जूनागढ़ : महशिवरात्रि का मेला आरंभ, गिरनार की तलहटी में मिनी कुंभ में हर-हर महादेव की गूंज

जूनागढ़ : महशिवरात्रि का मेला आरंभ, गिरनार की तलहटी में मिनी कुंभ में हर-हर महादेव की गूंज

भवनाथ मंदिर में ध्वजा की पूजा, 55 किलो के ध्वज दंड पर ध्वजा फहराई

जूनागढ़. जामनगर. जूनागढ़ में गिरनार की तलहटी में भवनाथ महादेव के सानिध्य में महाशिवरात्रि मेला बुधवार सुबह आरंभ हुआ। इस साल मिनी कुंभ के मेले में हर-हर महादेव की गूंज रही।
जिला कलक्टर अनिलकुमार राणावसिया ने संतों-महंतों और प्रशासन-पुलिस के अधिकारियों की मौजूदगी में भवनाथ महादेव मंदिर में ध्वजा की पूजा कर मेले का आरंभ किया। इसके बाद मंदिर के शिखर पर 55 किलो के ध्वज दंड पर ध्वजा फहराई गई। शास्त्रों के अनुसार पूजा-पाठ और पूजा के साथ हर हर महादेव और जय गिरनारी के नाद के साथ पांच दिन का मेला आरंभ हुआ। यह मेला 15 फरवरी को महाशिवरात्रि तक चलेगा।
इस साल मिनी कुंभ के आयोजन को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने खास इंतजाम किए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए भरदावाव और गिरनार दरवाजे से वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। जूनागढ़ प्रशासन, मनपा अधिकारी और पुलिस अधिकारी आम भक्तों की तरह पैदल ही भवनाथ मंदिर पहुंचे।
ध्वजारोहण की रस्म पूरी होने के बाद, भवनाथ की तलहटी में बैठे नागा साधुओं ने खास पूजा की और हर-हर महादेव के नाद के साथ अलख की पूजा शुरू की। शिवरात्रि के इस मेले में भजन, भोजन और भक्ति का संगम देखने को मिलता है। मेले में आए लाखों भक्तों की सेवा के लिए खाने-पीने के स्टॉल लगाए हैं।

3500 पुलिस कर्मचारी तैनात

सुरक्षा के लिए 3500 पुलिस कर्मचारियों को ड्यूटी पर तैनात किया गया है। मेला क्षेत्र को दामोदर कुंड, रूपायतन, भवनाथ, गिरनार और सिटी सहित 5 मुख्य ज़ोन में बांटा गया है। आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर मेले पर कड़ी नज़र रखी जा रही है। भवनाथ पुलिस स्टेशन में एक खास कंट्रोल रूम बनाया गया है, यहां से 570 हाई-रिज़ॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन नज़र रखेंगे। बम डिस्पोज़ल स्क्वॉड, डॉग स्क्वॉड और क्विक रेस्पांस टीमें भी तैनात की गई हैं। इस साल पहली बार, 800 वॉलंटियर पुलिस के साथ मिलकर भीड़ को कंट्रोल करने और भक्तों की मदद करेंगे।

उप मुख्यमंत्री ने लिया भवनाथ महादेव का आशीर्वाद, डमरू यात्रा निकाली

उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भवनाथ महादेव का आशीर्वाद लिया। उन्होंने भरदाव से भवनाथ मंदिर तक पदयात्रा की। जूनागढ़ के अधिकारी, पदाधिकारी भी पदयात्रा में शामिल हुए। इस अवसर पर डमरू यात्रा निकाली गई। आहीर और मेहर समुदाय की महिलाओं और पुरुषों ने अपने पारंपरिक परिधान पहनकर स्वागत किया। इस दौरान मेले में लोक संस्कृति की अनोखी झलक देखने को मिली।

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