हरियाणा की नायब सरकार ने एक बड़ा एक्शन लिया है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत केंद्र से आए 100 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि खर्च न करने पर 20 अधिकारियों को चार्जशीट करने के आदेश जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई 5 फरवरी को चंडीगढ़ में हुई शहरी निकाय विभाग (ULB) की बजट मीटिंग में की गई, जिसका खुलासा अब हुआ। सूत्रों के अनुसार, इस मीटिंग में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े अधिकारियों से नाराज हो गए, जिसके बाद शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने HCS अधिकारी समेत 20 अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट करने के आदेश दिए गए। इस मामले में दैनिक भास्कर एप की टीम ने निकाय मंत्री विपुल गोयल से बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कॉल नहीं उठाई। तत्कालीन डायरेक्टर जयदीप कुमार का भी नाम जिन अधिकारियों को चार्जशीट करने के आदेश दिए गए हैं, उनमें स्वच्छता मिशन के तत्कालीन स्टेट मिशन डायरेक्टर HCS अफसर जयदीप कुमार का नाम भी शामिल है। सरकार के सूत्रों के अनुसार, शहरी निकाय विभाग की बजट मीटिंग में विभागीय अधिकारी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के समक्ष बजट खर्च न कर पाने का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए थे। CM के सवाल पर सभी अधिकारी चुप रहे सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने जब अधिकारियों से पूछा कि स्वच्छता मिशन के तहत अभी तक करोड़ों रुपए क्यों बचे हुए हैं और इस बजट को खर्च करने के लिए अब तक योजना क्यों नहीं तैयार की गई, तो मीटिंग में स्वच्छ भारत मिशन के डायरेक्टर और निकाय विभाग के जॉइंट डायरेक्टर कंवर सिंह सहित अन्य अधिकारी कोई जवाब नहीं दे पाए। अब कार्रवाई के आदेश होते ही योजनाएं बनाने में तेजी आ गई है। 342 करोड़ का बजट मिला था 2025 में हरियाणा राज्य को स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता और सौंदर्यीकरण परियोजनाओं के लिए कुल ₹342 करोड़ का बजट आवंटित किया गया था। यह बजट केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा अप्रूव्ड एनुअल इम्प्लीमेंटेशन प्लांस (AIP) और स्पेसिफिक प्रोजेक्ट्स पर आधारित था। अधिकारी चुप, मंत्री ने जवाब नहीं दिया CM की नाराजगी और मंत्री के एक्शन के बाद से सभी विभाग के सभी अधिकारी चुप हैं। कोई कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। इस मामले में मंत्री विपुल गोयल के मोबाइल नंबर 98110***** पर कॉल की, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। इसके बाद उन्हें मैसेज छोड़ा गया, लेकिन उन्होंने इसका भी जवाब नहीं दिया। अब जानिए क्या है स्वच्छ भारत मिशन…. 2 अक्टूबर 2014 को शुरुआत हुई स्वच्छ भारत मिशन भारत सरकार की एक प्रमुख राष्ट्रीय योजना है, जिसकी शुरुआत 2 अक्टूबर 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर की थी। इस अभियान का उद्देश्य देश को स्वच्छ बनाना, खुले में शौच की प्रथा को खत्म करना और लोगों में स्वच्छता को लेकर व्यवहार में बदलाव लाना था। हर घर में शौचालय बनाने का लक्ष्य इस मिशन के तहत गांवों और शहरों में बड़े पैमाने पर शौचालयों का निर्माण किया गया और सफाई को जनआंदोलन का रूप देने की कोशिश की गई। स्वच्छ भारत मिशन का मुख्य लक्ष्य हर घर में शौचालय उपलब्ध कराना और उनका नियमित उपयोग सुनिश्चित करना रहा। इसके अलावा, कचरे को ठीक से संभालने, गीले और सूखे कचरे को अलग करने, और कचरे को वैज्ञानिक तरीके से ठिकाने लगाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
₹100 करोड़ बजट न खर्चने पर 20 अफसर चार्जशीट:हरियाणा में स्वच्छ भारत मिशन के लिए आया पैसा, CM को जवाब नहीं दे पाए अधिकारी


