मोतिहारी निवासी राजा उत्कर्ष द्वारा उत्तराखंड के दीपक कुमार को थप्पड़ मारने वाले को ₹2 लाख इनाम देने की घोषणा करने के बाद यह मामला गंभीर रूप ले चुका है। घोषणा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही उत्तराखंड पुलिस हरकत में आ गई है और अब मोतिहारी के इस युवक की तलाश तेज कर दी गई है। दीपक कुमार ने पुलिस में दी शिकायत उत्तराखंड निवासी दीपक कुमार ने कोटद्वार कोतवाली में एक लिखित शिकायत दी है। शिकायत में उन्होंने कहा कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें नुकसान पहुंचाने के लिए इनाम की घोषणा की है। दीपक ने इसे अपनी जिंदगी के लिए खतरा बताया है और आरोप लगाया है कि यह धमकी उन्हें डराने और सामाजिक रूप से टारगेट करने की कोशिश है। एसएसपी पौड़ी ने दिए FIR दर्ज करने के निर्देश मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी पौड़ी सर्वेश पंवार ने कोटद्वार कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को तुरंत मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया। इसके बाद पुलिस ने अभियोग पंजीकृत कर लिया और जांच शुरू कर दी है।
पुलिस की प्राथमिकता में यह पता लगाना है कि वीडियो किस परिस्थिति में बनाया गया और क्या किसी तरह की हिंसा को उकसाने का प्रयास किया गया है। दैनिक भास्कर से बातचीत में राजा उत्कर्ष ने दिया सफाई बयान दैनिक भास्कर से बात करते हुए राजा उत्कर्ष ने कहा कि दीपक कुमार द्वारा हिंदू-मुस्लिम के नाम पर समाज में वैमनस्य फैलाया जा रहा है, जिससे वे आक्रोशित हो गए थे।
उनका कहना है, दीपक सनातन धर्म को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। इसी गुस्से में मैंने थप्पड़ मारने वाले को इनाम देने की बात कह दी। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें यह भी आपत्तिजनक लगा कि दीपक ने अपने नाम के साथ ‘एमडी’ जोड़ रखा है, जिसे उन्होंने धार्मिक भावना से जोड़कर देखा। राजा उत्कर्ष बोले-जान से मारने की धमकी नहीं दी जब उनसे पूछा गया कि उनके खिलाफ उत्तराखंड में FIR दर्ज हो चुकी है, तो उन्होंने इसकी पुष्टि की। राजा उत्कर्ष ने कहा, मैंने किसी को मारने की धमकी नहीं दी थी। केवल थप्पड़ मारने वाले को इनाम देने की घोषणा की थी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने उनसे संपर्क कर एक वीडियो बयान बनवाया था।बाद में प्रशासन की सलाह पर उन्होंने विवादित वीडियो हटा दिया। वीडियो वायरल पर दी सफाई, पुलिस द्वारा बनाया गया वीडियो ही साझा हुआ दीपक के समर्थन में वीडियो बनाने के आरोप पर उन्होंने कहा कि ऐसा कोई वीडियो उन्होंने अलग से नहीं बनाया है। जो वीडियो वायरल है, वो पुलिस द्वारा बनवाया गया वीडियो है, जिसे उत्तराखंड पुलिस ने ही सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट को लेकर बढ़ी निगरानी घटना के बाद उत्तराखंड और बिहार पुलिस दोनों सोशल मीडिया पर भड़काऊ, सांप्रदायिक या हिंसा भड़काने वाली सामग्री पर नजर रखे हुए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। मामले की जांच जारी, गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं क्योंकि वीडियो में इनाम की घोषणा सार्वजनिक रूप से की गई थी, इसलिए पुलिस इसे उकसावे और धमकी के एंगल से भी देख रही है।
