“बस एक सेकेंड की भी देरी होती तो हम सब मारे जाते। बदमाशों ने मेरे बेटे और पोते पर बंदूक तान दी थी। अगर मैं ज्वेलरी निकालकर नहीं देता, तो दुकान में बैठे सभी लोगों की जान जा सकती थी।” यह कहना है ज्वेलरी शॉप के मालिक बृज बिहारी गुप्ता का, जिनकी आंखों के सामने दुकान में बदमाशों ने तीन पीढ़ियों को बंधक बनाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया। सारण जिले में रविवार को दिनदहाड़े बदमाशों ने एक ज्वेलरी शॉप से करीब 20 लाख रुपए के गहनों की लूट की। दो बाइक पर सवार होकर 5 अपराधी दुकान पहुंचें। अंदर घुसते ही पिस्टल तानकर ग्राहक और दुकानदार को डराया। इसके बाद महज 3 मिनट के भीतर चांदी के गहनों को बोरे में भरकर फरार हो गए। दुकान से निकलने के दौरान दहशत फैलाने के लिए बदमाशों ने 5 राउंड फायरिंग भी की। इस पूरी वारदात का CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें अपराधियों की हरकतें साफ दिखाई दे रही हैं। दैनिक भास्कर की टीम जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर घटनास्थल पर पहुंची। हमने दुकानदार और कुछ कस्टमर से बात की। घटना के वक्त दुकान में मौजूद शकुंतला देवी ने बताया, मैंने अपनी आंखों से वह डरावना मंजर देखा। लगा कि आज जिंदा घर नहीं लौट पाउंगी। दुकानदार अगर जरा सी भी चूक करते, तो बदमाश गोली चला देते। कैसे बदमाशों ने चंद मिनटों में वारदात को अंजाम दिया, पुलिस अब तक क्या कर पाई और इलाके में दहशत का क्या हाल है- पढ़िए पूरी रिपोर्ट… CCTV में कैद लूटपाट की 5 तस्वीरें 3 मिनट में 2 अपराधियों ने बोरे में भरे गहने सारण के मांझी थाना क्षेत्र के महम्मदपुर बाजार स्थित गुप्ता ज्वेलर्स एवं बर्तन भंडार में दोपहर 12 बजकर 48 मिनट पर 5 बदमाश अपाचे बाइक से पहुंचे। इनमें से 3 अपराधी बोरा लेकर दुकान में घुस गए, जबकि दो बाहर हथियार लेकर पहरा देते रहे। अंदर घुसते ही उन्होंने दहशत फैलाने के लिए फायरिंग की। CCTV फुटेज में दिख रहा है कि घटना के समय दुकान में 4 ग्राहक बैठे थें। बदमाशों को देखते ही सभी डर गए। अपराधियों ने सभी को नीचे बैठा दिया और धमकाया कि जो हिला, उसकी मौत तय है। एक बदमाश ज्वेलरी शॉप मालिक के बेटे और ग्राहकों को गन पॉइंट पर बंधक बनाए रखा, जबकि दो बदमाश तेजी से बोरा में ज्वेलरी भरते रहे। 12:51 बजे तक अपराधी गहने भरकर भाग चुके थे। पूरी वारदात सिर्फ 3 मिनट में खत्म हो गई। सोचा कोई बहरूपिया चंदा लेने आया है- दुकानदार दुकानदार बृज बिहारी गुप्ता ने बताया, ‘मैं दुकान में बैठकर ग्राहक को चांदी का सामान दिखा रहा था। तभी कस्टमर ने पीतल का लोटा मांगा। मेरा बेटा लोटा दिखाने उठा ही था कि 5 नकाबपोश बदमाश हमारी दुकान के पास आ गए। पहले लगा कि कोई बहरूपिया आया है, क्योंकि त्योहारों में चंदा वसूलने वाले आते रहते हैं। अक्सर इस तरह की हरकत कर बहरूपिया बाद में मजाक है…मजाक है…कहकर निकल जाते हैं।’ बंदूक की बट से मेरे बेटे का सिर फोड़ दिया उन्होंने बताया, ‘मैं गल्ले से पैसे निकालकर देने लगा, तभी बदमाशों ने बेटे पर बंदूक तान दी और गालियां देते हुए दुकान का शटर बंद कर दिया। ग्राहक डर गए थे। बदमाशों ने मेरे बेटे के सिर पर बंदूक की बट मारी। उसके सिर से खून बहने लगा। मुझे लगा आज हमारा परिवार खत्म हो जाएगा। मेरी गोद में ढाई साल का पोता बैठा था। अपराधियों ने उसके साथ भी धक्का-मुक्की की, जिससे वह जोर-जोर से रोने लगा।’ ‘पोते पर बंदूक तानते ही मुझे सब खोलना पड़ा’ दुकानदार ने आगे बताया, “दुकान के एक कोने में मेरा पोता मोबाइल देख रहा था, उसे समझ नहीं आ रहा था। बदमाश मेरे पास आए और बोले- दुकान में जो भी है, सब खोलकर रख दो। मैं पहले नहीं खोल रहा था, लेकिन जब उसने मेरे पोते पर बंदूक तानी, तो मजबूरन खोलना पड़ा। जरा सी भी देर होती तो आज हम सब खत्म हो जाता।” बृज बिहारी गुप्ता ने बताया, “दुकान के अंदर बने लॉकर में सोना रखा था, जो बदमाशों को दिखा नहीं। दुकान के सामने रखे गहनों पर अपराधियों ने नजर रखी। इसी वजह से करोड़ों का सोना बच गया। वे केवल चांदी ही ले जा सके।” सोचा आज जिंदा वापस नहीं लौट पाऊंगी- ग्राहक ग्राहक शकुंतला देवी बोलीं, ‘मैं बेटी की शादी के लिए गहने देखने आई थी। तभी गोली की आवाज आई। कुछ समझ पाती, उससे पहले ही गमछा बांधे तीन लड़के दुकान में घुस आए।’ उन्होंने कहा- ‘जो जहां है, वहीं बैठ जाओ, हिले तो खोपड़ी उड़ा देंगे। अपराधी गालियां देते हुए गहने बोरे में भरते रहे। मात्र 3 मिनट में सब ले गए। मुझे लगा आज मैं जिंदा घर वापस नहीं जा पाऊंगी।’ शोर मचाया तो मेरे सिर पर पिस्टल के मारा- पीड़ित अरुण अरुण कुमार गुप्ता ने बताया, “तीन बदमाशों के हाथ में पिस्टल और एक के पास देसी कट्टा था। मैंने शोर मचाने की कोशिश की तो एक ने मेरे माथे पर पिस्टल की बट मार दी। मैं लहूलुहान हो गया। पिता जी उठने लगे तो अपराधियों ने कट्टा तानकर धमकाया, ‘चुपचाप बैठो, वरना सबको ढेर कर देंगे।” 5 राउंड फायरिंग सुनकर दौड़ा, देखा खून बह रहा था बगल के दुकानदार जगत नारायण कहते है, ‘मैं अपने दुकान पर था। तभी 5 राउंड फायरिंग की आवाज आई। दौड़कर पहुंचा तो देखा चचेरा भाई अरुण सिर पकड़कर बैठा है। पहले मुझे लगा अरुण को गोली लगी है, लेकिन बाद में पता चला बंदूक की बट से बदमाशों से उसे मारा है।’ स्थानीय लोगों ने बताया कि पास में उपनयन संस्कार और शिव-चर्चा का कार्यक्रम चल रहा था। लाउडस्पीकर की तेज आवाज के कारण फायरिंग की आवाज कई लोगों ने नहीं सुनी। इसका फायदा उठाकर बदमाश पतली गलियों से फरार हो गए। अपराधियों ने पहले से रेकी कर रखी थी लोगों का कहना है कि अपराधियों ने घटना से पहले दुकान की रेकी भी की थी, इसलिए वे इतने आत्मविश्वास के साथ आए और पूरी घटना को अंजाम देकर आसानी से भाग निकले। “बस