बोबिल समाधान शिविर में अधिकारी-कर्मी अनुपस्थित:जिले से निरीक्षण को कोई नहीं पहुंचा, 19 में से कई विभाग रहे गैरहाजिर

बोबिल समाधान शिविर में अधिकारी-कर्मी अनुपस्थित:जिले से निरीक्षण को कोई नहीं पहुंचा, 19 में से कई विभाग रहे गैरहाजिर

खगरिया जिले के बेलदौर प्रखंड की बोबिल पंचायत के सरकार भवन में जन समाधान शिविर का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना था। शिविर में कुल 19 विभागों के पदाधिकारियों और कर्मियों को उपस्थित रहना था, लेकिन कई विभागों के कर्मी अनुपस्थित पाए गए। जिले से भी कोई अधिकारी शिविर का निरीक्षण करने नहीं पहुंचा। अनुपस्थित विभागों में राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य, पीएचईडी, जिला बाल संरक्षण इकाई, अल्पसंख्यक विभाग, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग और सहकारिता विभाग प्रमुख थे। लोक स्वास्थ्य मंडल, अल्पसंख्यक विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, सहकारिता विभाग, आईसीडीएस विभाग और पंचायती राज विभाग से एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ। 301 आवेदन आए, 50 मामलों का निष्पादन पंचायती राज पदाधिकारी प्रमोद कुमार पासवान ने जानकारी दी कि शिविर में कुल 301 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 50 मामलों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया। सर्वाधिक 120 आवेदन श्रम संसाधन विभाग से संबंधित थे, जबकि कृषि विभाग से 10 आवेदन मिले। इन सभी का शिविर में ही समाधान किया गया। मनरेगा के 15 आवेदनों में से 5 और कल्याण विभाग के 14 आवेदनों में से 4 का निष्पादन किया गया। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को 2 आवेदन प्राप्त हुए। जीविका और स्वच्छता से संबंधित कोई आवेदन नहीं मिला। शेष 236 लंबित आवेदनों के निष्पादन के लिए संबंधित विभागों के पदाधिकारी और कर्मी कार्यरत हैं। अधिकारियों ने एक पखवाड़े के भीतर सभी लंबित आवेदनों का समाधान करने का आश्वासन दिया है। शिविर में पंचायती राज पदाधिकारी प्रमोद कुमार पासवान, मुखिया संगीता कुमारी, उप मुखिया मिथिलेश कुमार, पंसस प्रतिनिधि मनोज रजक, सरपंच प्रतिनिधि राज कुमार मिश्र, पंचायत सेवक रंजन राम, कार्यपालक विनोद और रविन्द्र कुमार, पीआरएस मुकेश कुमार, आवास सहायक विकास कुमार, किसान सलाहकार बिनोद पासवान, विद्युत कर्मी मनोहर कुमार और जीविका कर्मी उपस्थित थे। ग्रामीणों ने बताया कि जिले से किसी अधिकारी के निरीक्षण में न पहुंचने के कारण कई कर्मी अनुपस्थित रहे, जिससे लोगों को बिना काम के लौटना पड़ा। खगरिया जिले के बेलदौर प्रखंड की बोबिल पंचायत के सरकार भवन में जन समाधान शिविर का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना था। शिविर में कुल 19 विभागों के पदाधिकारियों और कर्मियों को उपस्थित रहना था, लेकिन कई विभागों के कर्मी अनुपस्थित पाए गए। जिले से भी कोई अधिकारी शिविर का निरीक्षण करने नहीं पहुंचा। अनुपस्थित विभागों में राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य, पीएचईडी, जिला बाल संरक्षण इकाई, अल्पसंख्यक विभाग, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग और सहकारिता विभाग प्रमुख थे। लोक स्वास्थ्य मंडल, अल्पसंख्यक विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, सहकारिता विभाग, आईसीडीएस विभाग और पंचायती राज विभाग से एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ। 301 आवेदन आए, 50 मामलों का निष्पादन पंचायती राज पदाधिकारी प्रमोद कुमार पासवान ने जानकारी दी कि शिविर में कुल 301 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 50 मामलों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया। सर्वाधिक 120 आवेदन श्रम संसाधन विभाग से संबंधित थे, जबकि कृषि विभाग से 10 आवेदन मिले। इन सभी का शिविर में ही समाधान किया गया। मनरेगा के 15 आवेदनों में से 5 और कल्याण विभाग के 14 आवेदनों में से 4 का निष्पादन किया गया। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को 2 आवेदन प्राप्त हुए। जीविका और स्वच्छता से संबंधित कोई आवेदन नहीं मिला। शेष 236 लंबित आवेदनों के निष्पादन के लिए संबंधित विभागों के पदाधिकारी और कर्मी कार्यरत हैं। अधिकारियों ने एक पखवाड़े के भीतर सभी लंबित आवेदनों का समाधान करने का आश्वासन दिया है। शिविर में पंचायती राज पदाधिकारी प्रमोद कुमार पासवान, मुखिया संगीता कुमारी, उप मुखिया मिथिलेश कुमार, पंसस प्रतिनिधि मनोज रजक, सरपंच प्रतिनिधि राज कुमार मिश्र, पंचायत सेवक रंजन राम, कार्यपालक विनोद और रविन्द्र कुमार, पीआरएस मुकेश कुमार, आवास सहायक विकास कुमार, किसान सलाहकार बिनोद पासवान, विद्युत कर्मी मनोहर कुमार और जीविका कर्मी उपस्थित थे। ग्रामीणों ने बताया कि जिले से किसी अधिकारी के निरीक्षण में न पहुंचने के कारण कई कर्मी अनुपस्थित रहे, जिससे लोगों को बिना काम के लौटना पड़ा।  

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