UP Economic Survey Highlights Agri Growth: उत्तर प्रदेश सरकार ने विधानमंडल के बजट सत्र में प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण के माध्यम से स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश की विकास यात्रा का केंद्र बिंदु कृषि और किसान हैं। “विकसित उत्तर प्रदेश 2047” के विजन के तहत राज्य सरकार ने कृषि को आधुनिक, लाभकारी और तकनीक आधारित बनाने का लक्ष्य तय किया है, ताकि किसानों की आय बढ़े और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो। सरकार का जोर “लागत कम, उत्पादन अधिक” के सिद्धांत पर है। कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन को समग्र रूप से बढ़ावा देकर प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
अर्थव्यवस्था में बढ़ा कृषि क्षेत्र का योगदान
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, वर्ष 2017-18 की तुलना में 2024-25 में कृषि व संबद्ध क्षेत्रों का प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान 24% से बढ़कर 24.9% हो गया है। उत्तर प्रदेश 2024-25 में 737.4 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन के साथ देश का अग्रणी राज्य बना हुआ है।
- कुल खाद्यान्न उत्पादन में 28.5% वृद्धि
- उत्पादकता में 11.8% वृद्धि
- राष्ट्रीय योगदान 18.1% से बढ़कर 20.6%
- प्रति हेक्टेयर सकल मूल्यवर्धन 0.98 लाख रुपये से बढ़कर 1.73 लाख रुपये हो गया है।
धान और गेहूं में उल्लेखनीय प्रगति
- धान की हिस्सेदारी कृषि जीवीओ में 13.1% है।
- क्षेत्रफल में 19.4% वृद्धि
- उत्पादन में 23.6% वृद्धि
- उत्पादकता 29.4 कुंतल/हेक्टेयर
- गेहूं की हिस्सेदारी 18.7%
- उत्पादन में 6.3% वृद्धि
- उत्पादकता 41.2 कुंतल/हेक्टेयर

दलहन व तिलहन मिशनों ने फसल विविधीकरण को बढ़ाया है। तिलहन क्षेत्रफल में लगभग 165% वृद्धि दर्ज की गई।
योजनाओं से खेत तक पहुंचा लाभ
| योजना | उपलब्धि |
| उर्वरक वितरण | 806.70 लाख मीट्रिक टन |
| फसली ऋण | ₹13.4 लाख करोड़ से अधिक |
| पीएम-किसान | ₹94,668 करोड़ DBT |
| फसल बीमा | 61.98 लाख किसानों को ₹5110 करोड़ क्षतिपूर्ति |
| खेत तालाब | 32,732 निर्माण |
| पीएम कुसुम | 86,128 सोलर पम्प |
बीज पार्क: आत्मनिर्भर कृषि की ओर कदम
प्रदेश के पांच कृषि-जलवायु क्षेत्रों में उन्नत बीज पार्क स्थापित किए जा रहे हैं। पहला पार्क लखनऊ के अटारी क्षेत्र में 130 एकड़ में बनेगा। यहां हाइब्रिड बीज विकास और स्पीड ब्रीडिंग की सुविधा होगी। इससे प्रदेश बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर बन सकेगा।
बागवानी और मूल्य संवर्धन
उत्तर प्रदेश आम, आलू, सब्जी, मटर और शहद उत्पादन में अग्रणी है।
- हाईटेक नर्सरी
- टिश्यू कल्चर
- पॉलीहाउस
- शीतगृह
- मधुमक्खी पालन
इन पहलों से किसानों की आय में विविध स्रोत जुड़े हैं।
फूड प्रोसेसिंग हब के रूप में उभरता यूपी
प्रदेश में 65,000 फूड प्रोसेसिंग इकाइयां संचालित हैं, जिनसे 2.55 लाख युवाओं को रोजगार मिला है। 15 से अधिक एग्रो प्रोसेसिंग पार्क विकसित किए जा चुके हैं।
महिला शक्ति की बड़ी भूमिका
प्रदेश में कार्यरत महिलाओं का 78.8% कृषि क्षेत्र में कार्यरत है। यह दर्शाता है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सिंचाई और माइक्रो इरिगेशन में विस्तार
- सिंचित क्षेत्र 27.8% बढ़कर 2.76 करोड़ हेक्टेयर हो गया।
- फसल सघनता 193.7% तक पहुंच गई है।
पशुपालन: दुग्ध उत्पादन में नंबर वन
- उत्तर प्रदेश देश के दुग्ध उत्पादन में 15.66% योगदान देता है।
- दूध उत्पादन 290 से बढ़कर 388 लाख मीट्रिक टन हुआ।
मत्स्य उत्पादन में बड़ी छलांग
- मत्स्य उत्पादन 6.3 से बढ़कर 13.31 लाख मीट्रिक टन हो गया- 111% वृद्धि।
- विकसित उत्तर प्रदेश 2047 – कृषि लक्ष्य
- फसल सघनता 250%
उत्पादकता वृद्धि
- 30 लाख हेक्टेयर बंजर भूमि उपयोग
- 75% मशीनीकरण (AI आधारित)
- माइक्रो इरिगेशन विस्तार
- कृषि वानिकी, बीज पार्क
- किसानों की आय तीन गुना


