बिना अनुमति लगी होर्डिंग्स हटेंगी, अवैध पार्किंग बंद होंगी…डिप्टी सीएम बोले-ये माफिया चला रहे

बिना अनुमति लगी होर्डिंग्स हटेंगी, अवैध पार्किंग बंद होंगी…डिप्टी सीएम बोले-ये माफिया चला रहे

पटना में अवैध होर्डिंग लगाने वाले और उनसे पैसा वसूलने वालों पर कार्रवाई होगी। दीघा से पटना सिटी तक 1092 होर्डिंग्स चिह्नित की गई हैं। इनमें 243 सरकारी और 849 अवैध हैं। ये अवैध होर्डिंग्स हटेंगी। उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने समीक्षा बैठक के दौरान सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया। उन्होंने कहा-हाईकोर्ट में लंबित मामलों को छोड़कर सभी अवैध होर्डिंग्स 24 घंटे के भीतर हटा दी जाएं। उन्होंने अवैध पार्किंग को तत्काल बंद कराने को कहा। कहा-अवैध होर्डिंग और अवैध पार्किंग के नाम पर माफियागिरी चल रही है। इसमें कई दबंग और स्थानीय नेता भी शामिल हैं। इससे नगर निगम और राज्य सरकार को प्रति वर्ष करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। अब यह नहीं चलेगा। बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री को बताया गया कि 15 दिन पहले विभाग के आदेश के आलोक में 18 अवैध होर्डिंग्स हटाई गईं। अफसरों ने कहा कि अवैध होर्डिंग्स के करीब 20 मामले हाईकोर्ट में लंबित हैं। इस पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इन मामलों की शीघ्र सुनवाई के लिए महाधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट से अनुरोध करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्रवाई में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। प्रतिदिन की प्रगति की समीक्षा की जाए। 1मानकों का ख्याल नहीं, आंधी में गिरने का खतरा अवैध होर्डिंग लगाने के दौरान सुरक्षा मानकों का ख्याल नहीं रखा जाता है। भवनों की छतों पर बड़ी-बड़ी होर्डिंग्स लगा दी जाती हैं। तेज आंधी में होर्डिंग्स के गिरने या उखड़ने घटना होती रहती है। 19 मई 2022 को करीब 55 किमी की रफ्तार से चली आंधी के दौरान बड़ी-बड़ी होर्डिंग, पोस्टर, बैनर गिर गए थे। संयोग से कोई आहत नहीं हुआ था। लेकिन, सड़कों पर आवागमन बाधित हो गया था। 2 निगम को सालाना 50 करोड़ का घाटा हो रहा विज्ञापन पॉलिसी नहीं होने से पटना नगर निगम को करीब 14 साल से विज्ञापन के एवज में एक रुपया भी नहीं प्राप्त हो रहा है। सालाना 50 करोड़ से अधिक का राजस्व नुकसान हो रहा है। जानकारों का कहना है कि राज्य के सभी 19 नगर निगमों के साथ नगर परिषदों व नगर पंचायतों में यही हाल है। प्रदेश के किसी भी शहर में विज्ञापन के लिए कोई शुल्क तय नहीं की गई है। मनमानी की वजह…14 साल से यहां विज्ञापन पॉलिसी नहीं पटना और राज्य में 14 साल से होर्डिंग्स और विज्ञापन पॉलिसी ही नहीं है। इस वजह से नगर निगम चाह कर भी कार्रवाई नहीं पाता है। नगर निगम ने वर्ष 2012 में विज्ञापन नियम बनाया थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसपर रोक लगा दी। नियम न होने से शहर में अवैध होर्डिंग्स की भरमार हो गई। अब जाकर राज्य सरकार ने नगरपालिका क्षेत्र विज्ञापन नियमावली-2025 के संशोधन को मंजूरी दी है। लेकिन, अवैध होर्डिंग लगाने वालों पर लगाने वाले भारी-भरकम जुर्माने के प्रावधान को