कोचस पीएचसी में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम शुरू:लोगों को दवा का सेवन कराया गया, 27 फरवरी तक चलेगा अभियान

कोचस पीएचसी में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम शुरू:लोगों को दवा का सेवन कराया गया, 27 फरवरी तक चलेगा अभियान

रोहतास जिले के कोचस फाइलेरिया उन्मूलन के सरकारी लक्ष्य को लेकर मंगलवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) कोचस में मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। चिकित्सा प्रभारी पदाधिकारी डॉ. तुषार कुमार ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उद्घाटन के दौरान आम लोगों को फाइलेरिया से बचाव के लिए निर्धारित दवाओं का सेवन कराया गया। मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए डॉ. तुषार कुमार ने बताया कि फाइलेरिया एक गंभीर संक्रामक रोग है। यह मच्छरों के माध्यम से फैलता है और समय पर रोकथाम न होने पर स्थायी दिव्यांगता का कारण बन सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा फाइलेरिया उन्मूलन के लिए यह अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र को पूर्ण रूप से फाइलेरिया मुक्त बनाना है। डॉ. तुषार कुमार ने बताया कि एमडीए कार्यक्रम के तहत लक्षित आबादी को दवा खिलाकर संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा दी जा रही दवाओं का सेवन अवश्य करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने आश्वस्त किया कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और चिकित्सकीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप दी जा रही है। डॉ. कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि फाइलेरिया उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम जनता की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। इस बीमारी से स्थायी मुक्ति का एकमात्र प्रभावी उपाय दवा का नियमित सेवन ही है। कार्यक्रम के दौरान हेल्थ मैनेजर मोतिउर रहमान, बीसीएम अजय कुमार सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर लोगों को फाइलेरिया के लक्षण, कारण और बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी भी दी। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि अभियान के तहत आने वाले दिनों में घर-घर जाकर भी दवा सेवन सुनिश्चित कराया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति इस योजना से वंचित न रहे। इस अभियान के सफल क्रियान्वयन से क्षेत्र में फाइलेरिया जैसी बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण की उम्मीद जताई जा रही है। रोहतास जिले के कोचस फाइलेरिया उन्मूलन के सरकारी लक्ष्य को लेकर मंगलवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) कोचस में मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। चिकित्सा प्रभारी पदाधिकारी डॉ. तुषार कुमार ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उद्घाटन के दौरान आम लोगों को फाइलेरिया से बचाव के लिए निर्धारित दवाओं का सेवन कराया गया। मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए डॉ. तुषार कुमार ने बताया कि फाइलेरिया एक गंभीर संक्रामक रोग है। यह मच्छरों के माध्यम से फैलता है और समय पर रोकथाम न होने पर स्थायी दिव्यांगता का कारण बन सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा फाइलेरिया उन्मूलन के लिए यह अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र को पूर्ण रूप से फाइलेरिया मुक्त बनाना है। डॉ. तुषार कुमार ने बताया कि एमडीए कार्यक्रम के तहत लक्षित आबादी को दवा खिलाकर संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा दी जा रही दवाओं का सेवन अवश्य करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने आश्वस्त किया कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और चिकित्सकीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप दी जा रही है। डॉ. कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि फाइलेरिया उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम जनता की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। इस बीमारी से स्थायी मुक्ति का एकमात्र प्रभावी उपाय दवा का नियमित सेवन ही है। कार्यक्रम के दौरान हेल्थ मैनेजर मोतिउर रहमान, बीसीएम अजय कुमार सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर लोगों को फाइलेरिया के लक्षण, कारण और बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी भी दी। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि अभियान के तहत आने वाले दिनों में घर-घर जाकर भी दवा सेवन सुनिश्चित कराया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति इस योजना से वंचित न रहे। इस अभियान के सफल क्रियान्वयन से क्षेत्र में फाइलेरिया जैसी बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण की उम्मीद जताई जा रही है।  

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