पटना चार एजेंसियों ने पटना शहर के 25% नालों को क्षतिग्रस्त किया है। अगर समय पर इसका निर्माण नहीं हुआ तो मानसून में एक बार फिर पटना शहर डूबेगा। इसके लिए पटना मेट्रो, पथ निर्माण विभाग, बुडको और पुल निर्माण निगम जिम्मेदार हैं। पटना नगर निगम की टीम ने शहर के क्षतिग्रस्त नालों का सर्वे कर एक रिपोर्ट प्रमंडलीय आयुक्त अनिमेष कुमार पराशर को सौंपी है। उन्होंने संबंधित विभागों को मानसून से पहले नाला बनाने का टास्क दिया है। साथ ही शहर के सभी सात बड़े नालों की उड़ाही और संप हाउस में लगे मोटर पंप की मरम्मत करने का समय निर्धारित किया गया है। नगर निगम को 15 मार्च तक टेंडर और 15 मई तक गाद उड़ाही का कार्य पूरा करने को कहा गया है। वहीं बुडको को 30 मई तक मोटर पंप की मरम्मत करने का निर्देश दिया गया है, ताकि मानसून के दौरान शहर से बारिश का पानी तेजी से बाहर निकाला जा सके। शहर से बारिश का पानी सैदपुर, आनंदपुरी, कुर्जी-राजीवनगर, सर्पेंटाइन, बाकरगंज, बाईपास और योगीपुर नाले से बाहर निकलता है। इन्हीं नालों में छोटे नालों का पानी भी गिरता है। इन नालों से 75% पानी डीपीएस के माध्यम से गंगा और 25% पानी बादशाही नाला से निकलता है। अंचल और वार्ड: कहां नाला क्षतिग्रस्त, जिम्मेदार कौन कंकड़बाग अंचल: मेट्रो मेट्रो निर्माण के दौरान मीठापुर बस स्टैंड गेट नंबर-2 के पास नाला ध्वस्त हो गया है। वहीं आर्यभट्ट कॉलेज से मीठापुर संप हाउस तक बॉक्स नाला भी बंद है। इससे वार्ड नंबर 29, 30, 31, 32 में जल निकासी संप हाउस तक नहीं हो रही है। इधर, रामकृष्णा नगर मेट्रो स्टेशन के नजदीक पिलर नंबर 69 और पुराना बाईपास रोड में राजेंद्र नगर टर्मिनल के पास नाले को डायवर्ट किया गया है। कंकड़बाग अंचल: बुडको बुडको द्वारा मेट्रो के पिलर नंबर 78 के पास पुलिया बनाई जा रही है। इधर, नंदलाल छपरा में न्यू बाईपास नाला की निकासी प्वाइंट पर स्विस गेट से पानी की निकासी प्रभावित है। नूतन राजधानी अंचल: मेट्रो मेट्रो निर्माण के कारण बुद्ध स्मृति पार्क के सामने नाला क्षतिग्रस्त है। इधर पथ निर्माण विभाग काम करा रहा है, जिससे सचिवालय स्थित विकास भवन के सामने गोलंबर से बेली रोड तक रोड नीचा हो गया है। वहीं वार्ड नंबर 12 में मनोहर मंदिर के पास बॉक्स नाले को अन्य नाला से जोड़ा जा रहा है। पाटलिपुत्र अंचल: मेट्रो गांधी मैदान के गेट नंबर 2 और 3 के पास पानी ज्ञान भवन होते हुए मेट्रो कैंपस में प्रवेश करता है। यहां से बाकरगंज नाला में पानी जाता है। पुराने नाले को तोड़कर नया बनाया गया, लेकिन क्षमता कम होने से गांधी मैदान के गेट नंबर 3 के पास जलजमाव हो रहा है। अजीमाबाद अंचल: पथ निर्माण विभाग वार्ड नंबर 57 के गुलजारबाग हाट रोड और दरार मंडी रोड पर पिचिंग नहीं हुआ है। वहीं, वार्ड 