केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि सोनम वांगचुक बिल्कुल ठीक हालत में हैं। हिरासत में रहते हुए उन्हें AIIMS, जोधपुर में अच्छा इलाज मिल रहा है। वांगचुक के वकील ने कहा कि उनकी हिरासत पर फिर से विचार करने का यह सही समय है क्योंकि वह अभी भी अस्वस्थ हैं। केंद्र की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) केएम नटराज ने बताया कि वांगचुक की हिरासत पर अभी तक कुछ तय नहीं हुआ है। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी.बी. वराले की बेंच वांगचुक की गिरफ्तारी के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है। 11 फरवरी को अगली सुनवाई होगी। दरअसल, 24 सितंबर 2025 को लेह में हुई हिंसा भड़काने के आरोप में 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत 26 वांगचुक को पुलिस ने हिरासत में लिया गया था। तब से वे जोधपुर जेल में हैं। कोर्ट रूम से लाइव… सरकार ने कहा था- वांगचुक लद्दाख को नेपाल-बांग्लादेश बनाना चाहते थे इससे पहले 2 फरवरी को सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि सोनम वांगचुक लद्दाख को नेपाल या बांग्लादेश जैसा बनाना चाहते हैं। ऐसे व्यक्ति को और जहर उगलने की इजाजत नहीं दी जा सकती। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि वांगचुक के भाषण में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा सीधा खतरा दिखता है। जिला मजिस्ट्रेट (DM) ने हालात को देखते हुए गिरफ्तारी का सही फैसला लिया। मेहता ने कहा कि नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे उदाहरण देना, युवाओं को भड़काने और देश की एकता के खिलाफ माहौल बनाने के बराबर है। पूरी खबर पढ़ें… पत्नी गीतांजलि बोली थीं- अधिकारियों ने सही फैसला नहीं किया इससे पहले वांगचुक की पत्नी गीताांजलि अंग्मो ने 12 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि उनके पति को हिरासत में लेने के फैसले में अधिकारियों ने ठीक से सोच-विचार नहीं किया। उन्हें बेकार व गैर-जरूरी बातों के आधार पर नजरबंद किया गया। अंग्मो की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच में दावा किया कि जिन चार वीडियो के आधार पर नजरबंदी की गई वे सोनम वांगचुक को दिए ही नहीं गए। इससे उनका अपना बचाव में सही ढंग से बात रखने का अधिकार छिन गया। वीडियो नहीं देने से वांगचुक का सलाहकार बोर्ड और सरकार के सामने अपनी बात रखने का अधिकार प्रभावित हुआ है। पूरी खबर पढ़ें… ———————– ये खबर भी पढ़ें… सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- वांगचुक बॉर्डर एरिया में लोगों को भड़का रहे थे केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि सोनम वांगचुक को इसलिए हिरासत में लिया गया, क्योंकि वे पाकिस्तान और चीन से सटे संवेदनशील बॉर्डर इलाके में लोगों को भड़का रहे थे। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी.बी. वराले की बेंच लद्दाख हिंसा से जुड़े मामले में वांगचुक की गिरफ्तारी के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। पूरी खबर पढ़ें…
सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया- वांगचुक बिल्कुल ठीक:AIIMS में अच्छा इलाज मिल रहा; वांगचुक के वकील ने हिरासत पर विचार करने को कहा


