विधानसभा में सिमरिया गंगा घाट की सुरक्षा पर उठा सवाल:तेघड़ा विधायक रजनीश कुमार ने की स्थायी पुलिस चौकी की मांग, गृह मंत्री ने दिया आश्वासन

विधानसभा में सिमरिया गंगा घाट की सुरक्षा पर उठा सवाल:तेघड़ा विधायक रजनीश कुमार ने की स्थायी पुलिस चौकी की मांग, गृह मंत्री ने दिया आश्वासन

बिहार के प्रसिद्ध गंगा घाट सिमरिया में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर आज विधानसभा में आवाज उठी। तेघड़ा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक रजनीश कुमार ने सदन के माध्यम से सरकार का ध्यान सिमरिया घाट पर होने वाली आपराधिक घटनाओं की ओर आकर्षित किया है। उन्होंने कहा है कि सिमरिया न केवल धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि भविष्य में पर्यटन के एक बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा है। ऐसे में वहां श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए स्थायी पुलिस चौकी की स्थापना अत्यंत आवश्यक है। जवाब में गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने साकारात्मक पहल का आश्वासन दिया है। विधायक रजनीश कुमार ने सदन में सवाल उठाते हुए कहा कि सिमरिया गंगा घाट पर सालों भर गंगा स्नान, मुंडन संस्कार और अन्य धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए प्रतिदिन हजारों लोग आते हैं। विशेषकर मिथिलांचल के दरभंगा, मधुबनी और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। सरकार ने पिछले पांच वर्षों में वहां कम घटनाएं होने की बात कही गई। जबकि वास्तविकता यह है कि वहां छिनतई और अन्य छोटी-मोटी घटनाएं प्रतिदिन होती हैं। लोग लगातार घटनाओं के शिकार हो रहे हैं। लेकिन जो श्रद्धालु दूर-दराज से आते हैं, वह घटना हो जाने के बाद थानों के चक्कर काटने के बदले मायूस होकर चुपचाप घर लौट जाते हैं। इसी कारण सरकारी रिकॉर्ड में अपराध का आंकड़ा कम दिखता है। विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार ने सिमरिया घाट पर करोड़ों की लागत से बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है। रिवर फ्रंट का विकास होने से यहां पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा होने वाला है। न केवल श्रद्धालुओं की सुरक्षा, बल्कि सरकार द्वारा विकसित की गई संपत्तियों की सुरक्षा के लिए भी वहां 24 घंटे पुलिस की मौजूदगी जरूरी है। सरकार का जवाब- चकिया थाना पास, लेकिन विचार करेंगे विधायक की मांग पर सरकार की ओर से उप मुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने इसका जवाब दिया। उन्होंने सदन को बताया कि सिमरिया धाम से चकिया थाना की दूरी मात्र 2 किलोमीटर है और वहां पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम लगभग 7 मिनट है। फिलहाल सिमरिया में 2 पदाधिकारी और 8 जवान का पुलिस बल पहले से प्रतिनियुक्त रहता है। हालांकि विधायक रजनीश कुमार के सवाल की गंभीरता और सिमरिया की सांस्कृतिक महत्ता को देखते हुए उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जवाब के दौरान विधानसभा में आश्वासन दिया है कि सरकार वहां स्थायी पुलिस चौकी की स्थापना पर पुनर्विचार करेगी। सिमरिया सांस्कृतिक धरोहर की धरती है। इस पर विचार करने की जरूरत है। क्यों जरूरी है स्थाई पुलिस चौकी भीड़ नियंत्रण- कार्तिक पूर्णिमा और कुंभ जैसे आयोजनों में यहां लाखों की भीड़ उमड़ती है। त्वरित कार्रवाई- वर्तमान में चकिया थाने पर निर्भरता है, जिसके कारण लगातार अपराध हो रहा है। स्थायी चौकी होने से अपराधी तत्वों में भय रहेगा। महिला सुरक्षा- गंगा स्नान के लिए आने वाली महिलाओं के साथ होने वाली छेड़खानी और छिनतई की घटनाओं पर रोक लगेगी। पर्यटन