नागौर. ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को सुचारु रखने और पानी को अंतिम छोर तक पहुंचाने के उद्देश्य से जलदाय विभाग ने अवैध कनेक्शनों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है। इसी क्रम में बुधवार को जोधियासी गांव में विभागीय टीम ने कार्रवाई करते हुए करीब एक दर्जन अवैध कनेक्शनों को मौके पर ही काट दिया। विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि दोबारा अवैध रूप से कनेक्शन जोड़ा गया तो सीधे एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जलदाय विभाग के अधिशासी अभियंता रमेशचंद्र चौधरी ने पूर्व में ही ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध कनेक्शनों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए थे। उन्होंने सहायक एवं कनिष्ठ अभियंताओं को क्षेत्रवार जिम्मेदारी सौंपते हुए रोजाना जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा था। विभागीय स्तर पर यह माना जा रहा था कि कुछ स्थानों पर मुख्य पाइपलाइन से सीधे कनेक्शन लेकर जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित की जा रही है। जिससे अंतिम छोर के उपभोक्ताओं तक पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंच पा रहा।
बुधवार को टीम की ओर से की गई जांच के दौरान यह सामने आया कि ग्राम जोधियासी में उच्च जलाशय की मुख्य पाइपलाइन से दर्जन भर ग्रामीणों ने अवैध रूप से कनेक्शन ले रखा है। यह पाइपलाइन जोधियासी पम्प हाउस से उच्च जलाशय तक जाती है। मुख्य लाइन से अवैध कनेक्शन लेने के कारण जलाशय को भरने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी, जिससे सप्लाई का अंतराल बढ़ रहा था। जानकारी मिलने पर अधिशासी अभियंता चौधरी ने विशेष टीम गठित कर मामले की जांच कराई। जांच में तथ्य सही पाए जाने पर कनिष्ठ अभियंता प्रेमसुख इनानिया को तत्काल प्रभाव से अवैध कनेक्शन विच्छेद करने के निर्देश दिए गए। इसके पश्चात कनिष्ठ अभियंता इनानिया टीम सहित ग्राम जोधियासी पहुंचे, और जोधियासी पम्प हाउस से उच्च जलाशय को जाने वाली लाइन की विस्तार से जांच की। निरीक्षण के दौरान पाइपलाइन में अवैध कनेक्शन पाए गए, जिन्हें चिन्हित कर मौके पर ही काट दिया गया।
ग्रामीणों से की समझइश
कार्रवाई के दौरान विभागीय टीम ने संबंधित ग्रामीणों को सख्त चेतावनी दी। बाद में गांव में बैठक कर लोगों को समझाया गया कि मुख्य पाइपलाइन से अवैध कनेक्शन लेना नियम विरुद्ध है और इससे पूरे गांव की जलापूर्ति व्यवस्था बाधित होती है। अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस बार केवल चेतावनी दी जा रही है, लेकिन यदि भविष्य में दोबारा अवैध कनेक्शन पाया गया तो सीधे एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिशासी अभियंता रमेशचंद्र चौधरी ने बताया कि यह अभियान केवल जोधियासी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसी प्रकार की जांच जारी रहेगी। विभाग का उद्देश्य है कि गर्मी के मौसम में किसी भी प्रकार की जल संकट की स्थिति उत्पन्न न हो और प्रत्येक उपभोक्ता तक निर्धारित समय पर पानी पहुंचे। इस कार्रवाई के बाद विभाग को उम्मीद है कि उच्च जलाशय भरने की प्रक्रिया सुचारु होगी और सप्लाई का अंतराल कम होगा, जिससे अंतिम छोर के उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
नागौर. ग्राम जोधियासी में भूमिगत रूप से उच्च जलाशय से लिए गए कनेक्शन की जांच करते हुए जलदाय कर्मी