खत्म कर दिया गया है। इससे इस पर पूरी तरह रोक लगाना शायद ही संभव हो। पटना में अवैध होर्डिंग लगाने वाले और उनसे पैसा वसूलने वालों पर कार्रवाई होगी। दीघा से पटना सिटी तक 1092 होर्डिंग्स चिह्नित की गई हैं। इनमें 243 सरकारी और 849 अवैध हैं। ये अवैध होर्डिंग्स हटेंगी। उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने समीक्षा बैठक के दौरान सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया। उन्होंने कहा-हाईकोर्ट में लंबित मामलों को छोड़कर सभी अवैध होर्डिंग्स 24 घंटे के भीतर हटा दी जाएं। उन्होंने अवैध पार्किंग को तत्काल बंद कराने को कहा। कहा-अवैध होर्डिंग और अवैध पार्किंग के नाम पर माफियागिरी चल रही है। इसमें कई दबंग और स्थानीय नेता भी शामिल हैं। इससे नगर निगम और राज्य सरकार को प्रति वर्ष करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। अब यह नहीं चलेगा। बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री को बताया गया कि 15 दिन पहले विभाग के आदेश के आलोक में 18 अवैध होर्डिंग्स हटाई गईं। अफसरों ने कहा कि अवैध होर्डिंग्स के करीब 20 मामले हाईकोर्ट में लंबित हैं। इस पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इन मामलों की शीघ्र सुनवाई के लिए महाधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट से अनुरोध करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्रवाई में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। प्रतिदिन की प्रगति की समीक्षा की जाए। 1मानकों का ख्याल नहीं, आंधी में गिरने का खतरा अवैध होर्डिंग लगाने के दौरान सुरक्षा मानकों का ख्याल नहीं रखा जाता है। भवनों की छतों पर बड़ी-बड़ी होर्डिंग्स लगा दी जाती हैं। तेज आंधी में होर्डिंग्स के गिरने या उखड़ने घटना होती रहती है। 19 मई 2022 को करीब 55 किमी की रफ्तार से चली आंधी के दौरान बड़ी-बड़ी होर्डिंग, पोस्टर, बैनर गिर गए थे। संयोग से कोई आहत नहीं हुआ था। लेकिन, सड़कों पर आवागमन बाधित हो गया था। 2 निगम को सालाना 50 करोड़ का घाटा हो रहा विज्ञापन पॉलिसी नहीं होने से पटना नगर निगम को करीब 14 साल से विज्ञापन के एवज में एक रुपया भी नहीं प्राप्त हो रहा है। सालाना 50 करोड़ से अधिक का राजस्व नुकसान हो रहा है। जानकारों का कहना है कि राज्य के सभी 19 नगर निगमों के साथ नगर परिषदों व नगर पंचायतों में यही हाल है। प्रदेश के किसी भी शहर में विज्ञापन के लिए कोई शुल्क तय नहीं की गई है। मनमानी की वजह…14 साल से यहां विज्ञापन पॉलिसी नहीं पटना और राज्य में 14 साल से होर्डिंग्स और विज्ञापन पॉलिसी ही नहीं है। इस वजह से नगर निगम चाह कर भी कार्रवाई नहीं पाता है। नगर निगम ने वर्ष 2012 में विज्ञापन नियम बनाया थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसपर रोक लगा दी। नियम न होने से शहर में अवैध होर्डिंग्स की भरमार हो गई। अब जाकर राज्य सरकार ने नगरपालिका क्षेत्र विज्ञापन नियमावली-2025 के संशोधन को मंजूरी दी है। लेकिन, अवैध होर्डिंग लगाने वालों पर लगाने वाले भारी-भरकम जुर्माने के प्रावधान को खत्म कर दिया गया है। इससे इस पर पूरी तरह रोक लगाना शायद ही संभव हो।  

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