मेरठ के आरजी कॉलेज की सहायक शिक्षिका बबिता के पति रजनीश के सुसाइड की गुत्थी सुलझने के बजाय उलझती जा रही है। पुलिस की शुरुआती छानबीन में मारपीट या विवाद जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। फिलहाल जांच मोबाइल फोन पर आकर रुक गई है, जिसमें पुलिस को व्हाट्सएप डिलीट मिला है। पुलिस ने इसी बिंदु पर जांच आगे बढ़ाई है। व्हाट्सएप और उसके डिलीट डाटा को रिकवर कर लिया गया है। पहले एक नजर पूरे मामले पर
सिविल लाइन के विजयनगर में योगेश चंद्रा का मकान है। जुलाई, 2023 से इस मकान में 40 वर्षीय रजनीश सैनी पुत्र वेद प्रकाश सैनी अपनी पत्नी बबीता और डेढ़ साल के बच्चे केशव के साथ किराए पर रह रहे थे। बबीता आरजी इंटर कॉलेज में सहायक शिक्षिका हैं। सोमवार सुबह बबीता किसी काम से बैंक गईं थीं। करीब आधा घंटे बाद वह घर लौटीं तो देखा मुख्य दरवाजा अंदर से लॉक है। उन्होंने पति रजनीश को आवाज लगाई लेकिन कोई रियेक्शन नहीं मिला। जैसे तैसे पड़ोसियों की मदद से दरवाजा खोलकर ऊपर पहुंची तो देखा रजनीश का शव फंदे के सहारे झूल रहा था। साथी शिक्षिकाओं ने संभाला
पति की लाश लटकी देख बबीता बेसुध हो गई। वह बिलख बिलखकर रोने लगी। सूचना मिलते ही उनके साथ स्कूल में पढ़ाने वाली कई शिक्षिकाएं घर पहुंच गई और बबीता को संभाला। पुलिस मौके पर आ गई। फोरेंसिक टीम को भी बुला लिया गया। बबीता अपने बेटे को गोद में उठाए बिलख बिखल कर रोती रही। बबीता ने बताया कि वह बिलकुल ठीक अपने पति को छोड़कर गई थी। वह नहीं जानती कि रजनीश ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। परिवार ने आकर किया हंगामा
कुछ ही घंटे में रजनीश के पिता वेदप्रकाश सैनी, मां निर्मला और भाई अमित भी घर पहुंच गए। उन्होंने बबीता पर ही प्रताड़ित करने का आरोप लगा दिया। पिता बदहवास होकर कार्रवाई की मांग करने लगे। जैसे तैसे लोगों ने उन्हें संभाला। इसके बाद पुलिस ने रजनीश के शव का पंचनामा भरकर उसे मोर्चरी भिजवा दिया। रात में पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर परिजन पैतृक गांव चले गए और वहां अंतिम संस्कार कर दिया। मोबाइल में डिलीट मिला व्हाट्सअप
रजनीश के सुसाइड करने के बाद फोरेंसिक टीम ने छानबीन की। इसके अलावा सिविल लाइन पुलिस ने भी रजनीश व बबीता के मोबाइल अपने कब्जे में ले लिए। रजनीश के पास दो मोबाइल थे जबकि बबीता के पास अपना एक मोबाइल था। बताया जाता है कि पुलिस ने अपनी छानबीन मोबाइल से शुरु की, जिसमें रजनीश के मोबाइल फोन से व्हाट्सअप डिलीट मिला। पुलिस ने इसे रिकवर भी कर लिया है। हालांकि अभी रिकवर डाटा को पुलिस पूरी तरह देख नहीं पाई है। पुलिस यह पता लगाने में जुट गई है कि व्हाट्सअप को डिलीट करने के पीछे रजनीश का क्या मकसद हो सकता है। छानबीर जारी है, जल्द होगा खुलासा एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि पुलिस कई बिंदु पर जांच कर रही है। मोबाइल की कॉल डिटेल से लेकर अन्य चीजों पर भी फोकस है। शुरुआती छानबीन में घर में विवाद जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। ससुराल पक्ष ने बबीता पर आरोप लगाए हैं, जिनकी जांच हो रही है। मामले में अभी पुलिस को कोई तहरीर नहीं मिली है।


