बक्सर जिले में लोन दिलाने के नाम पर ठगी और फर्जी बैंक खातों के जरिए करोड़ों रुपए के अवैध लेन-देन का बड़ा मामला सामने आया है। बक्सर पुलिस ने इस गिरोह के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और अन्य संदिग्धों की तलाश में छापेमारी जारी है। यह मामला 09 फरवरी को संजीत कुमार कुशवाहा द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद सामने आया। संजीत ने बताया कि उनके छोटे भाई हेमंत कुमार, जो मानसिक रूप से कमजोर हैं, उन्हें गांव के दो युवकों ने लोन दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद उनके नाम पर दो अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाए गए और सिम कार्ड भी जारी कराया गया। पीड़ित हेमंत को खाते से संबंधित कोई भी दस्तावेज नहीं दिए गए। बाद में पता चला कि इन्हीं खातों का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये का अवैध लेन-देन किया जा रहा था। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर SIT गठित मामले की गंभीरता को देखते हुए बक्सर साइबर थाना में कांड संख्या 07/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। टीम ने दोनों बैंक खातों के लेन-देन की जांच की, जिसमें बड़े पैमाने पर संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि हुई। इसके बाद खाता खुलवाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि वह और उसके साथी लोगों को सरकारी योजनाओं और लोन का लालच देकर उनके नाम पर खाते खुलवाते थे। वे सभी दस्तावेज अपने पास रख लेते थे और फिर साइबर ठगी से प्राप्त रकम को इन्हीं खातों से निकाल लेते थे। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अनमोल तिवारी के रूप में हुई है, जो नरेश तिवारी का पुत्र और बैरी, थाना इटाढ़ी, जिला बक्सर का निवासी है। नागरिकों से सतर्क रहने की अपील बक्सर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने बैंक खाते, एटीएम, सिम या अन्य दस्तावेज साझा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। बक्सर जिले में लोन दिलाने के नाम पर ठगी और फर्जी बैंक खातों के जरिए करोड़ों रुपए के अवैध लेन-देन का बड़ा मामला सामने आया है। बक्सर पुलिस ने इस गिरोह के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और अन्य संदिग्धों की तलाश में छापेमारी जारी है। यह मामला 09 फरवरी को संजीत कुमार कुशवाहा द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद सामने आया। संजीत ने बताया कि उनके छोटे भाई हेमंत कुमार, जो मानसिक रूप से कमजोर हैं, उन्हें गांव के दो युवकों ने लोन दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद उनके नाम पर दो अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाए गए और सिम कार्ड भी जारी कराया गया। पीड़ित हेमंत को खाते से संबंधित कोई भी दस्तावेज नहीं दिए गए। बाद में पता चला कि इन्हीं खातों का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये का अवैध लेन-देन किया जा रहा था। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर SIT गठित मामले की गंभीरता को देखते हुए बक्सर साइबर थाना में कांड संख्या 07/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। टीम ने दोनों बैंक खातों के लेन-देन की जांच की, जिसमें बड़े पैमाने पर संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि हुई। इसके बाद खाता खुलवाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि वह और उसके साथी लोगों को सरकारी योजनाओं और लोन का लालच देकर उनके नाम पर खाते खुलवाते थे। वे सभी दस्तावेज अपने पास रख लेते थे और फिर साइबर ठगी से प्राप्त रकम को इन्हीं खातों से निकाल लेते थे। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अनमोल तिवारी के रूप में हुई है, जो नरेश तिवारी का पुत्र और बैरी, थाना इटाढ़ी, जिला बक्सर का निवासी है। नागरिकों से सतर्क रहने की अपील बक्सर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने बैंक खाते, एटीएम, सिम या अन्य दस्तावेज साझा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।


