मोतिहारी में एक बार फिर दैनिक भास्कर की खबर का बड़ा असर देखने को मिला है। भास्कर ने प्रमुखता से यह खबर प्रकाशित की थी कि बंजरिया प्रखंड स्थित एक सरकारी पोखर की जमीन पर भू-माफियाओं और अतिक्रमणकारियों द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया है। साथ ही पोखर में नाले का गंदा पानी गिराया जा रहा है, जिससे पोखर का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। प्रभारी सदर एसडीओ अरुण कुमार, नगर आयुक्त आशीष कुमार, बंजरिया अंचलाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे और पोखर का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर अतिक्रमण की स्थिति, जलजमाव और नाले के पानी की निकासी को लेकर गहन जांच की। इस दौरान पोखर को अतिक्रमण मुक्त कराने की रणनीति पर भी चर्चा की गई। अतिक्रमणकारियों के चंगुल से कराया जाएगा मुक्त प्रभारी सदर एसडीओ अरुण कुमार ने बताया कि बंजरिया पोखर को जल्द ही अतिक्रमणकारियों के चंगुल से मुक्त कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि कई अतिक्रमणकारियों को पहले ही चिन्हित किया जा चुका है और उन्हें पूर्व में नोटिस भी जारी किया गया था। बावजूद इसके अतिक्रमण खाली नहीं किया गया, ऐसे में अब सख्त कार्रवाई करते हुए अवैध कब्जा हटाया जाएगा। साथ ही पोखर में जमा गंदे पानी की निकासी के लिए भी ठोस व्यवस्था की जाएगी। 32 कट्ठा जमीन पर अतिक्रमण गौरतलब है कि बंजरिया प्रखंड के इस पोखर की करीब 32 कट्ठा जमीन पर चारों ओर से अतिक्रमण कर लिया गया है। इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय युवक मनीष कुमार के नेतृत्व में “अतिक्रमण हटाओ, पोखर बचाओ” अभियान चलाया गया था। युवाओं के इस आंदोलन और मीडिया में उठी आवाज के बाद आखिरकार प्रशासन जागा और अब आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रशासनिक कार्रवाई से स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है कि पोखर को बचाया जा सकेगा और सार्वजनिक जलस्रोत का संरक्षण संभव होगा। मोतिहारी में एक बार फिर दैनिक भास्कर की खबर का बड़ा असर देखने को मिला है। भास्कर ने प्रमुखता से यह खबर प्रकाशित की थी कि बंजरिया प्रखंड स्थित एक सरकारी पोखर की जमीन पर भू-माफियाओं और अतिक्रमणकारियों द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया है। साथ ही पोखर में नाले का गंदा पानी गिराया जा रहा है, जिससे पोखर का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। प्रभारी सदर एसडीओ अरुण कुमार, नगर आयुक्त आशीष कुमार, बंजरिया अंचलाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे और पोखर का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर अतिक्रमण की स्थिति, जलजमाव और नाले के पानी की निकासी को लेकर गहन जांच की। इस दौरान पोखर को अतिक्रमण मुक्त कराने की रणनीति पर भी चर्चा की गई। अतिक्रमणकारियों के चंगुल से कराया जाएगा मुक्त प्रभारी सदर एसडीओ अरुण कुमार ने बताया कि बंजरिया पोखर को जल्द ही अतिक्रमणकारियों के चंगुल से मुक्त कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि कई अतिक्रमणकारियों को पहले ही चिन्हित किया जा चुका है और उन्हें पूर्व में नोटिस भी जारी किया गया था। बावजूद इसके अतिक्रमण खाली नहीं किया गया, ऐसे में अब सख्त कार्रवाई करते हुए अवैध कब्जा हटाया जाएगा। साथ ही पोखर में जमा गंदे पानी की निकासी के लिए भी ठोस व्यवस्था की जाएगी। 32 कट्ठा जमीन पर अतिक्रमण गौरतलब है कि बंजरिया प्रखंड के इस पोखर की करीब 32 कट्ठा जमीन पर चारों ओर से अतिक्रमण कर लिया गया है। इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय युवक मनीष कुमार के नेतृत्व में “अतिक्रमण हटाओ, पोखर बचाओ” अभियान चलाया गया था। युवाओं के इस आंदोलन और मीडिया में उठी आवाज के बाद आखिरकार प्रशासन जागा और अब आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रशासनिक कार्रवाई से स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है कि पोखर को बचाया जा सकेगा और सार्वजनिक जलस्रोत का संरक्षण संभव होगा।


