आगरा में दहेज हत्या के एक गंभीर मामले में अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को मिट्टी का तेल डालकर जलाने के मामले में कोर्ट ने पति, सास और ससुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। घटना 13 मई 2019 की है। वादी अशोक कुमार ने आरोप लगाया था कि उसकी 22 वर्षीय बेटी कल्पना को ससुराल पक्ष लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहा था। अतिरिक्त दहेज न मिलने पर पति जुगल किशोर, सास ईश्वरी देवी और ससुर श्याम बिहारी ने मिलकर कल्पना पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। गंभीर रूप से झुलसने के बाद इलाज के दौरान कल्पना की मौत हो गई। मामले की सूचना मिलने पर थाना चित्राहाट पुलिस ने मुकदमा संख्या 45/2019 दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने 15 मई 2019 को आरोपी जुगल किशोर को गिरफ्तार किया, जबकि सास ईश्वरी देवी और ससुर श्याम बिहारी ने बाद में न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। जांच के दौरान पुलिस ने गवाहों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूत सबूत पेश किए, जिसके आधार पर अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी माना। अपर सत्र न्यायाधीश-09, आगरा ने 7 फरवरी 2026 को फैसला सुनाते हुए तीनों दोषियों को आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने कहा कि यह फैसला समाज में कानून व्यवस्था और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए जरूरी है। पुलिस आयुक्त आगरा द्वारा इस मामले की नियमित मॉनिटरिंग की गई, जिससे पीड़िता को न्याय दिलाने में तेजी आई। यह फैसला दहेज जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।


