UP Budget 2026: आज 11 फरवरी 2026 को जब उत्तर प्रदेश का बजट 2026-27 विधानसभा में पेश होगा, तो वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना एक नया इतिहास रच देंगे। वे यूपी के पहले ऐसे वित्त मंत्री बन जाएंगे, जो लगातार छठी बार बजट पेश कर रहे हैं। यह उपलब्धि काफी बड़ी है, क्योंकि इससे पहले कोई वित्त मंत्री इतनी बार लगातार बजट नहीं पेश कर पाया था। योगी आदित्यनाथ सरकार के दूसरे कार्यकाल में यह बजट काफी महत्वपूर्ण है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह आखिरी बड़ा बजट होगा, जिसमें लोगों की उम्मीदें बहुत ज्यादा हैं।
सुरेश खन्ना का लंबा राजनीतिक सफर
सुरेश कुमार खन्ना का जन्म 6 मई 1953 को शाहजहांपुर में हुआ था। वे एक हिंदू खत्री परिवार से आते हैं। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की। राजनीति में उनकी एंट्री 1980 के दशक में हुआ। वे 1989 में पहली बार शाहजहांपुर विधानसभा सीट से विधायक चुने गए। तब से अब तक वे लगातार 9 बार इस सीट से जीत हासिल कर चुके हैं। यह उत्तर प्रदेश विधानसभा में एक रिकॉर्ड है। वे 10वीं से 18वीं विधानसभा तक लगातार विधायक रहे हैं।
सुरेश खन्ना भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता हैं। वे 1989 से ही बीजेपी के साथ जुड़े हुए हैं। योगी सरकार के पहले कार्यकाल में भी वे मंत्री रहे और बजट पेश किया। 2017 में योगी सरकार बनने के बाद उन्हें शहरी विकास और संसदीय कार्य जैसे विभाग मिले। अगस्त 2019 से वे वित्त, संसदीय कार्य और चिकित्सा शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाल रहे हैं। उनकी ईमानदारी, अनुभव और मेहनत की वजह से पार्टी और सरकार उनको इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिली। शाहजहांपुर के लोगों का उन पर पूरा भरोसा है, जिसकी वजह से वे बार-बार जीतते हैं।
बजट 2026-27: लगभग 9 लाख करोड़ का अनुमान
माना जा रहा है कि यूपी बजट 2026-27 का आकार लगभग 9 लाख करोड़ रुपये के आसपास होगा। पिछले साल का बजट करीब 8.33 लाख करोड़ था, जिसमें 10% की बढ़ोतरी की उम्मीद है। यह बजट आत्मनिर्भर यूपी बनाने पर केंद्रित होगा। शिक्षा, कृषि और युवा विकास मुख्य फोकस क्षेत्र होंगे। सरकार शिक्षा में बेहतर सुविधाएं, स्कूल-कॉलेजों का विकास, छात्रवृत्ति और स्किल ट्रेनिंग पर जोर देगी। कृषि में किसानों को बेहतर बीज, सिंचाई, खाद और न्यूनतम समर्थन मूल्य जैसी योजनाओं को मजबूत किया जाएगा। युवाओं के लिए रोजगार, स्टार्टअप, खेल और स्वरोजगार की नई स्कीम्स आ सकती हैं।
इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, महिला कल्याण और पिछड़े वर्गों के उत्थान पर भी अच्छा खासा ध्यान रहेगा। योगी सरकार का दावा है कि यह बजट लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने वाला होगा। पिछले सालों में यूपी की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ी है और अब यह 36 लाख करोड़ के करीब पहुंच गई है।
विकास और इतिहास का संगम
सुरेश खन्ना का यह छठा बजट न सिर्फ राज्य के लिए बड़ा अवसर है, बल्कि उनके राजनीतिक करियर की एक नई मिसाल भी बनेगा। उनकी लंबी यात्रा-छात्र राजनीति से लेकर लगातार 9 बार विधायक और कई बार मंत्री बनने तक-मेहनत और जनसेवा का प्रतीक है। यह बजट 2027 चुनाव से पहले सरकार की लोकप्रियता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा। उम्मीद है कि यह बजट यूपी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।


