गोपालगंज में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) रेगुलेशन 2026 के समर्थन में 9 फरवरी को एक बड़ा आंदोलन शुरू होगा। ‘यूजीसी बचाव संघर्ष मोर्चा’ के बैनर तले ढाई हजार से अधिक समर्थक सड़कों पर उतरेंगे। साथ ही यूजीसी रेगुलेशन 2026 के समर्थन में हुंकार भरेंगे। मोर्चा के सदस्यों कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए इस रेगुलेशन को लागू करना अनिवार्य है। इक्विटी रेगुलेशन 2026 दलित, पिछड़ें और वंचितों के लिए कवच यह मार्च ‘यूजीसी बचाओ’ के नारे के साथ सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित करने के लिए आयोजित किया जा रहा है।मोर्चा के सदस्यों का कहना है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा प्रस्तावित नए नियम विशेष रूप से इक्विटी रेगुलेशन 2026 दलित, पिछड़ें और वंचित वर्ग के छात्रों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह है। कैंपस में जातिगत और पहचान आधारित भेदभाव को रोकने के लिए इक्विटी ऑफिसर और इक्विटी स्क्वाड का गठन स्वागत योग्य कदम है। नए नियमों के तहत संस्थानों को भेदभाव की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करनी होगी, जिससे पारदर्शी शैक्षणिक माहौल बनेगा। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस रेगुलेशन पर लगाए गए अंतरिम रोक से छात्रों में आक्रोश है। संघर्ष मोर्चा की मांग है कि सरकार कानूनी बाधाओं को दूर कर इसे तुरंत प्रभावी बनाए। प्रदर्शनकारी डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को देंगे ज्ञापन संघर्ष मोर्चा के बैनर तले सदस्य गोपालगंज की सड़कों पर उतरकर प्रतिवाद मार्च निकालने की तैयारी में हैं। प्रदर्शनकारियों की योजना जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपी जायेगी। इस मार्च में छात्र, यूजीसी समर्थक संगठनों के प्रतिनिधि, प्रोफेसर, शिक्षाविद और नागरिक समाज के सदस्य शामिल होंगे। आंदोलन को सफल बनाने के लिए मोर्चा के सदस्यों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं और कार्यों का बंटवारा भी किया गया है। माले नेता आजात शत्रु के नेतृत्व में अंबेडकर भवन परिसर में तैयारियों को लेकर चर्चा की गई।प्रदर्शनकारी गोपालगंज शहर के अंबेडकर चौक पर बाबा भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे। इसके बाद शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए मार्च निकालेंगे। छोटी सभाओं के माध्यम से लोगों को शिक्षा नीतियों के प्रति जागरूक करेंगे यह मार्च शहर के मुख्य चौराहों से गुजरते हुए जिला मुख्यालय या कलेक्ट्रेट तक जाएगा, जहाँ जिलाधिकारी पवन कुमार सिंहा को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा। मार्च के दौरान समर्थक यूजीसी के समर्थन में नारेबाजी करेंगे। वे छोटी-छोटी सभाओं के माध्यम से लोगों को शिक्षा नीतियों के प्रति जागरूक भी करेंगे।
इतनी बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस अलर्ट पर है। शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने और शांति बनाए रखने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर पुलिस बल की तैनाती की योजना बनाई गई है। प्राइवेट सेक्टर और मेडिकल में भी लागू होना चाहिए यूजीसी