57 में नाला क्षतिग्रस्त है। बांकीपुर अंचल: पुल निर्माण निगम अशोक राजपथ के पिलर नंबर 25 और 26 के बीच नाला नहीं बना है। इधर पुल निर्माण निगम ने पीएमसीएच के पास बॉक्स नाला नहीं बनाया है। उधर, बुडको ने वार्ड 36 के लालजी टोला, रेलवे हंटर रोड, लोहानीपुर रोड नाला का मेन होल क्षतिग्रस्त कर दिया है। पटना सिटी अंचल: बुडको वार्ड 62 में 150 फीट नाला का निर्माण सिटी फील्ड स्कूल के पास बाकी है। बड़े नालों की लंबाई सैदपुर नाला – 5448 मीटर आनंदपुरी नाला – 3050 मीटर कुर्जी-राजीव नगर नाला – 5480 मीटर सर्पेंटाइन नाला – 6039 मीटर बाकरगंज नाला – 1454 मीटर बाईपास नाला – 4300 मीटर योगीपुर नाला – 4050 मीटर जिला प्रशासन की टीम करेगी जांच: डीएम डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने मानसून की तैयारी को लेकर नालों की सफाई की समीक्षा की। उन्होंने वरीय पदाधिकारियों के नेतृत्व में विशेष टीम बनाने का निर्देश दिया है। कहा कि ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन, सड़क, पुल सहित पूरे कैचमेंट एरिया की जांच की जाएगी, ताकि पानी निकासी में कोई व्यवधान नहीं हो। नालों की उड़ाही का काम समय पर पूरा करें। इससे पहले उन्होंने बादशाही, सर्पेंटाइन, आशियाना-दीघा, नंदलाल छपरा, बाकरगंज, सैदपुर, मंदिरी, ब्रहोत्तर सहित अन्य नालों पर अतिक्रमण की भी जानकारी ली। पटना चार एजेंसियों ने पटना शहर के 25% नालों को क्षतिग्रस्त किया है। अगर समय पर इसका निर्माण नहीं हुआ तो मानसून में एक बार फिर पटना शहर डूबेगा। इसके लिए पटना मेट्रो, पथ निर्माण विभाग, बुडको और पुल निर्माण निगम जिम्मेदार हैं। पटना नगर निगम की टीम ने शहर के क्षतिग्रस्त नालों का सर्वे कर एक रिपोर्ट प्रमंडलीय आयुक्त अनिमेष कुमार पराशर को सौंपी है। उन्होंने संबंधित विभागों को मानसून से पहले नाला बनाने का टास्क दिया है। साथ ही शहर के सभी सात बड़े नालों की उड़ाही और संप हाउस में लगे मोटर पंप की मरम्मत करने का समय निर्धारित किया गया है। नगर निगम को 15 मार्च तक टेंडर और 15 मई तक गाद उड़ाही का कार्य पूरा करने को कहा गया है। वहीं बुडको को 30 मई तक मोटर पंप की मरम्मत करने का निर्देश दिया गया है, ताकि मानसून के दौरान शहर से बारिश का पानी तेजी से बाहर निकाला जा सके। शहर से बारिश का पानी सैदपुर, आनंदपुरी, कुर्जी-राजीवनगर, सर्पेंटाइन, बाकरगंज, बाईपास और योगीपुर नाले से बाहर निकलता है। इन्हीं नालों में छोटे नालों का पानी भी गिरता है। इन नालों से 75% पानी डीपीएस के माध्यम से गंगा और 25% पानी बादशाही नाला से निकलता है। अंचल और वार्ड: कहां नाला क्षतिग्रस्त, जिम्मेदार कौन कंकड़बाग अंचल: मेट्रो मेट्रो निर्माण के दौरान मीठापुर बस स्टैंड गेट नंबर-2 के पास नाला ध्वस्त हो