समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष और कार्यकारी सदस्य फिरोज खान ने संभल में बन रही फिल्म ‘अब्बाजान और भाईजान’ (सम्भल कल्कि) का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने सोमवार को बहजोई कलेक्ट्रेट में अपर जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि फिल्म में संभल के इतिहास को गलत तरीके से दिखाया जा रहा है, जिससे जिले की शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। फिरोज खान ने बताया कि वे जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मिलने पहुंचे थे, लेकिन जिलाधिकारी के व्यस्त होने के कारण उनकी मुलाकात अपर जिलाधिकारी से हुई। उन्होंने कहा कि यह फिल्म वर्ष 1978 से लेकर वर्तमान तक की घटनाओं को दर्शाने का दावा करती है, लेकिन इसका प्रस्तुतीकरण विवादास्पद है। खान ने बताया कि संभल पहले से ही विकास के मामले में पिछड़ा जिला है। उन्होंने नवंबर 2024 में मस्जिद को लेकर हुए विवाद का जिक्र किया, जिसके बाद प्रशासन को शांति बनाए रखने में काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। उनके अनुसार, ऐसी फिल्म से लोगों में फिर से उत्तेजना फैलने का खतरा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संभल को विवाद नहीं, बल्कि विकास की आवश्यकता है, जिसमें रेलवे लाइन, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, युवाओं के लिए रोजगार और किसानों की समस्याओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए। फिरोज खान ने प्रशासन से मांग की कि फिल्म की शूटिंग की अनुमति न दी जाए और न ही ऐसे बाहरी बयानों को बढ़ावा दिया जाए, जिससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है।


