कैमूर में तीन दिवसीय पासपोर्ट सेवा मोबाइल कैंप शुरू:पहले ही दिन उमड़ी भीड़, 10 और 11 फरवरी के स्लॉट फुल; 12 की बुकिंग जारी

कैमूर में तीन दिवसीय पासपोर्ट सेवा मोबाइल कैंप शुरू:पहले ही दिन उमड़ी भीड़, 10 और 11 फरवरी के स्लॉट फुल; 12 की बुकिंग जारी

कैमूर में पासपोर्ट सुविधा को आम लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुक्रवार को समाहरणालय भभुआ परिसर में तीन दिवसीय पासपोर्ट सेवा मोबाइल कैंप का शुभारंभ किया गया। इसका उद्घाटन DM नितिन कुमार सिंह ने किया। कैंप 10, 11 और 12 फरवरी तक चलेगा। पहले दो दिनों के स्लॉट फुल कैंप शुरू होते ही लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जिला प्रशासन के अनुसार 10 और 11 फरवरी के सभी अपॉइंटमेंट पहले से ही फुल हैं, जबकि 12 फरवरी के लिए स्लॉट खाली हैं। लोगों की बढ़ती मांग को देखते हुए प्रशासन ने खास अपील की है कि जो लोग पासपोर्ट बनवाना चाहते हैं, वे जल्द से जल्द 12 फरवरी के लिए अपॉइंटमेंट बुक कर लें। जिलाधिकारी नितिन कुमार सिंह ने कहा, पासपोर्ट बनवाने के लिए लोगों को अब पटना या गया नहीं जाना पड़ेगा। यह विभाग की सार्थक पहल है। कोशिश होगी कि ऐसे मोबाइल कैंप लगातार लगते रहें। लोगों को मिल रही बड़ी सुविधा पासपोर्ट बनवाने आए लोगों ने भी इस पहल की सराहना की। पासपोर्ट आवेदन कराने आई डॉ. सीमा ने बताया, पहले पासपोर्ट के लिए पटना और गया जाना पड़ता था। अब यही सुविधा जिले में मिल रही है, यह बहुत बड़ी राहत है। यहां सभी ने सहयोग किया, प्रक्रिया भी तेज रही। वहीं, बबूरा गांव के एक युवक ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, मैं पहली बार पासपोर्ट बनवा रहा हूं। यहां की व्यवस्था बहुत अच्छी है। हर काउंटर पर मदद मिल रही है और कोई परेशानी नहीं हुई। तीन दिनों में 165 पासपोर्ट बनाने का लक्ष्य पटना पासपोर्ट कार्यालय से आए अधिकारी मोहम्मद रियाज नाजमी ने बताया कि कुल 165 पासपोर्ट तीन दिनों में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा, लोग लगातार अपॉइंटमेंट बुक कर रहे हैं। हमारी अपील है कि अधिक से अधिक लोग इस कैंप का लाभ उठाएं। जागरूकता बढ़ने का संकेत जिलाधिकारी ने कहा कि पहले दो दिनों की स्लॉट बुकिंग शुरू होने से पहले ही पूरी हो जाना बताता है कि लोग पासपोर्ट की जरूरत और महत्व को लेकर काफी जागरूक हुए हैं। उन्होंने कहा कि विभाग से बात कर आगे भी ऐसे कैंप लगाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि जिले के लोगों को बिना सफर किए पासपोर्ट सुविधा मिल सके। स्थानीय लोगों में उत्साह कैंप में आए आवेदकों के बीच खास उत्साह देखा गया। कम समय में आवेदन, कागजात सत्यापन और बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरा होने से लोग संतुष्ट नजर आए। प्रशासन और पासपोर्ट विभाग की संयुक्त पहल से दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों के लोगों को भी पासपोर्ट सेवाओं तक आसान पहुंच मिली है। तीन दिवसीय यह कैंप जिले में पासपोर्ट सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कैमूर में पासपोर्ट सुविधा को आम लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुक्रवार को समाहरणालय भभुआ परिसर में तीन दिवसीय पासपोर्ट सेवा मोबाइल कैंप का शुभारंभ किया गया। इसका उद्घाटन DM नितिन कुमार सिंह ने किया। कैंप 10, 11 और 12 फरवरी तक चलेगा। पहले दो दिनों के स्लॉट फुल कैंप शुरू होते ही लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जिला प्रशासन के अनुसार 10 और 11 फरवरी के सभी अपॉइंटमेंट पहले से ही फुल हैं, जबकि 12 फरवरी के लिए स्लॉट खाली हैं। लोगों की बढ़ती मांग को देखते हुए प्रशासन ने खास अपील की है कि जो लोग पासपोर्ट बनवाना चाहते हैं, वे जल्द से जल्द 12 फरवरी के लिए अपॉइंटमेंट बुक कर लें। जिलाधिकारी नितिन कुमार सिंह ने कहा, पासपोर्ट बनवाने के लिए लोगों को अब पटना या गया नहीं जाना पड़ेगा। यह विभाग की सार्थक पहल है। कोशिश होगी कि ऐसे मोबाइल कैंप लगातार लगते रहें। लोगों को मिल रही बड़ी सुविधा पासपोर्ट बनवाने आए लोगों ने भी इस पहल की सराहना की। पासपोर्ट आवेदन कराने आई डॉ. सीमा ने बताया, पहले पासपोर्ट के लिए पटना और गया जाना पड़ता था। अब यही सुविधा जिले में मिल रही है, यह बहुत बड़ी राहत है। यहां सभी ने सहयोग किया, प्रक्रिया भी तेज रही। वहीं, बबूरा गांव के एक युवक ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, मैं पहली बार पासपोर्ट बनवा रहा हूं। यहां की व्यवस्था बहुत अच्छी है। हर काउंटर पर मदद मिल रही है और कोई परेशानी नहीं हुई। तीन दिनों में 165 पासपोर्ट बनाने का लक्ष्य पटना पासपोर्ट कार्यालय से आए अधिकारी मोहम्मद रियाज नाजमी ने बताया कि कुल 165 पासपोर्ट तीन दिनों में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा, लोग लगातार अपॉइंटमेंट बुक कर रहे हैं। हमारी अपील है कि अधिक से अधिक लोग इस कैंप का लाभ उठाएं। जागरूकता बढ़ने का संकेत जिलाधिकारी ने कहा कि पहले दो दिनों की स्लॉट बुकिंग शुरू होने से पहले ही पूरी हो जाना बताता है कि लोग पासपोर्ट की जरूरत और महत्व को लेकर काफी जागरूक हुए हैं। उन्होंने कहा कि विभाग से बात कर आगे भी ऐसे कैंप लगाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि जिले के लोगों को बिना सफर किए पासपोर्ट सुविधा मिल सके। स्थानीय लोगों में उत्साह कैंप में आए आवेदकों के बीच खास उत्साह देखा गया। कम समय में आवेदन, कागजात सत्यापन और बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरा होने से लोग संतुष्ट नजर आए। प्रशासन और पासपोर्ट विभाग की संयुक्त पहल से दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों के लोगों को भी पासपोर्ट सेवाओं तक आसान पहुंच मिली है। तीन दिवसीय यह कैंप जिले में पासपोर्ट सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।  

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