को बढ़ावा- सुरक्षित माहौल मिलने पर ही सिमरिया एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो पाएगा। बिहार के प्रसिद्ध गंगा घाट सिमरिया में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर आज विधानसभा में आवाज उठी। तेघड़ा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक रजनीश कुमार ने सदन के माध्यम से सरकार का ध्यान सिमरिया घाट पर होने वाली आपराधिक घटनाओं की ओर आकर्षित किया है। उन्होंने कहा है कि सिमरिया न केवल धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि भविष्य में पर्यटन के एक बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा है। ऐसे में वहां श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए स्थायी पुलिस चौकी की स्थापना अत्यंत आवश्यक है। जवाब में गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने साकारात्मक पहल का आश्वासन दिया है। विधायक रजनीश कुमार ने सदन में सवाल उठाते हुए कहा कि सिमरिया गंगा घाट पर सालों भर गंगा स्नान, मुंडन संस्कार और अन्य धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए प्रतिदिन हजारों लोग आते हैं। विशेषकर मिथिलांचल के दरभंगा, मधुबनी और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। सरकार ने पिछले पांच वर्षों में वहां कम घटनाएं होने की बात कही गई। जबकि वास्तविकता यह है कि वहां छिनतई और अन्य छोटी-मोटी घटनाएं प्रतिदिन होती हैं। लोग लगातार घटनाओं के शिकार हो रहे हैं। लेकिन जो श्रद्धालु दूर-दराज से आते हैं, वह घटना हो जाने के बाद थानों के चक्कर काटने के बदले मायूस होकर चुपचाप घर लौट जाते हैं। इसी कारण सरकारी रिकॉर्ड में अपराध का आंकड़ा कम दिखता है। विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार ने सिमरिया घाट पर करोड़ों की लागत से बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है। रिवर फ्रंट का विकास होने से यहां पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा होने वाला है। न केवल श्रद्धालुओं की सुरक्षा, बल्कि सरकार द्वारा विकसित की गई संपत्तियों की सुरक्षा के लिए भी वहां 24 घंटे पुलिस की मौजूदगी जरूरी है। सरकार का जवाब- चकिया थाना पास, लेकिन विचार करेंगे विधायक की मांग पर सरकार की ओर से उप मुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने इसका जवाब दिया। उन्होंने सदन को बताया कि सिमरिया धाम से चकिया थाना की दूरी मात्र 2 किलोमीटर है और वहां पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम लगभग 7 मिनट है। फिलहाल सिमरिया में 2 पदाधिकारी और 8 जवान का पुलिस बल पहले से प्रतिनियुक्त रहता है। हालांकि विधायक रजनीश कुमार के सवाल की गंभीरता और सिमरिया की सांस्कृतिक महत्ता को देखते हुए उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जवाब के दौरान विधानसभा में आश्वासन दिया है कि सरकार वहां स्थायी पुलिस चौकी की स्थापना पर पुनर्विचार करेगी। सिमरिया सांस्कृतिक धरोहर की धरती है। इस पर विचार करने की जरूरत है। क्यों जरूरी है स्थाई पुलिस चौकी भीड़ नियंत्रण- कार्तिक पूर्णिमा और कुंभ जैसे आयोजनों में यहां लाखों की भीड़ उमड़ती है। त्वरित कार्रवाई- वर्तमान में चकिया थाने पर निर्भरता है, जिसके कारण लगातार अपराध हो रहा है। स्थायी चौकी होने से अपराधी तत्वों में भय रहेगा। महिला सुरक्षा- गंगा स्नान के लिए आने वाली महिलाओं के साथ होने वाली छेड़खानी और छिनतई की घटनाओं पर रोक लगेगी। पर्यटन को बढ़ावा- सुरक्षित माहौल मिलने पर ही सिमरिया एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो पाएगा।  

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