एटीपी चैलेंजर टूर्नामेंट दिल्ली ओपन 2026 की वापसी राष्ट्रीय राजधानी में होने जा रही है, जहां 16 से 22 फरवरी तक DLTA कॉम्प्लेक्स में मुकाबले खेले जाएंगे। इस बार विदेशी खिलाड़ियों की मजबूत मौजूदगी के बीच भारतीय खेमे की अगुवाई सुमित नागल करते नजर आएंगे।मौजूद जानकारी के अनुसार ग्रेट ब्रिटेन के जय क्लार्क इस टूर्नामेंट में विदेशी खिलाड़ियों के मजबूत दल का नेतृत्व करेंगे। वहीं भारत के शीर्ष रैंक वाले एकल खिलाड़ी सुमित नागल सिंगल्स मेन ड्रॉ में सीधे प्रवेश पाने वाले इकलौते भारतीय खिलाड़ी हैं, जिससे घरेलू दर्शकों की उम्मीदें काफी हद तक उन्हीं पर टिकी हुई हैं।गौरतलब है कि सुमित नागल लंबे समय से चैलेंजर सर्किट के नियमित खिलाड़ी रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रतिस्पर्धी टेनिस खेलते आए हैं। नई दिल्ली की परिस्थितियों से परिचित होने का फायदा उठाकर वह इस टूर्नामेंट में गहरी छाप छोड़ने की कोशिश करेंगे, जो उनके करियर के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।दिल्ली ओपन ने बीते वर्षों में मजबूत और संतुलित ड्रॉ के लिए अपनी पहचान बनाई है। यह टूर्नामेंट उन खिलाड़ियों के लिए खास मंच रहा है, जो शीर्ष स्तर में जगह बनाने की दहलीज पर खड़े होते हैं और यहां से उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलती रही है।टूर्नामेंट से पहले दिल्ली लॉन टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष रोहित राजपाल ने इसके महत्व को रेखांकित किया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली ओपन भारतीय टेनिस को अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाता रहा है और घरेलू खिलाड़ियों को अपने ही देश में विश्व स्तरीय खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने का अमूल्य अनुभव देता है। साथ ही दर्शकों को करीब से उच्च स्तर का टेनिस देखने का मौका मिलता है।विदेशी खिलाड़ियों की सूची में जापान के युवा खिलाड़ी रेई सकामोटो, उनके हमवतन रियो नोगुची और कजाखस्तान के बेइबिट झुकायेव भी शामिल हैं, जो एशियाई उपस्थिति को और मजबूत बनाते हैं। यह मिक्स टूर्नामेंट को और प्रतिस्पर्धी बनाने की उम्मीद जगाता है।घरेलू स्तर पर भी युवा खिलाड़ियों के लिए यह टूर्नामेंट प्रेरणास्रोत माना जा रहा है। राजपाल के अनुसार DLTA और देश भर में अभ्यास कर रहे युवा खिलाड़ियों के लिए यह संदेश है कि अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का रास्ता वास्तविक और संभव है।बता दें कि भारतीय युवा खिलाड़ी मानस धमने और करण सिंह 15 फरवरी को होने वाले सिंगल्स क्वालिफायर में उतरेंगे, जिससे टूर्नामेंट में घरेलू दिलचस्पी और बढ़ने वाली है। कुल मिलाकर दिल्ली ओपन 2026 भारतीय टेनिस के लिए एक अहम पड़ाव साबित होने की उम्मीद रखता है।
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