में आदिवासी जमीन पर बने चार दशक पुराने घरों को तोड़ने, फुटपाथ दुकानदारों को उजाड़ने, बिना नक्शा के बने घरों पर अवैध निर्माण का केस दर्ज करने, ट्रेड लाइसेंस, होल्डिंग टैक्स वसूलने में मनमानी सहित कार्रवाई से लोगों में काफी नाराजगी है। लोगों की नाराजगी से मेयर-पार्षद प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ गई है, उन्हें लग रहा है कि जनता के बीच जाकर बोलें तो क्या बोलें। क्योंकि, कार्रवाई की वजह से वोट बैंक बिगड़ने का खतरा मंडरा रहा है। इसलिए मेयर से लेकर पार्षद पद के प्रत्याशी तक इस मामले में चुप हैं और वोट बैंक को समेटने में जुटे हैं। इसका उदाहरण मंगलवार को मधुकम खादगढ़ा में उस समय दिखा, जब आदिवासी जमीन पर बने 13 घरों पर प्रशासन का बुल्डोजर चल रहा था। इस कार्रवाई के खिलाफ मौके पर रांची के विधायक सीपी सिंह पहुंचे थे। लेकिन इससे पहले मौके पर वार्ड नंंबर 28 की पार्षद उम्मीदवार रश्मि चौधरी के रिश्तेदार राहुल चौधरी आैर आशा देवी के पति अनिल गुप्ता पहुंचे। उन्होंने अपने स्तर से कार्रवाई पर रोक लगवाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। ऐसे ही छह मुद्दे इस चुनाव में नेताओं की टेंशन बढ़ा रहे हैं। हालांकि, मेयर पद के प्रत्याशी स्वच्छ रांची बनाने, फुटपाथियों को बसाने आैर हर घर को रेगुलराइज कराने का वादा कर रहे हैं। मेयर प्रत्याशियों ने इन मुद्दों पर पुराने वादे दोहराए इन 6 मुद्दों में उलझे प्रत्याशी, जनता मांग रही जवाब . जल-जमाव: मानसून का मौसम राजधानीवासियों के लिए अभिशाप बन जाता है। क्योंकि, शहर का कोई गली-मुहल्ला ऐसा नहीं है, जहां जल जमाव न हो। अरगोड़ा, बूटी मोड़, पंडरा पंचशील नगर, गंगानगर, कोकर सहित अन्य मुहल्लों में भारी जल जमाव होता है। हर साल बारिश में बच्चे, बुजुर्ग नाले में बह जाते हैं। अब लोग पूछ रहे हैं कि इससे कब तक मुक्ति मिलेगी। . घरों में शुद्ध जलापूर्ति: नगर निगम के पूर्व पार्षदों द्वारा वर्ष 2022 तक सभी घरों में 24 घंटे पाइपलाइन से पानी पहुंचाने का वादा किया गया था। तीन जलापूर्ति योजना पर करीब एक हजार करोड़ से काम भी शुरू की गई, लेकिन आज तक सभी घरों में पानी नहीं पहुंचा। जुडको ने हजारों घरों में पानी का कनेक्शन दे दिया, लेकिन पानी नहीं आ रहा है। इससे भी लोगों में नाराजगी है। . अवैध घरों पर केस व भयादोहन: रांची नगर निगम के अधिकारी शहर में बिना नक्शा के बने घरों पर अवैध निर्माण का केस दर्ज कर रहे हैं। दर्जनों मामलों में सुनवाई के बाद भवन को सील करने का निर्देश दिया गया है। तीन बड़े भवनों को सील किया गया, लेकिन टेबल के नीचे डील कर सील खोल दिया गया। रूफ टॉप बार-रेस्टोरेंट, गिफ्ट डीड की जमीन सहित अन्य मामलों में भवन मालिकों का भयादोहन किया जा रहा है। . वाहनों की पार्किंग: शहर में वाहनों की पार्किंग को समुचित व्यवस्था नहीं है। नगर निगम सड़क पर ही वाहन पड़ाव बना कर हरेक साल करोड़ों रुपए की कमाई कर रहा है। जबकि, पार्किंग ठेकेदार आम लोगों से पार्किंग के नाम पर मनमाना वसूली कर रहे हैं। इससे लोगों में नाराजगी है। चुनाव में पार्किंग भी बड़ा मुद्दा बन गया है। वोटर अब इस समस्या का स्थाई समाधान मांग रहे हैं। . सफाई नदारद, यूजर चार्ज की जबरन वसूली: शहर की सफाई नदारद है। रोजाना घरों से कूड़े का उठाव नहीं हो रहा है। इसके बावजूद निगम छोटे घरों से प्रति घर 80 रुपए प्रति माह की दर से यूजर चार्ज वसूल रहा है। इसके बाद निगम ने यूजर चार्ज नहीं देने वालों को लाख-लाख रुपए का बिल भेज दिया। इससे भी लोगों में नाराजगी है। . अतिक्रमण हटाओ अभियान: नगर निगम ने पूरे शहर में अतिक्रमण हटाआे अभियान के नाम पर गरीब- गुरबों को बेरोजगार बना दिया है। प्रमुख सड़कों में सड़क किनारे दुकान लगाने वालों को उजाड़ दिया गया है। ठेला-खोमचा नहीं लगाने दिया जा रहा है। ऐसे में शहर में करीब दस हजार से अधिक लोग बेरोजगार हो गए हैं। निगम वेंडिंग जोन भी नहीं बना रहा है। ऐसे में अब फुटपाथी प्रचार करने आ रहे नेताओं से इस पर जवाब मांग रहे हैं। किरण कुमारी – बिजली,पानी की समस्या दूर करेंगे। सिटी बसों का परिचालन 11 बजे रात तक कराएंगे। होल्डिंग टैक्स में पारदर्शिता लाएंगे, खुले नाले को ढंकेंगे। सुमनकांत तिग्गा बोले- पेयजल की समस्या दूर करेंगे। वेंडरों को स्थाई रूप से बसाएंगे। रमा खलखो – हरेक सड़क के किनारे जगह चिन्हित करके वेंडरों को बसाएंगे। पानी के लिए एचवाईडीटी लगाएंगे आैर पाइपलाइन से भी जलापूर्ति शुरू कराएंगे। सीवरेज-ड्रेनेज पर काम करेंगे ताकि लोगों को जलजमाव से मुक्ति मिले। देवी दयाल मुंडा: राष्ट्रीय पार्टी झूठे वादे कर रही है। मैं शहर में बदलाव लाउंगा। अतिक्रमण पर रोक लगाएंगे, होल्डिंग टैक्स आैर वाटर व सफाई यूजर चार्ज में मनमानी पर लगाम लगाएंगे।
रोशनी खलखो – सरकारी जमीन चिन्हित करके वेंडिंग जोन बनाएंगे। बिल्डिंग रेगुलराइजेशन पॉलिसी का प्रस्ताव पास करके सरकार को भेजेंगे,ताकि भवनों को सरल तरीके से नियमित किया जाए। पानी पहुंचाने की विस्तृत योजना है,लोग प्यासे नहीं रहेंगे।


