औरंगाबाद में बनने के तुरंत बाद उखड़ने लगी सड़क:सदीपुर-मलवा रोड निर्माण में अनियमितता; मानकों की अनदेखी और घटिया मटेरियल के इस्तेमाल का आरोप

औरंगाबाद में बनने के तुरंत बाद उखड़ने लगी सड़क:सदीपुर-मलवा रोड निर्माण में अनियमितता; मानकों की अनदेखी और घटिया मटेरियल के इस्तेमाल का आरोप

औरंगाबाद के ओबरा प्रखंड में करीब 5.6 किलोमीटर लंबी सदीपुर-मलवा सड़क का निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही विवादों में घिर गया है। सड़क निर्माण पूरा होने से पहले ही कई जगहों पर उखड़ने लगा है, जिससे गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का खुलेआम इस्तेमाल किया जा रहा है। किसी स्तर पर रोक-टोक नहीं होने के कारण भारी अनियमितता बरती जा रही है। स्थिति यह है कि सड़क एक तरफ से बन रही है और दूसरी तरफ से उखाड़ना शुरू हो हो गया। जबकि आवागमन के लिहाज से यह अत्यंत ही महत्वपूर्ण है। दर्जनों गांव के लोगों का आवागमन इसी सड़क से होकर होता है। जब निर्माण कार्य शुरू हुआ तो ग्रामीणों को लगाकर अब उन्हें जर्जर सड़क से निजात मिलेगी। लेकिन विभागीय अनदेखी के कारण बनने से पहले ही उखाड़ना शुरू हो गया। विधायक से की गई शिकायत जानकारी मिलते ही भीम आर्मी के प्रखंड अध्यक्ष सह ओबरा विधायक के समर्थक राहुल राज मौके पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पाया कि निर्माण में इस्तेमाल मटेरियल अत्यंत निम्न गुणवत्ता का है और मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। सड़क की सतह कमजोर है और हल्के दबाव में ही उखड़ रही है। राहुल राज ने इसे भ्रष्टाचार का स्पष्ट उदाहरण बताते हुए सड़क निर्माण की वीडियो रिकॉर्ड की और ओबरा विधायक डॉ. प्रकाश चंद्रा को भेजकर पूरे मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की। ग्रामीण कार्य विभाग के अधिकारियों ने किया निरीक्षण मामले की गंभीरता को देखते हुए ओबरा विधायक डॉ. प्रकाश चंद्रा ने सड़क निर्माण में बरती जा रही अनियमितताओं की शिकायत वरीय पदाधिकारियों से की। विधायक की शिकायत के बाद हरकत में आए विभाग के वरीय अधिकारी निर्माण स्थल पर पहुंचे और सड़क की गुणवत्ता की जांच की। अधिकारियों की ओर से मौके पर नमूनों की जांच लिए जाने से संबंधित संवेदक और निर्माण एजेंसी में हड़कंप मच गया। संवेदक के खिलाफ कार्रवाई की मांग इधर, सड़क निर्माण में अनियमितता की खबर फैलते ही क्षेत्र के कई समाजसेवी और ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। समाजसेवी कमलेश कुमार विकल, पूर्व प्रधानाध्यापक शंकर ठाकुर, ग्रामीण लाल बहादुर यादव, नीतीश कुमार, पिंटू मेहता, ओम प्रकाश, दीपक ठाकुर और अमृतेश कुमार ने निर्माण कार्य का पुरजोर विरोध किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो घटिया सड़क कुछ ही महीनों में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाएगी, जिससे सरकारी धन की बर्बादी होगी। दोषी संवेदक और संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। सड़क का निर्माण मानक के अनुसार दोबारा कराया जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित और टिकाऊ सड़क की सुविधा मिल सके। औरंगाबाद के ओबरा प्रखंड में करीब 5.6 किलोमीटर लंबी सदीपुर-मलवा सड़क का निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही विवादों में घिर गया है। सड़क निर्माण पूरा होने से पहले ही कई जगहों पर उखड़ने लगा है, जिससे गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का खुलेआम इस्तेमाल किया जा रहा है। किसी स्तर पर रोक-टोक नहीं होने के कारण भारी अनियमितता बरती जा रही है। स्थिति यह है कि सड़क एक तरफ से बन रही है और दूसरी तरफ से उखाड़ना शुरू हो हो गया। जबकि आवागमन के लिहाज से यह अत्यंत ही महत्वपूर्ण है। दर्जनों गांव के लोगों का आवागमन इसी सड़क से होकर होता है। जब निर्माण कार्य शुरू हुआ तो ग्रामीणों को लगाकर अब उन्हें जर्जर सड़क से निजात मिलेगी। लेकिन विभागीय अनदेखी के कारण बनने से पहले ही उखाड़ना शुरू हो गया। विधायक से की गई शिकायत जानकारी मिलते ही भीम आर्मी के प्रखंड अध्यक्ष सह ओबरा विधायक के समर्थक राहुल राज मौके पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पाया कि निर्माण में इस्तेमाल मटेरियल अत्यंत निम्न गुणवत्ता का है और मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। सड़क की सतह कमजोर है और हल्के दबाव में ही उखड़ रही है। राहुल राज ने इसे भ्रष्टाचार का स्पष्ट उदाहरण बताते हुए सड़क निर्माण की वीडियो रिकॉर्ड की और ओबरा विधायक डॉ. प्रकाश चंद्रा को भेजकर पूरे मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की। ग्रामीण कार्य विभाग के अधिकारियों ने किया निरीक्षण मामले की गंभीरता को देखते हुए ओबरा विधायक डॉ. प्रकाश चंद्रा ने सड़क निर्माण में बरती जा रही अनियमितताओं की शिकायत वरीय पदाधिकारियों से की। विधायक की शिकायत के बाद हरकत में आए विभाग के वरीय अधिकारी निर्माण स्थल पर पहुंचे और सड़क की गुणवत्ता की जांच की। अधिकारियों की ओर से मौके पर नमूनों की जांच लिए जाने से संबंधित संवेदक और निर्माण एजेंसी में हड़कंप मच गया। संवेदक के खिलाफ कार्रवाई की मांग इधर, सड़क निर्माण में अनियमितता की खबर फैलते ही क्षेत्र के कई समाजसेवी और ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। समाजसेवी कमलेश कुमार विकल, पूर्व प्रधानाध्यापक शंकर ठाकुर, ग्रामीण लाल बहादुर यादव, नीतीश कुमार, पिंटू मेहता, ओम प्रकाश, दीपक ठाकुर और अमृतेश कुमार ने निर्माण कार्य का पुरजोर विरोध किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो घटिया सड़क कुछ ही महीनों में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाएगी, जिससे सरकारी धन की बर्बादी होगी। दोषी संवेदक और संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। सड़क का निर्माण मानक के अनुसार दोबारा कराया जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित और टिकाऊ सड़क की सुविधा मिल सके।  

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