पुलिस पर भीम आर्मी कार्यकर्ताओं को पीटने का आरोप:बिजली पोल पर बिना अनुमति डॉ अंबेडकर का बोर्ड लगाया, चार युवक थाने में

पुलिस पर भीम आर्मी कार्यकर्ताओं को पीटने का आरोप:बिजली पोल पर बिना अनुमति डॉ अंबेडकर का बोर्ड लगाया, चार युवक थाने में

भिंड जिले के फूप कस्बे में बिजली पोल पर बिना अनुमति बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर का बोर्ड लगाए जाने को लेकर रविवार रात तनावपूर्ण स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों की शिकायत पर पुलिस ने मौके से चार युवकों को थाने ले जाकर करीब दो घंटे तक बैठाया, बाद में उन्हें समझाइश देकर छोड़ दिया। घटना के बाद विभिन्न संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। मामला फूप कस्बे की पवैया कॉलोनी, खंडा रोड क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार रविवार देर रात भीम आर्मी से जुड़े कुछ युवक बिजली पोल पर बाबा साहब का होर्डिंग और बोर्ड लगाने पहुंचे थे। यह कार्य बिना किसी अनुमति के किया जा रहा था, जिस पर कॉलोनी के कुछ स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताते हुए पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर फूप थाना पुलिस मौके पर पहुंची और विवेक जाटव, रोशन शाक्य, राहुल दिनकर सहित चार युवकों को थाने लेकर आई। पुलिस ने चारों युवकों को लगभग दो घंटे तक थाने में बैठाकर समझाइश दी। इसी दौरान पवैया कॉलोनी और खंडा क्षेत्र में लगाए गए होर्डिंग हटाए जाने की बात भी सामने आई। इसके बाद सौरभ जाटव समेत एक दर्जन कार्यकर्ता फूप थाने पहुंचे और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सभी युवकों को छोड़ दिया। पुलिसकर्मियों पर कार्यकर्ताओं को पीटने का आरोप
घटना की जानकारी मिलने पर भीम आर्मी के पूर्व पदाधिकारी देशराज धारिया ने पुलिस कार्रवाई पर आपत्ति जताई। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से फूप थाने के घेराव का आह्वान किया। उनका आरोप है कि मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की और बाबा साहब के होर्डिंग व बोर्ड को फाड़ दिया। देशराज धारिया ने कहा कि युवकों को थाने में बैठाकर प्रताड़ित किया गया। इस संबंध में उच्च अधिकारियों से बातचीत की गई है और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जाएगी। अटेर एसडीओपी रविंद्र वास्कले ने बताया कि स्थानीय लोगों ने पुलिस से शिकायत की थी कि लाइट बंद कर बिजली पोल पर बोर्ड लगाए जा रहे हैं। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और संबंधित युवकों को थाने लाया गया। वहां उन्हें समझाइश देकर छोड़ दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थिति पूरी तरह शांत है, किसी तरह की औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई है और कोई विवाद नहीं हुआ है। सवर्ण समाज की आपत्ति
इधर, सवर्ण समाज के विनीत पुरोहित ने भी बिजली पोल पर बोर्ड लगाए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी संपत्ति पर किसी संगठन का अधिकार नहीं होता। गलत तरीके से बोर्ड लगाकर पुलिस-प्रशासन के खिलाफ बयानबाजी करना कानून को हाथ में लेने जैसा है। उन्होंने इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

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