जांच अधिकारियों ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर राजा उत्कर्ष को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है और आरोप गंभीर पाए जाने पर गिरफ्तारी की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। मामले से जुड़े सभी डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और पुलिस की टीमें दोनों राज्यों में सक्रिय हैं। मोतिहारी निवासी राजा उत्कर्ष द्वारा उत्तराखंड के दीपक कुमार को थप्पड़ मारने वाले को ₹2 लाख इनाम देने की घोषणा करने के बाद यह मामला गंभीर रूप ले चुका है। घोषणा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही उत्तराखंड पुलिस हरकत में आ गई है और अब मोतिहारी के इस युवक की तलाश तेज कर दी गई है। दीपक कुमार ने पुलिस में दी शिकायत उत्तराखंड निवासी दीपक कुमार ने कोटद्वार कोतवाली में एक लिखित शिकायत दी है। शिकायत में उन्होंने कहा कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें नुकसान पहुंचाने के लिए इनाम की घोषणा की है। दीपक ने इसे अपनी जिंदगी के लिए खतरा बताया है और आरोप लगाया है कि यह धमकी उन्हें डराने और सामाजिक रूप से टारगेट करने की कोशिश है। एसएसपी पौड़ी ने दिए FIR दर्ज करने के निर्देश मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी पौड़ी सर्वेश पंवार ने कोटद्वार कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को तुरंत मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया। इसके बाद पुलिस ने अभियोग पंजीकृत कर लिया और जांच शुरू कर दी है।
पुलिस की प्राथमिकता में यह पता लगाना है कि वीडियो किस परिस्थिति में बनाया गया और क्या किसी तरह की हिंसा को उकसाने का प्रयास किया गया है। दैनिक भास्कर से बातचीत में राजा उत्कर्ष ने दिया सफाई बयान दैनिक भास्कर से बात करते हुए राजा उत्कर्ष ने कहा कि दीपक कुमार द्वारा हिंदू-मुस्लिम के नाम पर समाज में वैमनस्य फैलाया जा रहा है, जिससे वे आक्रोशित हो गए थे।
उनका कहना है, दीपक सनातन धर्म को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। इसी गुस्से में मैंने थप्पड़ मारने वाले को इनाम देने की बात कह दी। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें यह भी आपत्तिजनक लगा कि दीपक ने अपने नाम के साथ ‘एमडी’ जोड़ रखा है, जिसे उन्होंने धार्मिक भावना से जोड़कर देखा। राजा उत्कर्ष बोले-जान से मारने की धमकी नहीं दी जब उनसे पूछा गया कि उनके खिलाफ उत्तराखंड में FIR दर्ज हो चुकी है, तो उन्होंने इसकी पुष्टि की। राजा उत्कर्ष ने कहा, मैंने किसी को मारने की धमकी नहीं दी थी। केवल थप्पड़ मारने वाले को इनाम देने की घोषणा की थी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने उनसे संपर्क कर एक वीडियो बयान बनवाया था।बाद में प्रशासन की सलाह पर उन्होंने विवादित वीडियो हटा दिया। वीडियो वायरल पर दी सफाई, पुलिस द्वारा बनाया गया वीडियो ही साझा हुआ दीपक के समर्थन में वीडियो बनाने के आरोप पर उन्होंने कहा कि ऐसा कोई वीडियो उन्होंने अलग से नहीं बनाया है। जो वीडियो वायरल है, वो पुलिस द्वारा बनवाया गया वीडियो है, जिसे उत्तराखंड पुलिस ने ही सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट को लेकर बढ़ी निगरानी घटना के बाद उत्तराखंड और बिहार पुलिस दोनों सोशल मीडिया पर भड़काऊ, सांप्रदायिक या हिंसा भड़काने वाली सामग्री पर नजर रखे हुए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। मामले की जांच जारी, गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं क्योंकि वीडियो में इनाम की घोषणा सार्वजनिक रूप से की गई थी, इसलिए पुलिस इसे उकसावे और धमकी के एंगल से भी देख रही है।
जांच अधिकारियों ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर राजा उत्कर्ष को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है और आरोप गंभीर पाए जाने पर गिरफ्तारी की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। मामले से जुड़े सभी डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और पुलिस की टीमें दोनों राज्यों में सक्रिय हैं।


