मुंगेर जिले के धरहरा प्रखंड स्थित गांधी मैदान स्टेडियम परिसर में में बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में 12 फरवरी को प्रस्तावित देशव्यापी आम हड़ताल को सफल बनाना पर चर्चा किया गया। यह हड़ताल 10 केंद्रीय श्रमिक संगठनों द्वारा चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड) और केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों के विरोध में बुलाई गई है। बैठक की अध्यक्षता एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) के प्रखंड प्रभारी कामेश्वर राम ने की। बैठक में उपस्थित रसोइयों ने सर्वसम्मति से 12 फरवरी की देशव्यापी आम हड़ताल में शामिल होने का निर्णय लिया। उन्होंने सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज उठाई और कहा कि रसोइयों का लगातार शोषण हो रहा है। वक्ताओं ने चिंता व्यक्त की कि चार लेबर कोड लागू होने से मजदूरों के अधिकार कमजोर होंगे, जिससे रोजगार और सुरक्षा पर संकट बढ़ सकता है। रसोइयों ने अपनी प्रमुख मांगें भी रखीं। इनमें रसोइयों को चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी का दर्जा देना, 26 हजार रुपये न्यूनतम मासिक मानदेय सुनिश्चित करना, ड्रेस की व्यवस्था सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना और कार्यस्थल पर सम्मानजनक व्यवहार व सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है। इस बैठक में गौरी देवी, शिवरानी देवी, रिंकू देवी, सुनीता देवी, काली देवी और मंगली देवी सहित विभिन्न विद्यालयों की कई रसोइयों ने भाग लिया। युवा संगठन के बिहार राज्य सचिव विकास कुमार, राज्य नेता रविंद्र मंडल, सरपंच जयप्रकाश बिन्ना और सामाजिक कार्यकर्ता फिरदौस आलम भी उपस्थित रहे। बैठक के अंत में, सभी उपस्थित लोगों ने 12 फरवरी की आम हड़ताल को सफल बनाने के लिए गांव-गांव और विद्यालय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक रसोइयों को इस आंदोलन से जोड़ना है। मुंगेर जिले के धरहरा प्रखंड स्थित गांधी मैदान स्टेडियम परिसर में में बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में 12 फरवरी को प्रस्तावित देशव्यापी आम हड़ताल को सफल बनाना पर चर्चा किया गया। यह हड़ताल 10 केंद्रीय श्रमिक संगठनों द्वारा चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड) और केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों के विरोध में बुलाई गई है। बैठक की अध्यक्षता एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) के प्रखंड प्रभारी कामेश्वर राम ने की। बैठक में उपस्थित रसोइयों ने सर्वसम्मति से 12 फरवरी की देशव्यापी आम हड़ताल में शामिल होने का निर्णय लिया। उन्होंने सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज उठाई और कहा कि रसोइयों का लगातार शोषण हो रहा है। वक्ताओं ने चिंता व्यक्त की कि चार लेबर कोड लागू होने से मजदूरों के अधिकार कमजोर होंगे, जिससे रोजगार और सुरक्षा पर संकट बढ़ सकता है। रसोइयों ने अपनी प्रमुख मांगें भी रखीं। इनमें रसोइयों को चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी का दर्जा देना, 26 हजार रुपये न्यूनतम मासिक मानदेय सुनिश्चित करना, ड्रेस की व्यवस्था सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना और कार्यस्थल पर सम्मानजनक व्यवहार व सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है। इस बैठक में गौरी देवी, शिवरानी देवी, रिंकू देवी, सुनीता देवी, काली देवी और मंगली देवी सहित विभिन्न विद्यालयों की कई रसोइयों ने भाग लिया। युवा संगठन के बिहार राज्य सचिव विकास कुमार, राज्य नेता रविंद्र मंडल, सरपंच जयप्रकाश बिन्ना और सामाजिक कार्यकर्ता फिरदौस आलम भी उपस्थित रहे। बैठक के अंत में, सभी उपस्थित लोगों ने 12 फरवरी की आम हड़ताल को सफल बनाने के लिए गांव-गांव और विद्यालय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक रसोइयों को इस आंदोलन से जोड़ना है।


