ड्रग्स (हेरोइन) तस्करी करते पकड़ा गया सिपाही हिमांशु बर्मन जिस थाने में पदस्थ था, वहां साल भर में तस्करी के 20 से ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं। हिमांशु आमानाका थाने में पदस्थ था। हेरोइन तस्करों के खिलाफ सबसे ज्यादा मामले आमानाका थाने में ही दर्ज हुए हैं। ड्रग्स तस्करों को पकड़ने के लिए आमानाका थाने से हिमांशु कई बार पंजाब-हरियाणा तक गया है। बताया जाता है कि इस दौरान ड्रग्स बेचने वालों से उसका संपर्क हुआ। फिर खुद ही उस नेटवर्क का हिस्सा बन गया और रायपुर आकर ड्रग्स बेचने लगा। पुलिस ने हिमांशु को रिमांड पर लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है।
ड्रग्स माफिया से लेकर कंज्यूमरों के मोबाइल नंबर
आरोपी सिपाही के पास दो मोबाइल हैं। इसमें स्थानीय ड्रग्स पैडलरों से लेकर पंजाब के बड़े हेरोइन तस्करों और स्थानीय कंज्यूमरों के नंबर मिले हैं। पूछताछ के दौरान इन मोबाइल नंबरों की तस्दीक की जा रही है। कुछ संदिग्धों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। जांच करने वाली टीम को आशंका है कि आमानाका थाना में पुलिसिंग की आड़ में हिमांशु ड्रग्स भी बेच रहा था। हालांकि पुलिस उससे ड्रग्स के संबंध में पूछताछ कर रही है। उसे थाने से हटा दिया गया है। विभागीय कार्रवाई भी की जा रही है।
चार थानों में बना ड्रग्स कॉरिडोर
आमानाका, कबीर नगर, सरस्वती नगर से लेकर कुम्हारी थाना तक हेरोइन तस्करों ने ड्रग्स कॉरिडोर बना लिया है। पंजाब, हरियाणा के तस्कर हेरोइन, अफीम, एमडीएमए जैसे मादक पदार्थ की सप्लाई कर रहे हैं। स्थानीय ड्रग्स तस्करों का पाकिस्तान लिंक का भी खुलासा हो चुका है।
445 आरोपी हो चुके है गिरफ्तार
रायपुर जिले में वर्ष 2025 में गांजा, हेरोइन, अफीम, एमडीएमए, चरस, कोकीन आदि मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले 415 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के खिलाफ कुल 271 केस दर्ज हुए हैं। पकड़े गए आरोपियों से 2 करोड़ 81 लाख से अधिक का मादक पदार्थ जब्त किया गया है।
रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही
हेरोइन तस्करी करते सिपाही को पकड़ा गया है। उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्हें थाने से हटा दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। इसमें शामिल अन्य आरोपियों का पता लगाया जा रहा है।
-संदीप पटेल, डीसीपी, वेस्ट, रायपुर


