जमुई सदर अस्पताल में 5 साल बाद सर्जरी शुरू:सिविल सर्जन ने ड्यूटी रोस्टर जारी किया,कहा-दलाल अस्पताल आना बंद करें

जमुई सदर अस्पताल में 5 साल बाद सर्जरी शुरू:सिविल सर्जन ने ड्यूटी रोस्टर जारी किया,कहा-दलाल अस्पताल आना बंद करें

जमुई जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सदर अस्पताल में पिछले पांच वर्षों से लगभग बंद पड़ी सर्जरी सेवा अब फिर से शुरू होने जा रही है। नए सिविल सर्जन अशोक कुमार ने पदभार संभालते ही जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए यह बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने अस्पताल की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए सर्जरी, ओपीडी और इमरजेंसी सेवाओं को मजबूत करने का निर्णय लिया है। सिविल सर्जन ने बताया कि पहले सदर अस्पताल में सर्जरी की सुविधा लगभग बंद थी। डॉक्टर समय पर ड्यूटी पर नहीं आते थे, जिससे गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए पटना या अन्य शहरों में रेफर करना पड़ता था। सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों का प्लास्टर तक नहीं हो पाता था, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी होती थी। अब अस्पताल में नियमित सर्जरी और बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। ऑपरेशन सेवाओं के लिए तीन सर्जनों की ड्यूटी ऑपरेशन सेवाओं की शुरुआत के लिए तीन सर्जनों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा, महिलाओं के ऑपरेशन और आंखों के ऑपरेशन भी शुरू कर दिए गए हैं। कान रोग विशेषज्ञ सप्ताह में चार दिन ओपीडी चलाएंगे। सिविल सर्जन ने जोर देकर कहा कि सदर अस्पताल में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं, बस उन्हें सही तरीके से उपयोग में लाने की आवश्यकता है। सिविल सर्जन ने अस्पताल परिसर में सक्रिय दलालों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि दलाल या तो अस्पताल आना बंद करें या जेल जाने के लिए तैयार रहें। उन्होंने यह भी बताया कि जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) के निर्देश पर दलालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। हाल ही में ड्यूटी से गायब डॉक्टरों और कर्मियों के वेतन काटने का आदेश भी जारी किया गया है। महिला डॉक्टरों को ओपीडी-लेबर रूम ड्यूटी में तैनात नई व्यवस्था के तहत, महिला डॉक्टरों को ओपीडी और लेबर रूम ड्यूटी के लिए अलग-अलग शिफ्टों में तैनात किया गया है, ताकि महिला मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सके। वहीं, पुरुष डॉक्टरों को सर्जरी ओटी, आर्थो ओपीडी और आई ओटी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इमरजेंसी विभाग के लिए पूरे सप्ताह 24 घंटे का रोस्टर जारी किया गया है, ताकि गंभीर मरीजों को तुरंत उपचार मिल सके।पांच वर्षों बाद सर्जरी सेवा का पुनः शुरू होना सदर अस्पताल के लिए बड़ी उपलब्धि है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सुधार स्थायी होगा? अब जिले की जनता की निगाहें प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं। जमुई जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सदर अस्पताल में पिछले पांच वर्षों से लगभग बंद पड़ी सर्जरी सेवा अब फिर से शुरू होने जा रही है। नए सिविल सर्जन अशोक कुमार ने पदभार संभालते ही जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए यह बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने अस्पताल की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए सर्जरी, ओपीडी और इमरजेंसी सेवाओं को मजबूत करने का निर्णय लिया है। सिविल सर्जन ने बताया कि पहले सदर अस्पताल में सर्जरी की सुविधा लगभग बंद थी। डॉक्टर समय पर ड्यूटी पर नहीं आते थे, जिससे गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए पटना या अन्य शहरों में रेफर करना पड़ता था। सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों का प्लास्टर तक नहीं हो पाता था, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी होती थी। अब अस्पताल में नियमित सर्जरी और बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। ऑपरेशन सेवाओं के लिए तीन सर्जनों की ड्यूटी ऑपरेशन सेवाओं की शुरुआत के लिए तीन सर्जनों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा, महिलाओं के ऑपरेशन और आंखों के ऑपरेशन भी शुरू कर दिए गए हैं। कान रोग विशेषज्ञ सप्ताह में चार दिन ओपीडी चलाएंगे। सिविल सर्जन ने जोर देकर कहा कि सदर अस्पताल में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं, बस उन्हें सही तरीके से उपयोग में लाने की आवश्यकता है। सिविल सर्जन ने अस्पताल परिसर में सक्रिय दलालों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि दलाल या तो अस्पताल आना बंद करें या जेल जाने के लिए तैयार रहें। उन्होंने यह भी बताया कि जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) के निर्देश पर दलालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। हाल ही में ड्यूटी से गायब डॉक्टरों और कर्मियों के वेतन काटने का आदेश भी जारी किया गया है। महिला डॉक्टरों को ओपीडी-लेबर रूम ड्यूटी में तैनात नई व्यवस्था के तहत, महिला डॉक्टरों को ओपीडी और लेबर रूम ड्यूटी के लिए अलग-अलग शिफ्टों में तैनात किया गया है, ताकि महिला मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सके। वहीं, पुरुष डॉक्टरों को सर्जरी ओटी, आर्थो ओपीडी और आई ओटी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इमरजेंसी विभाग के लिए पूरे सप्ताह 24 घंटे का रोस्टर जारी किया गया है, ताकि गंभीर मरीजों को तुरंत उपचार मिल सके।पांच वर्षों बाद सर्जरी सेवा का पुनः शुरू होना सदर अस्पताल के लिए बड़ी उपलब्धि है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सुधार स्थायी होगा? अब जिले की जनता की निगाहें प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।  

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