बिहार सरकार की ‘सात निश्चय-3’ योजना के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान (Ease of Living)’ के तहत आज कटिहार के जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने जनता दरबार का आयोजन किया।
समाहरणालय सभागार में आयोजित इस दरबार में उन्होंने आवेदकों से सीधे मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों से कुल 26 आवेदकों ने अपनी शिकायतें प्रस्तुत कीं। इनमें सर्वाधिक 12 मामले राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से संबंधित थे। इन मामलों में मुख्य रूप से भूमि मापी, मुआवजा वितरण, अतिक्रमण मुक्ति, भूदान, नामांतरण, वासगीत पर्चा जारी करने और ए०सी०पी० का लाभ दिलाने जैसी समस्याएं शामिल थीं। राजस्व के अलावा, अन्य मामले विभिन्न विभागों से जुड़े थे, जिनमें अनुमंडल पदाधिकारी (03), जिला शिक्षा पदाधिकारी (02), जिला भूमि अधिग्रहण पदाधिकारी (01), डीसीएलआर (06), डीएफओ (01) और अपर समाहर्ता आपदा (01) से संबंधित शिकायतें थीं। सुनवाई के दौरान, जिला पदाधिकारी ने कुछ आवेदकों की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया। शेष मामलों के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। जिला पदाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि ‘ईज ऑफ लिविंग’ के तहत प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को जनता दरबार में प्राप्त मामलों का निस्तारण कर, उसी दिन इसकी रिपोर्ट जिला मुख्यालय को भेजी जाए। इस जनता दरबार में अपर समाहर्ता, पीजीआरओ, अनुमंडल प्रभारी पदाधिकारी गोपनीय प्रशाखा सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। बिहार सरकार की ‘सात निश्चय-3’ योजना के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान (Ease of Living)’ के तहत आज कटिहार के जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने जनता दरबार का आयोजन किया।
समाहरणालय सभागार में आयोजित इस दरबार में उन्होंने आवेदकों से सीधे मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों से कुल 26 आवेदकों ने अपनी शिकायतें प्रस्तुत कीं। इनमें सर्वाधिक 12 मामले राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से संबंधित थे। इन मामलों में मुख्य रूप से भूमि मापी, मुआवजा वितरण, अतिक्रमण मुक्ति, भूदान, नामांतरण, वासगीत पर्चा जारी करने और ए०सी०पी० का लाभ दिलाने जैसी समस्याएं शामिल थीं। राजस्व के अलावा, अन्य मामले विभिन्न विभागों से जुड़े थे, जिनमें अनुमंडल पदाधिकारी (03), जिला शिक्षा पदाधिकारी (02), जिला भूमि अधिग्रहण पदाधिकारी (01), डीसीएलआर (06), डीएफओ (01) और अपर समाहर्ता आपदा (01) से संबंधित शिकायतें थीं। सुनवाई के दौरान, जिला पदाधिकारी ने कुछ आवेदकों की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया। शेष मामलों के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। जिला पदाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि ‘ईज ऑफ लिविंग’ के तहत प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को जनता दरबार में प्राप्त मामलों का निस्तारण कर, उसी दिन इसकी रिपोर्ट जिला मुख्यालय को भेजी जाए। इस जनता दरबार में अपर समाहर्ता, पीजीआरओ, अनुमंडल प्रभारी पदाधिकारी गोपनीय प्रशाखा सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।


