करोड़ों खर्च के बाद भी शहर में लगे कचरे के ढेर

करोड़ों खर्च के बाद भी शहर में लगे कचरे के ढेर

भिण्ड. दो साल में नियमित स्व‘छता पर 30 करोड़ रुपए से ’यादा खर्च कर चुकी है, इसके बावजूद कचरे का ठोस प्रबंधन नहीं हो पा रहा है। हालात यह हैं कि दो माह से डंपिंग ग्राउंड पर कचरा डालने की जगह नहीं है, गंदगी व बदबू के कारण लोगोंं ने एक रास्ता ही बैरियर लगाकर बंद कर दिया है।

रविवार को शहर में सफाई न होने से कचरा सडक़ों पर पड़ा रहा, सोमवार को वाहन कचरा भरकर मेला परिसर में खड़े रहे और मंगलवार को डंपिंग ग्राउंड कचरा डालने गए वाहनों को आसपास रहने वाले लोगों ने वापस कर दिया। वहीं डंपिंग ग्राउंड पूरी तरह भर जाने से कचरे को रोड साइड में जलाया भी जा रहा है। मंगलवार को दोपहर की पाली में सफाई व्यवस्था में लगे वाहन ही डीजल न मिलने से नहीं चल सके। एक माह में यह स्थिति तीसरी बार बनी है। स्थानीय लोगों ने डंपिंग ग्राउंड पर कचरा डालने को लेकर पूर्व में भी विरोध दर्ज कराया है।

नपा में स्व‘छता व्यवस्था में 100 स्थाई और 500 के करीब दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी लगे हैं। भले ही मैदान में आधे ही दिखते हैं। स्थायी कर्मचारियों को औसतन 40 हजार रुपए हर माह वेतन मिलता है जो एक माह का 40 लाख और एक साल का 4.8 करोड़ के करीब होता है। दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का औसतन मानदेय 12 हजार रुपए से 500 कर्मचारियों का औसतन हर माह 60 लाख रुपए और साल का 7.20 करोड़ रुपए खर्च होता है। इसके अलावा हर माह औसतन 16 लाख रुपए रुपए का डीजल जो साल में करीब 1.92 करोड़ रुपए का होता है। सालाना 50 लाख रुपए वाहनों के रख-रखाव एवं मरम्मत का भी बजट है।

डंपिंग ग्राउंड खाली करने टेंडर जारी

नगरपालिका ने डंपिंग ग्राउंड का सारा कचरा उठाकर रछेड़ी स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड तक पहुंचाने के लिए 30 लाख रुपए का टेंडर जारी किया है। इसके बाद यह ग्राउंड खाली हो जाएगा तो फर कोशिश की जाएगी कि कचरा सीधे ट्रेचिंग ग्राउंड जाने लगे। वहीं रछेड़ी मुख्य रोड से ट्रेचिंग ग्राउंड तक सीसी रोड बनवाने का भी प्रस्ताव है, ताकि बरसात में समस्या न आए।

शहर की हालत खराब

कचरा संग्रहण वाहन दोपहर में तो चल ही नहीं रहे। दो दिन से कचरा भी खाली नहीं हो पा रहा है। स्वास्थ्य अधिकारी कभी शहर में भ्रमण पर नहीं जाते, शहर की हालत बहुत खराब है। जगह-जगह गंदगी के ढेर दिखाई देते हैं।
ममतारामहेत शाक्य, पार्षद, वार्ड 10

डीजल के भुगतान की समस्या थी, वहीं डंपिंग ग्राउंड पर जगह नहीं बची। दो दिन से वाहन लदे खड़े थे, तब मंगलवार को देर से निर्णय लिया कि ट्रेचिंग ग्राउंड पर खाली कराए जाएं। अब समस्या हल हो गई है, कुछ वाहन खराब होने से भी समस्या है।
राजीव जैन, स्वास्थ्य अधिकारी, नपा भिण्ड।

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