अमरोहा में महाशिवरात्रि पर होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए हाईवे पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। साथ ही, बिजनौर मार्ग पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। प्रशासन ने कांवड़ियों की सुविधा के लिए रूट डायवर्जन प्लान तैयार किया है। कांवड़ियों की संख्या बढ़ने पर भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला जाएगा। इसके बाद हाईवे को वन-वे कर दिया जाएगा, जिसमें छोटे वाहन मुरादाबाद से दिल्ली लेन पर चलेंगे, जबकि दिल्ली से मुरादाबाद लेन कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगी। यातायात प्रभारी अनुज मलिक ने बताया कि 15 फरवरी को महाशिवरात्रि है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटने वाले शिवभक्तों की संख्या धीरे-धीरे हाईवे पर बढ़ने लगी है। कांवड़ियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सोमवार दोपहर से ही रूट डायवर्जन प्लान लागू करने की तैयारी थी। इस योजना के तहत हाईवे पर जगह-जगह बैरियर लगाकर ट्रक, कंटेनर, डीसीएम और अन्य भारी वाहनों को रोका जाना था, हालांकि रोडवेज बसों को इससे छूट दी गई थी। 12 फरवरी की दोपहर से हल्के वाहनों के लिए हाईवे को वन-वे करने की भी योजना थी। हालांकि, सोमवार को हाईवे पर कांवड़ियों की अपेक्षित भीड़ नहीं होने के कारण अभी तक डायवर्जन प्लान पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। यातायात प्रभारी ने स्पष्ट किया कि कांवड़ियों की संख्या बढ़ते ही यह प्लान तुरंत लागू कर दिया जाएगा और यह 15 फरवरी की शाम तक प्रभावी रहेगा। सुरक्षा कारणों से बिजनौर की ओर जाने वाले भारी वाहनों को अमरोहा जिले में डायवर्ट कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, मंडी धनौरा से चांदपुर रोड को भी बंद कर दिया गया है, क्योंकि बिजनौर की ओर से कांवड़िये इन्हीं दोनों मार्गों का उपयोग करते हैं। सभी वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से निकाला जा रहा है। इस बीच, अमरोहा जिले से हरिद्वार के लिए कांवड़ियों के जत्थों का रवाना होना जारी है। बीती रात भी हजारों की संख्या में कांवड़िये हरिद्वार के लिए प्रस्थान किए।


