मोतिहारी के पिपरा थाना क्षेत्र स्थित भगवानपुर हाई स्कूल मैदान में 22 फरवरी से श्री श्री 1008 श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इसे लेकर तैयारियां तेजी से चल रही हैं। आयोजन स्थल को भव्य रूप देने के लिए समिति लगातार कार्य कर रही है। महायज्ञ में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन, हरिनाम संकीर्तन और वृंदावन से आए कलाकारों द्वारा रासलीला का विशेष आयोजन होगा। महायज्ञ आयोजन समिति के अध्यक्ष मयंक कुशवाहा ने बताया कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे की भी व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। ”आयोजन समाज में आपसी भाईचारा करते हैं मजबूत” मयंक कुशवाहा ने बताया कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आपसी भाईचारा मजबूत करते हैं और नकारात्मक मानसिकता को दूर करते हैं। उन्होंने कहा कि हवन कुंड से निकलने वाला धुआं वातावरण को शुद्ध कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। 251 देवी-देवताओं की मूर्तियां बनाई जा रही उन्होंने यह भी बताया कि युवा पीढ़ी के सोशल मीडिया पर अत्यधिक व्यस्त रहने और अपनी संस्कृति से दूर होने के कारण पिछले दस वर्षों से लगातार इस महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष महायज्ञ को भव्य बनाने के लिए 251 देवी-देवताओं की मूर्तियां बनाई जा रही हैं, जो मुख्य आकर्षण का केंद्र होंगी। टावर झूले सहित कई प्रकार के खेल और प्रदर्शनी की व्यवस्था बच्चों के मनोरंजन के लिए टावर झूले सहित कई प्रकार के खेल और प्रदर्शनी की व्यवस्था की गई है, जबकि बुजुर्गों के लिए वृंदावन की प्रसिद्ध रासलीला का आयोजन किया गया है। महायज्ञ की शुरुआत 22 फरवरी को 1100 कन्याओं की कलश यात्रा के साथ होगी। इस अवसर पर बिहार सरकार के कई मंत्रियों के शामिल होने की संभावना है। आयोजन को लेकर क्षेत्र के लोगों में उत्साह देखा जा रहा है। इस मौके पर महायज्ञ समिति के सदस्य सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। मोतिहारी के पिपरा थाना क्षेत्र स्थित भगवानपुर हाई स्कूल मैदान में 22 फरवरी से श्री श्री 1008 श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इसे लेकर तैयारियां तेजी से चल रही हैं। आयोजन स्थल को भव्य रूप देने के लिए समिति लगातार कार्य कर रही है। महायज्ञ में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन, हरिनाम संकीर्तन और वृंदावन से आए कलाकारों द्वारा रासलीला का विशेष आयोजन होगा। महायज्ञ आयोजन समिति के अध्यक्ष मयंक कुशवाहा ने बताया कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे की भी व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। ”आयोजन समाज में आपसी भाईचारा करते हैं मजबूत” मयंक कुशवाहा ने बताया कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आपसी भाईचारा मजबूत करते हैं और नकारात्मक मानसिकता को दूर करते हैं। उन्होंने कहा कि हवन कुंड से निकलने वाला धुआं वातावरण को शुद्ध कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। 251 देवी-देवताओं की मूर्तियां बनाई जा रही उन्होंने यह भी बताया कि युवा पीढ़ी के सोशल मीडिया पर अत्यधिक व्यस्त रहने और अपनी संस्कृति से दूर होने के कारण पिछले दस वर्षों से लगातार इस महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष महायज्ञ को भव्य बनाने के लिए 251 देवी-देवताओं की मूर्तियां बनाई जा रही हैं, जो मुख्य आकर्षण का केंद्र होंगी। टावर झूले सहित कई प्रकार के खेल और प्रदर्शनी की व्यवस्था बच्चों के मनोरंजन के लिए टावर झूले सहित कई प्रकार के खेल और प्रदर्शनी की व्यवस्था की गई है, जबकि बुजुर्गों के लिए वृंदावन की प्रसिद्ध रासलीला का आयोजन किया गया है। महायज्ञ की शुरुआत 22 फरवरी को 1100 कन्याओं की कलश यात्रा के साथ होगी। इस अवसर पर बिहार सरकार के कई मंत्रियों के शामिल होने की संभावना है। आयोजन को लेकर क्षेत्र के लोगों में उत्साह देखा जा रहा है। इस मौके पर महायज्ञ समिति के सदस्य सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।


