संभल के ‘नेजा मेला’ के आयोजन की अनुमति के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। इस मामले में हाईकोर्ट की एकल पीठ कल 9 फरवरी को सुनवाई करेगी। यह याचिका प्रशासन द्वारा मेले की अनुमति न दिए जाने के बाद दायर की गई है। पिछली सुनवाई में 29 जनवरी को राज्य सरकार के अधिवक्ता ने अपना जवाब दाखिल किया था। इसके बाद, मेला कमेटी के अधिवक्ता ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा था। यह मेला संभल नगर पालिका परिषद के खेल मैदान में आयोजित होता है। प्रशासन ने वर्ष 2025 के लिए नेजा मेले की अनुमति नहीं दी है, जबकि वर्ष 2024 में मेला नहीं लगा था और 2023 में सद्भावना मेले का आयोजन हुआ था। संभल निवासी अधिवक्ता खुर्शीद अहमद, जो इस याचिका के कानूनी सलाहकार हैं, ने बताया कि उनकी याचिका का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नगरपालिका द्वारा लगाए गए सभी गेट खुले रहें। उन्होंने 2018 से संभल सिविल कोर्ट में चल रहे एक मुकदमे का भी जिक्र किया, जो आयोजन स्थल के साइड गेट बंद करने के विवाद से संबंधित है। नेजा कमेटी के अध्यक्ष शाहिद मसूदी ने बताया कि उनकी ओर से दायर याचिका पर सरकारी वकील ने आपत्ति जताई है। सरकारी वकील ने तर्क दिया कि 2018 से मेले को लेकर एक मुकदमा चल रहा है। मसूदी ने इस दावे का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि 2018 का वह मुकदमा मेले से संबंधित नहीं था, बल्कि गेटों और दरगाह को लेकर था। मसूदी ने कहा कि अदालत जो भी फैसला करेगी, वह उन्हें स्वीकार्य होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उन्हें और पूरी जनता को अदालत से न्याय मिलेगा। उन्होंने संभल की गंगा-जमुनी तहज़ीब का जिक्र करते हुए बताया कि यह मेला सैयद सालार मसूद गाजी (रहम.) की याद में मनाया जाता है।


