गयाजी जिले के कोंच प्रखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार को दोपहर फाइलेरिया उन्मूलन के उद्देश्य से सर्वजन दवा सेवन अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नदीम अख्तर ने दीप प्रज्ज्वलित कर और स्वयं दवा का सेवन कर इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी को जड़ से खत्म करना है। इसके तहत लोगों को जागरूक किया जाएगा और घर-घर जाकर दवा खिलाना सुनिश्चित किया जाएगा। डॉ. नदीम अख्तर ने बताया कि फाइलेरिया एक लाइलाज बीमारी है, लेकिन समय पर दवा का सेवन करने से इससे बचा जा सकता है। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिया कि वे हर व्यक्ति के पास खुद जाकर अपनी उपस्थिति में दवा खिलाएं, ताकि कोई भी इससे वंचित न रहे। स्वास्थ्य केंद्र ने स्पष्ट किया कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है। हालांकि, इसे खाली पेट नहीं खाना चाहिए। दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को यह दवा नहीं दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग करें। फाइलेरिया मुक्त समाज बनाने के लिए सामूहिक भागीदारी और शत-प्रतिशत दवा सेवन अनिवार्य है। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य प्रबंधक मोहम्मद वसीम, यूनिसेफ के नीरज कुमार अंबष्ट और अन्य कर्मी मौजूद रहे। गयाजी जिले के कोंच प्रखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार को दोपहर फाइलेरिया उन्मूलन के उद्देश्य से सर्वजन दवा सेवन अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नदीम अख्तर ने दीप प्रज्ज्वलित कर और स्वयं दवा का सेवन कर इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी को जड़ से खत्म करना है। इसके तहत लोगों को जागरूक किया जाएगा और घर-घर जाकर दवा खिलाना सुनिश्चित किया जाएगा। डॉ. नदीम अख्तर ने बताया कि फाइलेरिया एक लाइलाज बीमारी है, लेकिन समय पर दवा का सेवन करने से इससे बचा जा सकता है। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिया कि वे हर व्यक्ति के पास खुद जाकर अपनी उपस्थिति में दवा खिलाएं, ताकि कोई भी इससे वंचित न रहे। स्वास्थ्य केंद्र ने स्पष्ट किया कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है। हालांकि, इसे खाली पेट नहीं खाना चाहिए। दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को यह दवा नहीं दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग करें। फाइलेरिया मुक्त समाज बनाने के लिए सामूहिक भागीदारी और शत-प्रतिशत दवा सेवन अनिवार्य है। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य प्रबंधक मोहम्मद वसीम, यूनिसेफ के नीरज कुमार अंबष्ट और अन्य कर्मी मौजूद रहे।


