Statin Side Effects: कोलेस्ट्रॉल की दवा ले रहे हैं? ये गलती दिल पर भारी पड़ सकती है भारी!

Statin Side Effects: कोलेस्ट्रॉल की दवा ले रहे हैं? ये गलती दिल पर भारी पड़ सकती है भारी!

Statin Side Effects: अगर आपको हाई कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज या दिल से जुड़ी कोई समस्या है, तो मुमकिन है कि डॉक्टर ने आपको स्टैटिन (Statins) दवाओं के बारे में बताया हो या फिर ये दवा शुरू करवाई हो। स्टैटिन दुनिया की सबसे ज्यादा लिखी जाने वाली दवाओं में से एक हैं। ये दवाएं दिल के दौरे और स्ट्रोक के खतरे को कम करने में बहुत असरदार मानी जाती हैं।

लेकिन हर व्यक्ति का शरीर एक जैसा नहीं होता। कुछ लोग इन्हें आसानी से सहन कर लेते हैं, जबकि कुछ लोगों को साइड इफेक्ट्स का सामना करना पड़ता है। यहीं से आता है स्टैटिन टॉलरेंस का सवाल।

स्टैटिन क्या हैं और क्यों दी जाती हैं?

स्टैटिन ऐसी दवाएं हैं जो शरीर में LDL कोलेस्ट्रॉल, यानी खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करती हैं। ये लिवर में बनने वाले कोलेस्ट्रॉल को घटाकर धमनियों में चर्बी जमने से रोकती हैं। इससे दिल की नलियां साफ रहती हैं और हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा कम होता है।डॉक्टर स्टैटिन सिर्फ हाई कोलेस्ट्रॉल वालों को ही नहीं, बल्कि उन लोगों को भी देते हैं जिनमें भविष्य में दिल की बीमारी का खतरा ज्यादा होता है, भले ही उनका कोलेस्ट्रॉल अभी नॉर्मल दिखे।

स्टैटिन टॉलरेंस का मतलब क्या है?

स्टैटिन टॉलरेंस का मतलब है कि आपका शरीर इस दवा को कितनी अच्छी तरह झेल पाता है। अगर कोई व्यक्ति बिना परेशानी के डॉक्टर द्वारा बताई गई खुराक ले पा रहा है, तो उसे स्टैटिन टॉलरेंट माना जाता है। अगर साइड इफेक्ट्स की वजह से दवा बंद करनी पड़े, खुराक कम करनी पड़े या बार-बार दवा बदलनी पड़े, तो इसे स्टैटिन इंटॉलरेंस कहा जाता है।

स्टैटिन से जुड़े आम साइड इफेक्ट्स

सबसे आम शिकायत होती है मांसपेशियों में दर्द, अकड़न, कमजोरी या ऐंठन। ये दर्द अक्सर जांघों, कंधों या पैरों में महसूस होता है।इसके अलावा कुछ लोगों को थकान, सिरदर्द, पेट की परेशानी या लिवर एंजाइम में बदलाव हो सकता है। गंभीर मसल डैमेज बहुत ही कम मामलों में होता है। ध्यान देने वाली बात ये है कि हर मसल पेन स्टैटिन की वजह से नहीं होता। उम्र, एक्सरसाइज, विटामिन D की कमी या दूसरी दवाएं भी वजह हो सकती हैं।

स्टैटिन टॉलरेंस क्यों जरूरी है?

अगर साइड इफेक्ट्स की वजह से आप दवा लेना छोड़ देते हैं या ठीक से नहीं लेते, तो कोलेस्ट्रॉल फिर से बढ़ सकता है। इससे समय के साथ दिल की बीमारी और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। यानी स्टैटिन से मिलने वाला फायदा खत्म हो सकता है।

किन लोगों को परेशानी ज्यादा हो सकती है?

बुजुर्ग लोग, महिलाएं, कम वजन वाले लोग, लिवर या किडनी की बीमारी वाले और एक साथ कई दवाएं लेने वालों में साइड इफेक्ट्स की संभावना ज्यादा होती है।

अगर स्टैटिन सूट न करे तो क्या करें?

बिना डॉक्टर से पूछे दवा बंद न करें। डॉक्टर खुराक कम कर सकते हैं, दूसरी स्टैटिन दे सकते हैं या एक दिन छोड़कर दवा लेने की सलाह दे सकते हैं। अगर जरूरी हो तो स्टैटिन के अलावा दूसरी दवाएं भी दी जा सकती हैं।

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