गयाजी शहर का होगा विकास-सौंदर्यीकरण:विकास की नई रूपरेखा तय, स्वागत द्वार से लेकर ओपन एयर थिएटर की योजनाओं को हरी झंडी

गयाजी शहर का होगा विकास-सौंदर्यीकरण:विकास की नई रूपरेखा तय, स्वागत द्वार से लेकर ओपन एयर थिएटर की योजनाओं को हरी झंडी

राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के तहत गया शहर के विकास और सौंदर्यीकरण को लेकर प्रशासन ने दिशा तय कर दी है। मंगलवार को सभागार में डीएम शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में बैठक हुई। डीएम ने बैठक में कई प्रस्तावित परियोजनाओं को स्वीकृति दी। इन योजनाओं का मकसद शहर को न सिर्फ अधिक सुंदर बनाना है, बल्कि वायु प्रदूषण पर ठोस नियंत्रण स्थापित करना है। पेवमेंट वर्क के साथ स्वागत द्वार का निर्माण होगा बैठक में तय किया गया कि सिकरिया मोड़, सीताकुंड बायपास पुल और गया–पटना मार्ग के प्रवेश बिंदुओं पर पेवमेंट वर्क के साथ स्वागत द्वार का निर्माण होगा। इसके साथ ही वायु प्रदूषण से जुड़ी जानकारी प्रदर्शित करने के लिए माउंटेड टॉवर लगाए जाएंगे और व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कराया जाएगा। गया जी डैम (रबर डैम) के आसपास क्षेत्र को भी नए सिरे से विकसित किया जाएगा। यहां ओपन एयर थिएटर का निर्माण, पेवमेंट का विकास और हरियाली बढ़ाने के लिए वृक्षारोपण कार्य को मंजूरी दी गई है। प्रशासन का मानना है कि इससे यह इलाका लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। जेपी झरना से नाजरथ अकादमी तक सड़क के दोनों ओर पेवमेंट और पौधारोपण के साथ व्यवस्थित वेंडिंग जोन विकसित किया जाएगा, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु रहे और स्थानीय कारोबारियों को भी उचित स्थान मिल सके। दिघी तालाब के सौंदर्यीकरण को हरी झंडी इसके अलावा “मोक्ष धाम गयाजी” में प्रकाश सज्जा और डिस्प्ले काम को स्वीकृति दी गई है। दिघी तालाब के सौंदर्यीकरण की योजना को भी हरी झंडी मिली है, जिससे यह ऐतिहासिक जलस्रोत नए रूप में सामने आएगा। डीएम शशांक शुभंकर ने नगर आयुक्त को निर्देश दिए कि इन सभी योजनाओं के लिए जल्द से जल्द एस्टीमेट और प्राक्कलन तैयार कराए जाएं, ताकि काम की शुरुआत में कोई देरी न हो। उन्होंने कहा कि गया शहरी क्षेत्र को व्यवस्थित, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में कदम बढ़ चुके हैं। खास बात यह भी यह सारा काम प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल है। बैठक में नगर आयुक्त गया नगर निगम अभिषेक पलाशिया, नगर निगम के आर्किटेक्ट और अन्य अभियंता उपस्थित रहे। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के तहत गया शहर के विकास और सौंदर्यीकरण को लेकर प्रशासन ने दिशा तय कर दी है। मंगलवार को सभागार में डीएम शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में बैठक हुई। डीएम ने बैठक में कई प्रस्तावित परियोजनाओं को स्वीकृति दी। इन योजनाओं का मकसद शहर को न सिर्फ अधिक सुंदर बनाना है, बल्कि वायु प्रदूषण पर ठोस नियंत्रण स्थापित करना है। पेवमेंट वर्क के साथ स्वागत द्वार का निर्माण होगा बैठक में तय किया गया कि सिकरिया मोड़, सीताकुंड बायपास पुल और गया–पटना मार्ग के प्रवेश बिंदुओं पर पेवमेंट वर्क के साथ स्वागत द्वार का निर्माण होगा। इसके साथ ही वायु प्रदूषण से जुड़ी जानकारी प्रदर्शित करने के लिए माउंटेड टॉवर लगाए जाएंगे और व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कराया जाएगा। गया जी डैम (रबर डैम) के आसपास क्षेत्र को भी नए सिरे से विकसित किया जाएगा। यहां ओपन एयर थिएटर का निर्माण, पेवमेंट का विकास और हरियाली बढ़ाने के लिए वृक्षारोपण कार्य को मंजूरी दी गई है। प्रशासन का मानना है कि इससे यह इलाका लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। जेपी झरना से नाजरथ अकादमी तक सड़क के दोनों ओर पेवमेंट और पौधारोपण के साथ व्यवस्थित वेंडिंग जोन विकसित किया जाएगा, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु रहे और स्थानीय कारोबारियों को भी उचित स्थान मिल सके। दिघी तालाब के सौंदर्यीकरण को हरी झंडी इसके अलावा “मोक्ष धाम गयाजी” में प्रकाश सज्जा और डिस्प्ले काम को स्वीकृति दी गई है। दिघी तालाब के सौंदर्यीकरण की योजना को भी हरी झंडी मिली है, जिससे यह ऐतिहासिक जलस्रोत नए रूप में सामने आएगा। डीएम शशांक शुभंकर ने नगर आयुक्त को निर्देश दिए कि इन सभी योजनाओं के लिए जल्द से जल्द एस्टीमेट और प्राक्कलन तैयार कराए जाएं, ताकि काम की शुरुआत में कोई देरी न हो। उन्होंने कहा कि गया शहरी क्षेत्र को व्यवस्थित, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में कदम बढ़ चुके हैं। खास बात यह भी यह सारा काम प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल है। बैठक में नगर आयुक्त गया नगर निगम अभिषेक पलाशिया, नगर निगम के आर्किटेक्ट और अन्य अभियंता उपस्थित रहे।  

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