सुपौल के कुनौली थाना के थानाध्यक्ष रोशन कुमार से जुड़ा वर्दी में रील वायरल होने और कथित रूप से निजी ड्राइवर रखने का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। आठ दिनों तक चली जांच अब पूरी हो चुकी है, लेकिन अब तक किसी ठोस कार्रवाई के अभाव में क्षेत्र में तरह–तरह की चर्चाएं तेज हैं। पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई को लेकर आमजन की निगाहें टिकी हुई हैं। एसपी ने निर्मली के एसडीपीओ को सौंपी जांच मामला सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक शरथ आरएस ने इसकी गंभीरता को देखते हुए निर्मली के एसडीपीओ राजू रंजन कुमार को जांच का जिम्मा सौंपा था। एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि जांच निष्पक्ष, तथ्यपरक और बिना किसी दबाव के की जाए। एसडीपीओ ने बताया कि पूरे मामले की जांच पूरी कर प्रतिवेदन वरीय अधिकारियों को सौंप दिया गया है। “तू तारीख लड़ते रह जेबी, हम जजवे के खरीद लेबो… विवाद की जड़ वह रील है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। वायरल वीडियो में थानाध्यक्ष रोशन कुमार वर्दी में पुलिस वैन के भीतर मोबाइल पर बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि वाहन कथित निजी ड्राइवर राजेश कुमार चला रहा है और वही रील भी बना रहा है। रील के बैकग्राउंड में “तू तारीख लड़ते रह जेबी, हम जजवे के खरीद लेबो…” और “हई जिला के बाहुबली…” जैसे संवाद और गानों का प्रयोग किया गया है, जिसे लेकर लोगों में खासा आक्रोश देखा गया। आरोप है कि थानाध्यक्ष ने एक निजी व्यक्ति को अवैध रूप से ड्राइवर के रूप में रखा था, जो न तो पुलिसकर्मी है और न ही अधिकृत। इसके बावजूद उसे सरकारी पुलिस वाहन चलाते और थाना से जुड़ी गतिविधियों में शामिल देखा गया। वायरल तस्वीरों और वीडियो में दोनों को नेपाल में देखा गया वायरल तस्वीरों और वीडियो में दोनों को नेपाल में एक साथ देखा गया, जिससे सीमावर्ती क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए। कुछ वीडियो में कथित रूप से रुपये की गड्डियों के दृश्य भी सामने आए, जिनकी सत्यता जांच का विषय रही। वहीं, पुलिस अधीक्षक शरथ आरएस ने रविवार को कहा कि जांच रिपोर्ट प्राप्त हो गई है और उसके अवलोकन के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, कार्रवाई को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। सुपौल के कुनौली थाना के थानाध्यक्ष रोशन कुमार से जुड़ा वर्दी में रील वायरल होने और कथित रूप से निजी ड्राइवर रखने का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। आठ दिनों तक चली जांच अब पूरी हो चुकी है, लेकिन अब तक किसी ठोस कार्रवाई के अभाव में क्षेत्र में तरह–तरह की चर्चाएं तेज हैं। पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई को लेकर आमजन की निगाहें टिकी हुई हैं। एसपी ने निर्मली के एसडीपीओ को सौंपी जांच मामला सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक शरथ आरएस ने इसकी गंभीरता को देखते हुए निर्मली के एसडीपीओ राजू रंजन कुमार को जांच का जिम्मा सौंपा था। एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि जांच निष्पक्ष, तथ्यपरक और बिना किसी दबाव के की जाए। एसडीपीओ ने बताया कि पूरे मामले की जांच पूरी कर प्रतिवेदन वरीय अधिकारियों को सौंप दिया गया है। “तू तारीख लड़ते रह जेबी, हम जजवे के खरीद लेबो… विवाद की जड़ वह रील है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। वायरल वीडियो में थानाध्यक्ष रोशन कुमार वर्दी में पुलिस वैन के भीतर मोबाइल पर बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि वाहन कथित निजी ड्राइवर राजेश कुमार चला रहा है और वही रील भी बना रहा है। रील के बैकग्राउंड में “तू तारीख लड़ते रह जेबी, हम जजवे के खरीद लेबो…” और “हई जिला के बाहुबली…” जैसे संवाद और गानों का प्रयोग किया गया है, जिसे लेकर लोगों में खासा आक्रोश देखा गया। आरोप है कि थानाध्यक्ष ने एक निजी व्यक्ति को अवैध रूप से ड्राइवर के रूप में रखा था, जो न तो पुलिसकर्मी है और न ही अधिकृत। इसके बावजूद उसे सरकारी पुलिस वाहन चलाते और थाना से जुड़ी गतिविधियों में शामिल देखा गया। वायरल तस्वीरों और वीडियो में दोनों को नेपाल में देखा गया वायरल तस्वीरों और वीडियो में दोनों को नेपाल में एक साथ देखा गया, जिससे सीमावर्ती क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए। कुछ वीडियो में कथित रूप से रुपये की गड्डियों के दृश्य भी सामने आए, जिनकी सत्यता जांच का विषय रही। वहीं, पुलिस अधीक्षक शरथ आरएस ने रविवार को कहा कि जांच रिपोर्ट प्राप्त हो गई है और उसके अवलोकन के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, कार्रवाई को लेकर सस्पेंस बना हुआ है।


