नागौर। जिले में स्थित पंचायतीराज स्मारक वह ऐतिहासिक स्थल है, जहां से 2 अक्टूबर 1959 को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने भारत में पंचायतीराज व्यवस्था का उद्घाटन किया था। यह स्थान शहर के पुलिस लाइन परिसर में स्थित है, जिसे ‘पंचायतीराज चबूतरा’ भी कहा जाता है।
इस स्थल ने भारत में ग्रामीण स्वशासन की आधारशिला रखी थी। पंचायतीराज का यह ऐतिहासिक आगाज लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदमों में से एक था।
नागौर पंचायतीराज स्मारक के मुख्य विवरण
- उद्घाटन: 2 अक्टूबर 1959 को तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने किया।
- स्थान: नागौर शहर के पुलिस लाइन परिसर में, एक विशेष चबूतरा।
चबूतरे का ऐतिहासिक महत्व
राजस्थान देश का पहला राज्य था जहां से पंचायतीराज की शुरुआत हुई। पंचायतीराज का उद्देश्य महात्मा गांधी के ‘ग्राम स्वराज’ के सपने को साकार करना था।
पंचायतीराज चबूतरे की मौजूदा स्थिति
मौजूदा समय में पंचायतीराज चबूतरा एक ऐतिहासिक स्मारक के रूप में जाना जाता है, लेकिन इसके पूर्ण विकास और संरक्षण की आवश्यकता अक्सर रेखांकित की जाती है।


