अंबेडकरनगर जिले में क्षय रोग (टीबी) के मरीजों को पिछले छह माह से पोषण भत्ता नहीं मिल पाया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्षय रोग उन्मूलन अभियान के तहत यह भत्ता मरीजों को दिया जाता है। भत्ते के अभाव में मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिले में वर्तमान में कुल 3060 टीबी रोगी हैं। स्वास्थ्य विभाग इन मरीजों को नियमित रूप से दवाएं उपलब्ध करा रहा है। इनमें से 2850 रोगियों को विभिन्न संगठनों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने गोद लिया है, जिन्हें समय-समय पर पोषण पोटली भी दी जाती है। विभाग के अनुसार, उपचार में 94 प्रतिशत सफलता दर दर्ज की गई है। पहले एक निजी संस्था (सी-19 प्रोजेक्ट) द्वारा रोगियों का निःशुल्क एक्स-रे किया जाता था, लेकिन अनुबंध समाप्त होने के कारण अब जांच में देरी हो रही है। हालांकि, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. गौतम मिश्र ने बताया कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर टीबी रोगियों के लिए एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध है। हाल ही में कुल 4964 टीबी मरीज पाए गए थे, जिनमें से 1925 पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। क्षय रोग मुक्त अभियान के तहत जांच और दवाएं लगातार प्रदान की जा रही हैं। इसके साथ ही, एक सर्वेक्षण अभियान भी चलाया जा रहा है। क्षय रोगियों की पहचान के लिए नौ ब्लॉकों में कुल 10 टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें गांवों का दौरा कर संभावित मरीजों की जांच करती हैं और टीबी के लक्षण मिलने पर उन्हें दवाएं उपलब्ध कराती हैं। पोषण भत्ते के भुगतान में देरी पर डॉ. गौतम मिश्र ने स्पष्ट किया कि एसएनए स्पर्श खाता और रोगियों के बैंक खातों के मिलान की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने बताया कि बैंक खातों का मिलान पूरा होने के बाद निक्षय पोर्टल के माध्यम से पोषण भत्ता सीधे मरीजों के बैंक खातों में भेजा जाएगा।