एक सेकेंड की भी देरी होती तो हम सब मारे जाते। बदमाशों ने मेरे बेटे और पोते पर बंदूक तान दी थी। अगर मैं ज्वेलरी निकालकर नहीं देता, तो दुकान में बैठे सभी लोगों की जान जा सकती थी।” यह कहना है ज्वेलरी शॉप के मालिक बृज बिहारी गुप्ता का, जिनकी आंखों के सामने दुकान में बदमाशों ने तीन पीढ़ियों को बंधक बनाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया। सारण जिले में रविवार को दिनदहाड़े बदमाशों ने एक ज्वेलरी शॉप से करीब 20 लाख रुपए के गहनों की लूट की। दो बाइक पर सवार होकर 5 अपराधी दुकान पहुंचें। अंदर घुसते ही पिस्टल तानकर ग्राहक और दुकानदार को डराया। इसके बाद महज 3 मिनट के भीतर चांदी के गहनों को बोरे में भरकर फरार हो गए। दुकान से निकलने के दौरान दहशत फैलाने के लिए बदमाशों ने 5 राउंड फायरिंग भी की। इस पूरी वारदात का CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें अपराधियों की हरकतें साफ दिखाई दे रही हैं। दैनिक भास्कर की टीम जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर घटनास्थल पर पहुंची। हमने दुकानदार और कुछ कस्टमर से बात की। घटना के वक्त दुकान में मौजूद शकुंतला देवी ने बताया, मैंने अपनी आंखों से वह डरावना मंजर देखा। लगा कि आज जिंदा घर नहीं लौट पाउंगी। दुकानदार अगर जरा सी भी चूक करते, तो बदमाश गोली चला देते। कैसे बदमाशों ने चंद मिनटों में वारदात को अंजाम दिया, पुलिस अब तक क्या कर पाई और इलाके में दहशत का क्या हाल है- पढ़िए पूरी रिपोर्ट… CCTV में कैद लूटपाट की 5 तस्वीरें 3 मिनट में 2 अपराधियों ने बोरे में भरे गहने सारण के मांझी थाना क्षेत्र के महम्मदपुर बाजार स्थित गुप्ता ज्वेलर्स एवं बर्तन भंडार में दोपहर 12 बजकर 48 मिनट पर 5 बदमाश अपाचे बाइक से पहुंचे। इनमें से 3 अपराधी बोरा लेकर दुकान में घुस गए, जबकि दो बाहर हथियार लेकर पहरा देते रहे। अंदर घुसते ही उन्होंने दहशत फैलाने के लिए फायरिंग की। CCTV फुटेज में दिख रहा है कि घटना के समय दुकान में 4 ग्राहक बैठे थें। बदमाशों को देखते ही सभी डर गए। अपराधियों ने सभी को नीचे बैठा दिया और धमकाया कि जो हिला, उसकी मौत तय है। एक बदमाश ज्वेलरी शॉप मालिक के बेटे और ग्राहकों को गन पॉइंट पर बंधक बनाए रखा, जबकि दो बदमाश तेजी से बोरा में ज्वेलरी भरते रहे। 12:51 बजे तक अपराधी गहने भरकर भाग चुके थे। पूरी वारदात सिर्फ 3 मिनट में खत्म हो गई। सोचा कोई बहरूपिया चंदा लेने आया है- दुकानदार दुकानदार बृज बिहारी गुप्ता ने बताया, ‘मैं दुकान में बैठकर ग्राहक को चांदी का सामान दिखा रहा था। तभी कस्टमर ने पीतल का लोटा मांगा। मेरा बेटा लोटा दिखाने उठा ही था कि 5 नकाबपोश बदमाश हमारी दुकान के पास आ गए। पहले लगा कि कोई बहरूपिया आया है, क्योंकि त्योहारों में चंदा वसूलने वाले आते रहते हैं। अक्सर इस तरह की हरकत कर बहरूपिया बाद में मजाक है…मजाक है…कहकर निकल जाते हैं।’ बंदूक की बट से मेरे बेटे का सिर फोड़ दिया उन्होंने बताया, ‘मैं गल्ले से पैसे निकालकर देने लगा, तभी बदमाशों ने बेटे पर बंदूक तान दी और गालियां देते हुए दुकान का शटर बंद कर दिया। ग्राहक डर गए थे। बदमाशों ने मेरे बेटे के सिर पर बंदूक की बट मारी। उसके सिर से खून बहने लगा। मुझे लगा आज हमारा परिवार खत्म हो जाएगा। मेरी गोद में ढाई साल का पोता बैठा था। अपराधियों ने उसके साथ भी धक्का-मुक्की की, जिससे वह जोर-जोर से रोने लगा।’ ‘पोते पर बंदूक तानते ही मुझे सब खोलना पड़ा’ दुकानदार ने आगे बताया, “दुकान के एक कोने में मेरा पोता मोबाइल देख रहा था, उसे समझ नहीं आ रहा था। बदमाश मेरे पास आए और बोले- दुकान में जो भी है, सब खोलकर रख दो। मैं पहले नहीं खोल रहा था, लेकिन जब उसने मेरे पोते पर बंदूक तानी, तो मजबूरन खोलना पड़ा। जरा सी भी देर होती तो आज हम सब खत्म हो जाता।” बृज बिहारी गुप्ता ने बताया, “दुकान के अंदर बने लॉकर में सोना रखा था, जो बदमाशों को दिखा नहीं। दुकान के सामने रखे गहनों पर अपराधियों ने नजर रखी। इसी वजह से करोड़ों का सोना बच गया। वे केवल चांदी ही ले जा सके।” सोचा आज जिंदा वापस नहीं लौट पाऊंगी- ग्राहक ग्राहक शकुंतला देवी बोलीं, ‘मैं बेटी की शादी के लिए गहने देखने आई थी। तभी गोली की आवाज आई। कुछ समझ पाती, उससे पहले ही गमछा बांधे तीन लड़के दुकान में घुस आए।’ उन्होंने कहा- ‘जो जहां है, वहीं बैठ जाओ, हिले तो खोपड़ी उड़ा देंगे। अपराधी गालियां देते हुए गहने बोरे में भरते रहे। मात्र 3 मिनट में सब ले गए। मुझे लगा आज मैं जिंदा घर वापस नहीं जा पाऊंगी।’ शोर मचाया तो मेरे सिर पर पिस्टल के मारा- पीड़ित अरुण अरुण कुमार गुप्ता ने बताया, “तीन बदमाशों के हाथ में पिस्टल और एक के पास देसी कट्टा था। मैंने शोर मचाने की कोशिश की तो एक ने मेरे माथे पर पिस्टल की बट मार दी। मैं लहूलुहान हो गया। पिता जी उठने लगे तो अपराधियों ने कट्टा तानकर धमकाया, ‘चुपचाप बैठो, वरना सबको ढेर कर देंगे।” 5 राउंड फायरिंग सुनकर दौड़ा, देखा खून बह रहा था बगल के दुकानदार जगत नारायण कहते है, ‘मैं अपने दुकान पर था। तभी 5 राउंड फायरिंग की आवाज आई। दौड़कर पहुंचा तो देखा चचेरा भाई अरुण सिर पकड़कर बैठा है। पहले मुझे लगा अरुण को गोली लगी है, लेकिन बाद में पता चला बंदूक की बट से बदमाशों से उसे मारा है।’ स्थानीय लोगों ने बताया कि पास में उपनयन संस्कार और शिव-चर्चा का कार्यक्रम चल रहा था। लाउडस्पीकर की तेज आवाज के कारण फायरिंग की आवाज कई लोगों ने नहीं सुनी। इसका फायदा उठाकर बदमाश पतली गलियों से फरार हो गए। अपराधियों ने पहले से रेकी कर रखी थी लोगों का कहना है कि अपराधियों ने घटना से पहले दुकान की रेकी भी की थी, इसलिए वे इतने आत्मविश्वास के साथ आए और पूरी घटना को अंजाम देकर आसानी से भाग निकले।


