बिहार ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन का 52वां वार्षिक सम्मेलन बोआकॉन 2026 आगामी 13 से 15 फरवरी तक सहरसा के प्रेक्षा गृह में आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन ऑर्थोपेडिक क्षेत्र में तकनीक, शोध और अनुभवों के आदान-प्रदान का अत्यंत महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। शनिवार को राइस मिल कैंपस स्थित होटल परदेसी कार्डो में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयोजन सचिव डॉ. संजय कुमार गुप्ता ने पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि यह सम्मेलन बिहार का प्रतिष्ठित शैक्षणिक मंच है, जहां देशभर से वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ, युवा डॉक्टर्स और स्वास्थ्यकर्मी एक साथ जुटते हैं। 400 से अधिक प्रतिनिधियों ने कराया पंजीकरण आयोजन सचिव ने बताया कि इस वर्ष बोआकॉन 2026 का आयोजन कोशी ऑर्थोपेडिक क्लब द्वारा किया जा रहा है। अब तक देश के विभिन्न राज्यों से 400 से अधिक प्रतिनिधि पंजीकरण करा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह मंच चिकित्सकों के लिए ज्ञानवर्धन के साथ-साथ नई तकनीकों को समझने का एक बड़ा अवसर होगा। ऑर्थोपेडिक क्षेत्र में तेजी से बदलते आधुनिक उपचार के तरीकों पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी। वैज्ञानिक सत्रों में मुख्य व्याख्यान डॉ. गुप्ता ने बताया कि तीन दिनों तक चलने वाले सम्मेलन में कई वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें मुख्य व्याख्यान, पैनल चर्चाएं, शोध पत्र और पोस्टर प्रस्तुतियाँ, लाइव डेमोंस्ट्रेशन शामिल होंगे।
उन्होंने विशेष रूप से बताया कि आर्थ्रोस्कोपी, आर्थ्रोप्लास्टी और ट्रॉमा मैनेजमेंट पर हैंड्स-ऑन वर्कशॉप भी आयोजित की जाएगी। इसमें विशेषज्ञ चिकित्सक युवाओं को तकनीकी कौशल और आधुनिक प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण देंगे। सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियां भी होंगी शामिल कार्यक्रम के ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सम्मेलन सिर्फ शैक्षणिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगा। प्रतिभागियों के लिए सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि आपसी संवाद और सहयोग को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने जिला प्रशासन, सहयोगी संस्थाओं और मीडिया के प्रति आभार जताते हुए सम्मेलन को सफल बनाने में सहयोग की अपील की। युवा चिकित्सकों को मिलेगा बड़ा लाभ डॉ. भुवन सिंह ने कहा कि बोआकॉन 2026 में देशभर के विभिन्न राज्यों से ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ भाग लेंगे और अपने अनुभव साझा करेंगे। इससे खासकर युवा चिकित्सकों को आधुनिक चिकित्सा तकनीकों एवं शोध के रुझानों को समझने में बड़ी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन चिकित्सा जगत में नवाचार और गुणवत्ता सुधार को बढ़ावा देते हैं। आयोजन समिति रही मौजूद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रेजरर मनोज कुमार झा सहित आयोजन समिति के सभी सदस्य मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में कहा कि सहरसा में इतने बड़े स्तर पर ऑर्थोपेडिक सम्मेलन का होना मेडिकल फ्रैटर्निटी के लिए गौरव की बात है और यह कोशी क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है। बिहार ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन का 52वां वार्षिक सम्मेलन बोआकॉन 2026 आगामी 13 से 15 फरवरी तक सहरसा के प्रेक्षा गृह में आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन ऑर्थोपेडिक क्षेत्र में तकनीक, शोध और अनुभवों के आदान-प्रदान का अत्यंत महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। शनिवार को राइस मिल कैंपस स्थित होटल परदेसी कार्डो में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयोजन सचिव डॉ. संजय कुमार गुप्ता ने पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि यह सम्मेलन बिहार का प्रतिष्ठित शैक्षणिक मंच है, जहां देशभर से वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ, युवा डॉक्टर्स और स्वास्थ्यकर्मी एक साथ जुटते हैं। 400 से अधिक प्रतिनिधियों ने कराया पंजीकरण आयोजन सचिव ने बताया कि इस वर्ष बोआकॉन 2026 का आयोजन कोशी ऑर्थोपेडिक क्लब द्वारा किया जा रहा है। अब तक देश के विभिन्न राज्यों से 400 से अधिक प्रतिनिधि पंजीकरण करा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह मंच चिकित्सकों के लिए ज्ञानवर्धन के साथ-साथ नई तकनीकों को समझने का एक बड़ा अवसर होगा। ऑर्थोपेडिक क्षेत्र में तेजी से बदलते आधुनिक उपचार के तरीकों पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी। वैज्ञानिक सत्रों में मुख्य व्याख्यान डॉ. गुप्ता ने बताया कि तीन दिनों तक चलने वाले सम्मेलन में कई वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें मुख्य व्याख्यान, पैनल चर्चाएं, शोध पत्र और पोस्टर प्रस्तुतियाँ, लाइव डेमोंस्ट्रेशन शामिल होंगे।
उन्होंने विशेष रूप से बताया कि आर्थ्रोस्कोपी, आर्थ्रोप्लास्टी और ट्रॉमा मैनेजमेंट पर हैंड्स-ऑन वर्कशॉप भी आयोजित की जाएगी। इसमें विशेषज्ञ चिकित्सक युवाओं को तकनीकी कौशल और आधुनिक प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण देंगे। सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियां भी होंगी शामिल कार्यक्रम के ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सम्मेलन सिर्फ शैक्षणिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगा। प्रतिभागियों के लिए सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि आपसी संवाद और सहयोग को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने जिला प्रशासन, सहयोगी संस्थाओं और मीडिया के प्रति आभार जताते हुए सम्मेलन को सफल बनाने में सहयोग की अपील की। युवा चिकित्सकों को मिलेगा बड़ा लाभ डॉ. भुवन सिंह ने कहा कि बोआकॉन 2026 में देशभर के विभिन्न राज्यों से ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ भाग लेंगे और अपने अनुभव साझा करेंगे। इससे खासकर युवा चिकित्सकों को आधुनिक चिकित्सा तकनीकों एवं शोध के रुझानों को समझने में बड़ी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन चिकित्सा जगत में नवाचार और गुणवत्ता सुधार को बढ़ावा देते हैं। आयोजन समिति रही मौजूद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रेजरर मनोज कुमार झा सहित आयोजन समिति के सभी सदस्य मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में कहा कि सहरसा में इतने बड़े स्तर पर ऑर्थोपेडिक सम्मेलन का होना मेडिकल फ्रैटर्निटी के लिए गौरव की बात है और यह कोशी क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है।


