पूर्णिया के GMCH से दो मासूम बच्चों की चोरी हो गई। 2 महिला चोर फर्जी रिश्तेदार बनकर वार्ड में घुसी और महज 10 मिनट में बच्चों को चुराकर ले गई। घटना सोमवार शाम 6 बजे की है। चोरी हुए बच्चों में लक्ष्मी कुमारी (3) और शुभम कुमार (4) शामिल है। मां का नाम गुड़िया देवी(35) है। नेवालाल चौक की रहने वाली हैं। पिता इस दुनिया में नहीं हैं। गुड़िया देवी को टीवी की गंभीर बीमारी के बाद 27 जनवरी को ऑल पीओपी वार्ड में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा है। रिश्तेदार बनकर अस्पताल पहुची पीड़िता की बड़ी बेटी चश्मदीद शिवानी कुमारी (8) ने बताया कि मां और अपने भाई-बहन के साथ अस्पताल में मौजूद थीं। इसी दौरान दो महिला रिश्तेदार बनकर आई। वो खाने का कुछ सामान भी लेकर आई थी। जिसे उसने लेने से मना कर दिया। इसके बाद महिला चोरों ने मुझे 210 रुपए देने का लालच दिया और इसी बहाने मुझे अस्पताल परिसर से बाहर ले गईं। जबरन मुझे रुपए थमाकर भाई-बहनों को ले गई। मैंने वहां शोर भी किया, मगर लोगों के न होने की वजह से वे भाग निकले। तीन महीने पहले पति की मौत हो गई थी वहीं, मां गुड़िया देवी ने बताया कि जब काफी देर तक बच्चे वापस नहीं लौटे, तो खोजबीन शुरू की। इस दौरान बड़ी बच्ची रोती हुई पास पहुंची और दोनों बच्चों की चोरी कर जबरन ले जाने की बात बताई। काफी खोजबीन के बाद अब तक कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद अस्पताल प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गई। पहले से ही गहरे संकट से गुजर रही हूं। पति रामजी दास को भी टीवी की बीमारी थी। तीन महीने पहले उनकी मौत हो चुकी है। पति की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी बच्चों पर ही आ गई थी। अब अस्पताल से बच्चों की चोरी ने मुझे पूरी तरह तोड़ कर रख दिया है। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है पुलिस घटना की सूचना मिलते ही फणीश्वरनाथ रेणु टीओपी प्रभारी राजनंदनी और के. हाट की पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अस्पताल परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि महिला चोरों की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि जल्द ही बच्चों को बरामद कर लिया जाएगा। इस घटना के बाद GMCH की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। पूर्णिया के GMCH से दो मासूम बच्चों की चोरी हो गई। 2 महिला चोर फर्जी रिश्तेदार बनकर वार्ड में घुसी और महज 10 मिनट में बच्चों को चुराकर ले गई। घटना सोमवार शाम 6 बजे की है। चोरी हुए बच्चों में लक्ष्मी कुमारी (3) और शुभम कुमार (4) शामिल है। मां का नाम गुड़िया देवी(35) है। नेवालाल चौक की रहने वाली हैं। पिता इस दुनिया में नहीं हैं। गुड़िया देवी को टीवी की गंभीर बीमारी के बाद 27 जनवरी को ऑल पीओपी वार्ड में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा है। रिश्तेदार बनकर अस्पताल पहुची पीड़िता की बड़ी बेटी चश्मदीद शिवानी कुमारी (8) ने बताया कि मां और अपने भाई-बहन के साथ अस्पताल में मौजूद थीं। इसी दौरान दो महिला रिश्तेदार बनकर आई। वो खाने का कुछ सामान भी लेकर आई थी। जिसे उसने लेने से मना कर दिया। इसके बाद महिला चोरों ने मुझे 210 रुपए देने का लालच दिया और इसी बहाने मुझे अस्पताल परिसर से बाहर ले गईं। जबरन मुझे रुपए थमाकर भाई-बहनों को ले गई। मैंने वहां शोर भी किया, मगर लोगों के न होने की वजह से वे भाग निकले। तीन महीने पहले पति की मौत हो गई थी वहीं, मां गुड़िया देवी ने बताया कि जब काफी देर तक बच्चे वापस नहीं लौटे, तो खोजबीन शुरू की। इस दौरान बड़ी बच्ची रोती हुई पास पहुंची और दोनों बच्चों की चोरी कर जबरन ले जाने की बात बताई। काफी खोजबीन के बाद अब तक कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद अस्पताल प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गई। पहले से ही गहरे संकट से गुजर रही हूं। पति रामजी दास को भी टीवी की बीमारी थी। तीन महीने पहले उनकी मौत हो चुकी है। पति की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी बच्चों पर ही आ गई थी। अब अस्पताल से बच्चों की चोरी ने मुझे पूरी तरह तोड़ कर रख दिया है। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है पुलिस घटना की सूचना मिलते ही फणीश्वरनाथ रेणु टीओपी प्रभारी राजनंदनी और के. हाट की पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अस्पताल परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि महिला चोरों की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि जल्द ही बच्चों को बरामद कर लिया जाएगा। इस घटना के बाद GMCH की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।


