प्रयागराज में जिला निर्वाचन कार्यालय में एसआईआर (SIR) को लेकर आयोजित बैठक में हंगामा हो गया। समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं ने जिले के कई बूथों पर बीएलओ के पास से बड़ी संख्या में फार्म-7 मिलने का मुद्दा उठाया। बैठक के दौरान भाजपा पदाधिकारियों की टोका-टोकी से नाराज सपा नेताओं ने बैठक का बहिष्कार कर दिया और बाहर निकलकर ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ के नारे लगाए। यह बैठक कचहरी स्थित संगम सभागार में जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में बुलाई गई थी। उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती पूजा मिश्रा ने एसआईआर की बढ़ी हुई तिथि और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दी। इसके बाद सपा जिलाध्यक्ष अनिल यादव, महानगर अध्यक्ष सैयद इफ्तेखार हुसैन, यमुनापार अध्यक्ष पप्पूलाल निषाद, लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी अमरनाथ मौर्य, प्रदेश सचिव दूधनाथ पटेल और प्रवक्ता दान बहादुर मधुर ने सोराव और करछना क्षेत्र के बूथों पर फार्म-7 की बरामदगी का मुद्दा उठाया।
सपा प्रवक्ता दान बहादुर मधुर ने बताया कि सोराव के बूथ संख्या 37, 38, 39, 40 और भनेमऊ के साथ-साथ करछना के बूथ संख्या 114 व 115 पर बीएलओ के पास से सैकड़ों भरे हुए फार्म-7 मिले हैं। इन फार्मों में नाम काटने वालों के नाम प्रिंटेड थे और सभी फार्म एक जैसे लिफाफों में पाए गए। सपा ने आरोप लगाया कि यह दर्शाता है कि पूरा कार्य एक ही जगह से संचालित किया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन भरे हुए फार्मों में केवल मुस्लिम मतदाताओं के नाम दर्ज थे, जो एक बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है। सपा नेताओं ने दावा किया कि फार्मों पर दर्ज मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने पर संबंधित लोगों ने फार्म भरने से इनकार कर दिया। करछना क्षेत्र के एक बीएलओ, जो भाजपा के बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) भी हैं, ने इस पूरे मामले से खुद को अलग बताते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी को एक पत्र भी लिखा है। सपा नेताओं ने इस मामले को गंभीर बताते हुए दो दिनों के भीतर किसी निष्पक्ष एजेंसी से उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और एसआईआर प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की भी मांग की है।