माले नेता आजात शत्रु ने कहा कि कल के बड़ा जन समूह सड़क पर उतरेंगा और इसके माध्यम से यह मैसेज सरकार को और सुप्रीमो कोर्ट को देना चाहते है कि जनभावना का ख्याल किया किया इसके पहले भी कई तरह के फैसले सुनाये गये आज देश की जनता मांग रही है कि यूजीसी कानून और भी मजबूत होना चाहिए। प्राइवेट सेक्टर में भी मेडिकल में भी लागू होना चाहिए। गोपालगंज में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) रेगुलेशन 2026 के समर्थन में 9 फरवरी को एक बड़ा आंदोलन शुरू होगा। ‘यूजीसी बचाव संघर्ष मोर्चा’ के बैनर तले ढाई हजार से अधिक समर्थक सड़कों पर उतरेंगे। साथ ही यूजीसी रेगुलेशन 2026 के समर्थन में हुंकार भरेंगे। मोर्चा के सदस्यों कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए इस रेगुलेशन को लागू करना अनिवार्य है। इक्विटी रेगुलेशन 2026 दलित, पिछड़ें और वंचितों के लिए कवच यह मार्च ‘यूजीसी बचाओ’ के नारे के साथ सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित करने के लिए आयोजित किया जा रहा है।मोर्चा के सदस्यों का कहना है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा प्रस्तावित नए नियम विशेष रूप से इक्विटी रेगुलेशन 2026 दलित, पिछड़ें और वंचित वर्ग के छात्रों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह है। कैंपस में जातिगत और पहचान आधारित भेदभाव को रोकने के लिए इक्विटी ऑफिसर और इक्विटी स्क्वाड का गठन स्वागत योग्य कदम है। नए नियमों के तहत संस्थानों को भेदभाव की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करनी होगी, जिससे पारदर्शी शैक्षणिक माहौल बनेगा। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस रेगुलेशन पर लगाए गए अंतरिम रोक से छात्रों में आक्रोश है। संघर्ष मोर्चा की मांग है कि सरकार कानूनी बाधाओं को दूर कर इसे तुरंत प्रभावी बनाए। प्रदर्शनकारी डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को देंगे ज्ञापन संघर्ष मोर्चा के बैनर तले सदस्य गोपालगंज की सड़कों पर उतरकर प्रतिवाद मार्च निकालने की तैयारी में हैं। प्रदर्शनकारियों की योजना जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपी जायेगी। इस मार्च में छात्र, यूजीसी समर्थक संगठनों के प्रतिनिधि, प्रोफेसर, शिक्षाविद और नागरिक समाज के सदस्य शामिल होंगे। आंदोलन को सफल बनाने के लिए मोर्चा के सदस्यों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं और कार्यों का बंटवारा भी किया गया है। माले नेता आजात शत्रु के नेतृत्व में अंबेडकर भवन परिसर में तैयारियों को लेकर चर्चा की गई।प्रदर्शनकारी गोपालगंज शहर के अंबेडकर चौक पर बाबा भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे। इसके बाद शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए मार्च निकालेंगे। छोटी सभाओं के माध्यम से लोगों को शिक्षा नीतियों के प्रति जागरूक करेंगे यह मार्च शहर के मुख्य चौराहों से गुजरते हुए जिला मुख्यालय या कलेक्ट्रेट तक जाएगा, जहाँ जिलाधिकारी पवन कुमार सिंहा को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा। मार्च के दौरान समर्थक यूजीसी के समर्थन में नारेबाजी करेंगे। वे छोटी-छोटी सभाओं के माध्यम से लोगों को शिक्षा नीतियों के प्रति जागरूक भी करेंगे।
इतनी बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस अलर्ट पर है। शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने और शांति बनाए रखने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर पुलिस बल की तैनाती की योजना बनाई गई है। प्राइवेट सेक्टर और मेडिकल में भी लागू होना चाहिए यूजीसी
माले नेता आजात शत्रु ने कहा कि कल के बड़ा जन समूह सड़क पर उतरेंगा और इसके माध्यम से यह मैसेज सरकार को और सुप्रीमो कोर्ट को देना चाहते है कि जनभावना का ख्याल किया किया इसके पहले भी कई तरह के फैसले सुनाये गये आज देश की जनता मांग रही है कि यूजीसी कानून और भी मजबूत होना चाहिए। प्राइवेट सेक्टर में भी मेडिकल में भी लागू होना चाहिए।


