सीतापुर में गरजे CM, बोले -‘बंट गए तो कटने के रास्ते खुल जाएंगे’, बांग्लादेश पर कह दी बड़ी बात

सीतापुर में गरजे CM, बोले -‘बंट गए तो कटने के रास्ते खुल जाएंगे’, बांग्लादेश पर कह दी बड़ी बात

सीतापुर : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को सीतापुर स्थित तपोधाम सतगुरु गिरधारी नाथ जी महाराज आश्रम में आयोजित मूर्ति स्थापना दिवस और भव्य भंडारा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सनातन धर्म को भारत की आत्मा और राष्ट्र की मूल शक्ति बताया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐतिहासिक उदाहरणों के माध्यम से कहा कि दुनिया की कई सभ्यताएं समय के साथ समाप्त हो गईं, लेकिन सनातन संस्कृति आज भी अपनी गरिमा और मूल्यों के साथ जीवित है। भारत ने हमेशा ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का संदेश दिया और शरण मांगने वाले हर व्यक्ति को अपनाया।

सीएम योगी ने कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था और आश्रम आधारित सामाजिक व्यवस्था को गहरी चोट पहुंचाई। उन्होंने कहा कि मुगल और अंग्रेज शासकों ने भारत के हस्तशिल्प, किसानों और व्यापार को तबाह कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप आजादी के समय भारत की वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी घटकर मात्र 2 प्रतिशत रह गई थी।

उन्होंने कहा, ‘कुछ लोगों ने उंगली पकड़कर गला दबाने का काम किया। भारत की सहिष्णुता और उदारता का दुरुपयोग किया गया।’ मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 11 वर्षों में भारत ने अपनी खोई हुई आर्थिक और वैश्विक प्रतिष्ठा को फिर से हासिल किया है और आज देश एक उभरती हुई वैश्विक शक्ति बन चुका है।

बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार का मुद्दा

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश में हिंदुओं, विशेषकर दलित हिंदुओं की हत्या और उनके घर जलाए जाने की घटनाओं पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पीड़ित हिंदू होते हैं, तब मानवाधिकार संगठन और बड़े नेता चुप क्यों रहते हैं।

सीएम योगी ने कहा, ‘केवल कुछ हिंदू संगठन और धर्माचार्य ही इन मुद्दों पर आवाज उठा रहे हैं। अगर सनातन कमजोर हुआ, तो देश का अस्तित्व भी संकट में पड़ जाएगा।’

समाज बांटने वालों से रहे सतर्क

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों को जाति, भाषा और क्षेत्र के नाम पर समाज को बांटने वाले तत्वों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि दुश्मन देश की ओर बुरी नजर लगाए बैठे हैं और यदि समाज बंटा, तो नुकसान तय है।

उन्होंने ‘एक रहेंगे तो सुरक्षित रहेंगे’ का संदेश देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति की पहचान ‘समदृष्टि’ है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हमारी परंपरा में पहला ग्रास गाय और अंतिम ग्रास कुत्ते को दिया जाता है। यही समत्व योग और सनातन संस्कृति का मूल भाव है।

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