मैनपुरी में कुर्रा थाना पुलिस पर एक युवक को अवैध हथियार में फंसाकर जेल भेजने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले को लेकर पीड़ित परिवार ग्रामीणों और करणी सेना के साथ कलेक्ट्रेट स्थित तिकोनिया पार्क में धरने पर बैठा है। बड़ी संख्या में ग्रामीण निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। दूदपुर गांव निवासी शिवमंगल सिंह ने बताया कि उनके भाई अर्जुन सिंह को 1 फरवरी को दोपहर करीब 2:35 बजे रमपुरा गांव से कुर्रा थाना पुलिस ने उस समय पकड़ा, जब वह पिता की दवा लेने जा रहा था। गांव वालों ने इसकी सूचना परिजनों को दी। परिजनों ने जब थाने में संपर्क किया, तो थाना प्रभारी ने सोशल मीडिया पर अवैध हथियार की फोटो वायरल होने की बात कही। जिन पुलिसकर्मियों ने अर्जुन को पकड़ा था, उन्होंने भी गिरफ्तारी की पुष्टि की। परिजनों का दावा है कि इसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग उनके पास है। आरोप है कि इसके बाद रात में पुलिस अर्जुन सिंह को गाड़ी में बैठाकर गांव के पास शंकरपुर रोड और खेतों की ओर ले गई। वहां अवैध तमंचे के साथ उसका वीडियो बनाया गया और उसे धमकी भी दी गई। अगले दिन पुलिस ने उसे करहल ले जाकर मेडिकल कराया और बाद में मैनपुरी न्यायालय में अवैध हथियार का चालान पेश कर दिया। परिजनों का कहना है कि हथियार की बरामदगी और मुकदमे की जानकारी उन्हें नहीं दी गई। पेशी से कुछ देर पहले कागजों पर जबरन हस्ताक्षर कराए गए। परिवार का यह भी कहना है कि गांव में पुरानी रंजिश चल रही है। पहले भी विपक्षी लोगों ने फर्जी मेडिकल तैयार कर न्यायालय में पेश किया था, जिसमें अर्जुन सिंह बाल-बाल बचे थे। अब दूसरी बार पुलिस से मिलीभगत कर यह कार्रवाई कराई गई है। परिवार को आशंका है कि भविष्य में फर्जी मुकदमे या किसी बड़ी घटना को अंजाम दिया जा सकता है।