गया है। वहीं आर्यभट्ट कॉलेज से मीठापुर संप हाउस तक बॉक्स नाला भी बंद है। इससे वार्ड नंबर 29, 30, 31, 32 में जल निकासी संप हाउस तक नहीं हो रही है। इधर, रामकृष्णा नगर मेट्रो स्टेशन के नजदीक पिलर नंबर 69 और पुराना बाईपास रोड में राजेंद्र नगर टर्मिनल के पास नाले को डायवर्ट किया गया है। कंकड़बाग अंचल: बुडको बुडको द्वारा मेट्रो के पिलर नंबर 78 के पास पुलिया बनाई जा रही है। इधर, नंदलाल छपरा में न्यू बाईपास नाला की निकासी प्वाइंट पर स्विस गेट से पानी की निकासी प्रभावित है। नूतन राजधानी अंचल: मेट्रो मेट्रो निर्माण के कारण बुद्ध स्मृति पार्क के सामने नाला क्षतिग्रस्त है। इधर पथ निर्माण विभाग काम करा रहा है, जिससे सचिवालय स्थित विकास भवन के सामने गोलंबर से बेली रोड तक रोड नीचा हो गया है। वहीं वार्ड नंबर 12 में मनोहर मंदिर के पास बॉक्स नाले को अन्य नाला से जोड़ा जा रहा है। पाटलिपुत्र अंचल: मेट्रो गांधी मैदान के गेट नंबर 2 और 3 के पास पानी ज्ञान भवन होते हुए मेट्रो कैंपस में प्रवेश करता है। यहां से बाकरगंज नाला में पानी जाता है। पुराने नाले को तोड़कर नया बनाया गया, लेकिन क्षमता कम होने से गांधी मैदान के गेट नंबर 3 के पास जलजमाव हो रहा है। अजीमाबाद अंचल: पथ निर्माण विभाग वार्ड नंबर 57 के गुलजारबाग हाट रोड और दरार मंडी रोड पर पिचिंग नहीं हुआ है। वहीं, वार्ड 57 में नाला क्षतिग्रस्त है। बांकीपुर अंचल: पुल निर्माण निगम अशोक राजपथ के पिलर नंबर 25 और 26 के बीच नाला नहीं बना है। इधर पुल निर्माण निगम ने पीएमसीएच के पास बॉक्स नाला नहीं बनाया है। उधर, बुडको ने वार्ड 36 के लालजी टोला, रेलवे हंटर रोड, लोहानीपुर रोड नाला का मेन होल क्षतिग्रस्त कर दिया है। पटना सिटी अंचल: बुडको वार्ड 62 में 150 फीट नाला का निर्माण सिटी फील्ड स्कूल के पास बाकी है। बड़े नालों की लंबाई सैदपुर नाला – 5448 मीटर आनंदपुरी नाला – 3050 मीटर कुर्जी-राजीव नगर नाला – 5480 मीटर सर्पेंटाइन नाला – 6039 मीटर बाकरगंज नाला – 1454 मीटर बाईपास नाला – 4300 मीटर योगीपुर नाला – 4050 मीटर जिला प्रशासन की टीम करेगी जांच: डीएम डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने मानसून की तैयारी को लेकर नालों की सफाई की समीक्षा की। उन्होंने वरीय पदाधिकारियों के नेतृत्व में विशेष टीम बनाने का निर्देश दिया है। कहा कि ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन, सड़क, पुल सहित पूरे कैचमेंट एरिया की जांच की जाएगी, ताकि पानी निकासी में कोई व्यवधान नहीं हो। नालों की उड़ाही का काम समय पर पूरा करें। इससे पहले उन्होंने बादशाही, सर्पेंटाइन, आशियाना-दीघा, नंदलाल छपरा, बाकरगंज, सैदपुर, मंदिरी, ब्रहोत्तर सहित अन्य नालों पर अतिक्रमण की भी जानकारी ली।


