अजित पवार के विमान हादसे पर बड़ा खुलासा! ‘चुनाव के वक्त ही क्यों…’, रोहित पवार के एक ट्वीट ने राजनीति में मचाया हड़कंप

अजित पवार के विमान हादसे पर बड़ा खुलासा! ‘चुनाव के वक्त ही क्यों…’, रोहित पवार के एक ट्वीट ने राजनीति में मचाया हड़कंप

Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की 28 जनवरी 2026 को मुंबई से बारामती जा रहे लियरजेट 45 में मौत हो गई। हादसे में विमान क्रैश होकर आग में जल गया, जिसमें अजित पवार समेत 6 लोग मारे गए। कोई भी बचाव नहीं हो सका। अब इस घटना पर उनके भतीजे और एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने सनसनीखेज दावे किए हैं। 10 फरवरी 2026 को मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित ने प्रजेंटेशन देकर इसे महज दुर्घटना नहीं, बल्कि संभावित साजिश बताया।

रोहित पवार के विस्फोटक सवाल

रोहित पवार ने कई गंभीर सवाल उठाए:

  • विमान क्यों देर से उड़ा? सुबह 7 बजे का शेड्यूल 8:10 बजे क्यों हुआ?
  • आखिरी समय में पायलट क्यों बदला गया? कैप्टन सुमित कपूर का नाम ‘ड्रंक पायलट’ सूची में था, उन्हें 3 साल सस्पेंड किया गया था।
  • ट्रांसपोंडर क्रैश से 1 मिनट पहले क्यों बंद हुआ?
  • मुख्य पायलट की आवाज ब्लैक बॉक्स में क्यों नहीं?
  • विमान में अतिरिक्त फ्यूल टैंक थे? क्या यह बम की तरह काम कर सकता था?
  • कंपनी VSR और ARROW की मेंटेनेंस रिपोर्ट कहां? CCTV फुटेज, टेकलॉग, एयरवर्दी रिपोर्ट क्यों नहीं दिखाई जा रही?
  • DGCA नियमों के अनुसार विजिबिलिटी 5 किमी जरूरी थी, लेकिन सिर्फ 3 किमी थी।
  • अजित पवार उड़ान से सतर्क रहते थे, फिर भी क्यों मजबूरन फ्लाइट ली?

रोहित ने कहा, ‘पूरा महाराष्ट्र पूछ रहा है-यह हादसा था या साजिश?’ उन्होंने इजरायल की किताब ‘Rise and Kill First’ का जिक्र कर कहा कि कभी-कभी ‘ड्राइवर’ (लीडर) को हटाना सबसे प्रभावी होता है।

राजनीतिक संदर्भ: चुनाव से पहले विवाद

यह घटना महाराष्ट्र में आगामी चुनावों से ठीक पहले हुई, जिससे साजिश के कयास तेज हो गए। रोहित ने किसी नेता पर सीधा आरोप नहीं लगाया, लेकिन कंपनी VSR पर DGCA का संरक्षण और प्रफुल्ल पटेल से जुड़ी MRO कंपनी का जिक्र किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों (NTSB, AAIB, BEA) से जांच की मांग की। शरद पवार ने पहले इसे दुर्घटना बताया था, लेकिन रोहित नए तथ्यों के आधार पर सवाल उठा रहे हैं।

परिवार और राजनीति में हलचल

रोहित पवार ने भावुक होकर कहा कि कई लोग अभी भी मानते हैं कि अजित दादा जिंदा हैं, क्योंकि जले हुए कपड़े और घड़ी मिली। उन्होंने जांच में पारदर्शिता की मांग की और ब्लैक बॉक्स रिकॉर्डिंग परिवार को सुनने की अपील की। महाराष्ट्र की राजनीति में यह मामला तनाव बढ़ा रहा है, जहां NCP के दोनों गुटों के बीच पहले से मतभेद हैं। DGCA और अन्य एजेंसियां जांच कर रही हैं, लेकिन रोहित के सवालों ने नई बहस छेड़ दी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *